नाकाबंदी तोड़कर भागे तस्कर, 15 किमी पीछा कर पुलिस ने 438 किलो डोडा-पोस्त बरामद: SUV टायर फटने पर छोड़कर खेतों में फरार हो गए, मारवाड़ क्षेत्र में सप्लाई का था प्लान
बालोतरा जिले में पुलिस ने डोडा-पोस्त से लदी स्कॉर्पियो पर 15 किमी तक पीछा कर 438 किलो अवैध डोडा-पोस्त बरामद किया। तस्करों ने नाकाबंदी तोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन SUV का टायर फटने पर वाहन छोड़कर खेतों में फरार हो गए। खेप मेवाड़ से मारवाड़ क्षेत्र में सप्लाई के लिए थी। पुलिस ने वाहन जब्त किया और एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज किया है। तस्कर अब कच्चे रास्तों से तस्करी कर रहे हैं।
बालोतरा जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ राजस्थान पुलिस ने एक बड़ी सफल कार्रवाई की है। पुलिस की सतर्कता और तेज पीछा करने के कारण तस्करों की एक बड़ी खेप पकड़ी गई, हालांकि तस्कर खुद फरार हो गए। घटना में कुल 438 किलोग्राम अवैध डोडा-पोस्त बरामद हुआ है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लाखों रुपये में है। पुलिस ने मौके से इस्तेमाल की गई SUV को भी जब्त कर लिया है और तस्करों की तलाश जारी है।
घटना का विवरण
बालोतरा जिले की डीएसटी (ड्रग्स एंड स्पेशल टास्क फोर्स) टीम, समदड़ी थाना और कल्याणपुर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि डोडा-पोस्त से लदी एक काली रंग की स्कॉर्पियो (SUV) बालोतरा की ओर आ रही है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने बालोतरा-धवा मार्ग पर ढाणी सांखला गांव के पास नाकाबंदी लगा दी।अलसुबह करीब 3:30 बजे रनियादेशीपुरा की ओर से आ रही संदिग्ध SUV को पुलिस ने रुकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने नाकाबंदी को तोड़ते हुए तेजी से भागना शुरू कर दिया। तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए मुख्य सड़क छोड़कर खेतों और कच्चे रास्तों का सहारा लिया।
15 किलोमीटर तक चला रोमांचक पीछा
डीएसटी टीम ने समदड़ी और कल्याणपुर थाना पुलिस के साथ मिलकर संदिग्ध वाहन का पीछा किया। यह पीछा करीब 15 किलोमीटर तक चला, जिसमें पुलिस ने कच्चे रास्तों, खेतों और ग्रामीण इलाकों से होकर तस्करों का पीछा किया। आखिरकार सुरपुरा गांव की सीमा में SUV का अगला टायर फट गया। पकड़े जाने के डर से तस्करों ने वाहन को वहीं छोड़ दिया और अंधेरे का फायदा उठाते हुए खेतों के रास्ते फरार हो गए।
बरामदगी और जांच
मौके पर पहुंची पुलिस ने SUV की तलाशी ली, जिसमें 438 किलोग्राम अवैध डोडा-पोस्त बरामद हुआ। इस खेप को जब्त कर लिया गया है और वाहन को भी कब्जे में ले लिया गया है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह डोडा-पोस्त मेवाड़ क्षेत्र (चित्तौड़गढ़) से लोड करके मारवाड़ इलाके (बालोतरा, बाड़मेर सहित) में सप्लाई करने के लिए लाई जा रही थी।बालोतरा के एसपी रमेश ने बताया कि मामले में समदड़ी थाना में एनडीपीएस एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस एक्ट) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। तस्करों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
तस्करों ने बदले सप्लाई रूट
एसपी रमेश ने खुलासा किया कि पुलिस की लगातार कार्रवाइयों के कारण तस्कर अब अपने पुराने रूट बदल चुके हैं। पहले मोकलसर-सिवाना नेशनल हाईवे उनका मुख्य मार्ग हुआ करता था, लेकिन अब वे पुलिस की निगरानी से बचने के लिए जालोर सीमा पार करने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के कच्चे रास्तों से बालोतरा और बाड़मेर की ओर अवैध मादक पदार्थों की सप्लाई कर रहे हैं। पुलिस इस बदलाव को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति में भी बदलाव कर रही है।