कोटा से 1 करोड़ का सोना चुराकर फरार हुए आरोपियों को पश्चिम बंगाल से किया गिरफ्तार: सुनियोजित साजिश के तहत एक दिन में कारखाने में घुसे और तिजोरी की चाबी चुराई

कोटा के महावीर नगर में एक सोने के कारखाने से 25 जनवरी 2026 को लगभग 761 ग्राम सोना (कीमत करीब 1 करोड़ रुपये) चोरी हो गया था। आरोपी इमरान मलिक फर्जी आधार कार्ड से एक दिन के लिए कारीगर बनकर काम पर लगा और तिजोरी की चाबी चुराकर सोना लेकर फरार हो गया। मुख्य साजिशकर्ता कुरबानी मंडल था। कोटा पुलिस ने 11 दिनों की छापेमारी के बाद पश्चिम बंगाल के हुगली जिले से दोनों को गिरफ्तार किया। आरोपियों को ट्रांजिट वारंट पर कोटा लाया गया है और सोने की बरामदगी के लिए जांच जारी है।

Feb 8, 2026 - 14:23
कोटा से 1 करोड़ का सोना चुराकर फरार हुए आरोपियों को पश्चिम बंगाल से किया गिरफ्तार: सुनियोजित साजिश के तहत एक दिन में कारखाने में घुसे और तिजोरी की चाबी चुराई

कोटा शहर में हाल ही में हुई एक बड़ी सोने की चोरी की वारदात का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। महावीर नगर थाना क्षेत्र के एक सोने के कारखाने से करीब 1 करोड़ रुपये मूल्य का सोना चुराकर फरार होने वाले दो आरोपियों को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की दो टीमें 11 दिनों तक लगातार पश्चिम बंगाल और मुंबई में दबिश देती रहीं, जिसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से ग्रामीण इलाके से दोनों को पकड़ा गया।

घटना का विवरण

25 जनवरी 2026 को महावीर नगर थाने में स्वर्ण कारखाने के मालिक कपिल सोनी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके कारखाने से 761 ग्राम सोना चोरी हो गया है। जांच में पता चला कि आरोपी इमरान मलिक (19 वर्ष) फर्जी आधार कार्ड के जरिए कारखाने में नए कारीगर के रूप में काम पर लगा था। वह मात्र एक दिन काम करने के बाद मौका पाकर तिजोरी की चाबी चुराकर सोना लेकर फरार हो गया। इस चोरी की कुल कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये बताई जा रही है (कुछ रिपोर्टों में इसे 1.25 करोड़ तक आंका गया था, लेकिन पुलिस ने 1 करोड़ के आसपास का उल्लेख किया है)।

सुनियोजित साजिश का खुलासा

पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कबूल किया कि आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने यह सुनियोजित साजिश रची थी। इमरान मलिक को फर्जी दस्तावेजों से कोटा लाकर कारखाने में घुसाया गया, जबकि दूसरा आरोपी कुरबानी मंडल (39 वर्ष) इस पूरी योजना का मास्टरमाइंड था। दोनों पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के निवासी हैं। चोरी के बाद वे भागकर अपने इलाके में छिप गए थे।

पुलिस की कार्रवाई

कोटा पुलिस की दो टीमें चोरी के तुरंत बाद सक्रिय हो गईं। साइबर सेल और महावीर नगर थाना की टीम ने जांच की, जिसमें आरोपियों का पश्चिम बंगाल कनेक्शन सामने आया। 11 दिनों तक लगातार मुंबई और पश्चिम बंगाल में छापेमारी की गई। अंत में हुगली जिले के ग्रामीण क्षेत्र से दोनों को स्थानीय पुलिस की सहायता से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें ट्रांजिट वारंट पर कोटा लाया गया है।

वर्तमान स्थिति

कोटा पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्य उद्देश्य चोरी किए गए सोने की बरामदगी करना है। साथ ही जांच की जा रही है कि क्या आरोपी किसी अन्य अपराध या वारदात में भी शामिल रहे हैं या नहीं। आईपीएस सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने इस सफलता पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि पुलिस की त्वरित और समन्वित कार्रवाई से यह मामला सुलझा है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.