"मेरी बड़े नेताओं से पहचान है, रहना मुश्किल कर दूंगा": सिंगापुर में नौकरी के नाम पर सीकर के युवक से ठगी, पैसे मांगे तो मिली धमकी
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सीकर: (बलारां) विदेश में मोटी सैलरी और सुनहरे भविष्य का सपना दिखाकर ठगी करने का एक सनसनीखेज मामला सीकर के बलारां थाना इलाके से सामने आया है। यहाँ एक परिचित ने ही बेरोजगार युवक को सिंगापुर के वेयरहाउस में नौकरी दिलाने के नाम पर ₹4.40 लाख का चूना लगा दिया। पीड़ित जब सिंगापुर पहुँचा, तो वहां न नौकरी मिली और न रहने का ठिकाना। अब भारत लौटने पर पैसे मांगने पर आरोपी उसे ऊँची राजनीतिक पहुंच का हवाला देकर जान से मारने की धमकी दे रहा है।
हर महीने 2 लाख सैलरी का दिखाया सपना
मामला बलारां थाना क्षेत्र के खींवासर निवासी हेमंत कुमार से जुड़ा है। हेमंत ने कोर्ट के जरिए दर्ज करवाए मुकदमे में बताया कि अगस्त 2025 में उसके परिचित निशांत कुमार ने उसे फोन कर सिंगापुर के एक वेयरहाउस में नौकरी दिलाने का प्रस्ताव दिया। निशांत ने हेमंत को झांसा दिया कि उसे वहां हर महीने ₹2 लाख सैलरी मिलेगी, लेकिन इसके लिए उसे ₹5 लाख खर्च करने होंगे।
सिंगापुर में अकेला छोड़ा, भूखे रहने की आई नौबत
हेमंत आरोपी की बातों में आ गया और उसने अलग-अलग किस्तों में कुल ₹4.40 लाख निशांत को दे दिए। इसके बाद 3 अक्टूबर 2025 को उसे सिंगापुर बुला लिया गया। लेकिन वहां पहुँचते ही हेमंत के पैर तले जमीन खिसक गई; वहां न तो कोई वेयरहाउस था और न ही कोई काम। आरोपी निशांत कुछ दिन तक हेमंत को टालता रहा और फिर उसे अनजान देश में बेसहारा छोड़कर खुद चुपचाप इंडिया लौट आया।
सिंगापुर में फंसे हेमंत के पास न खाने के पैसे थे और न ही किराया देने की स्थिति। आखिरकार, 4 नवंबर 2025 को परिजनों की मदद से वह जैसे-तैसे वापस भारत लौटा।
"नेताओं से है जान-पहचान, कुछ नहीं बिगाड़ सकते"
पीड़ित हेमंत का आरोप है कि जब उसने भारत लौटकर अपने पैसे वापस मांगे, तो निशांत ने पहले टालमटोल की और फिर साफ मना कर दिया। हेमंत ने बताया कि अब निशांत और उसके पिता उसे और उसके परिवार को डरा-धमका रहे हैं। आरोपी का कहना है कि:
"हमारी बड़े-बड़े नेताओं से अच्छी जान-पहचान है, तुम हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। अगर रिपोर्ट दर्ज करवाई तो यहाँ (गांव में) रहना मुश्किल कर दूंगा।"
पुलिस ने शुरू की जांच
परेशान होकर पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली, जिसके बाद बलारां थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब आरोपी के बैंक ट्रांजेक्शन और कॉल रिकॉर्ड्स खंगाल रही है ताकि इस धोखाधड़ी के पीछे के बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके।