सांवरिया सेठ मंदिर में श्रद्धालुओं और दुकानदारों के बीच हिंसक झड़प,थप्पड़ से शुरू हुआ विवाद, पत्थरबाजी और लाठियों तक पहुंचा.

चित्तौड़गढ़ के सांवरिया सेठ मंदिर में शनिवार को एक गुम बैग ने बड़ा हंगामा खड़ा कर दिया। सवाई माधोपुर से आए श्रद्धालुओं ने दुकानदार पर बैग चोरी का आरोप लगाया, बात बढ़ी तो एक श्रद्धालु ने दुकानदार को थप्पड़ जड़ दिया। गुस्साए दुकानदारों ने लाठियों से हमला किया, तो श्रद्धालुओं ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने पहुंचकर मामला शांत करवाया, लेकिन कोई केस दर्ज नहीं हुआ। रविवार को वायरल वीडियो ने इस घटना को सुर्खियों में ला दिया।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
August 24, 2025 • 4:28 PM  46
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राजस्थान
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सांवरिया सेठ मंदिर में श्रद्धालुओं और दुकानदारों के बीच हिंसक झड़प,थप्पड़ से शुरू हुआ विवाद, पत्थरबाजी और लाठियों तक पहुंचा.
“सांवरिया सेठ मंदिर में श्रद्धालुओं और दुकानदारों के बीच हिंसक झड़प,थप्पड़ से शुरू हुआ विवाद, पत्थरबाजी और लाठियों तक पहुंचा.”
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24 Aug 2025
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सांवरिया सेठ मंदिर में श्रद्धालुओं और दुकानदारों के बीच हिंसक झड़प,थप्पड़ से शुरू हुआ विवाद, पत्थरबाजी और लाठियों तक पहुंचा.

चित्तौड़गढ़, राजस्थान के प्रसिद्ध सांवरिया सेठ मंदिर में को एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जब दर्शन करने आए श्रद्धालुओं और स्थानीय दुकानदारों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद मारपीट और पत्थरबाजी की घटना हुई। यह पूरा मामला एक श्रद्धालु के गुम हुए बैग को लेकर शुरू हुआ, जिसने दुकानदार को थप्पड़ जड़ दिया। जवाब में दुकानदारों ने लाठियों से श्रद्धालुओं पर हमला कर दिया, जिसके बाद स्थिति अनियंत्रित हो गई।

विवाद की शुरुआत: बैग गुम होने से भड़का गुस्सा

मंडफिया थाना क्षेत्र के SHO गोकुल डांगी के अनुसार, सवाई माधोपुर से 10-12 श्रद्धालुओं का एक समूह सांवरिया सेठ मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचा था। अमावस्या के कारण मंदिर परिसर में भारी भीड़ थी और आसपास की दुकानों पर भी श्रद्धालुओं की चहल-पहल थी। इस समूह ने मंदिर में दर्शन से पहले प्रसाद की दुकान चलाने वाले रतन तेली की दुकान पर अपने बैग रखे थे। दर्शन के बाद जब श्रद्धालु बैग लेने लौटे, तो दुकानदार ने उनके बैग लौटा दिए, लेकिन एक बैग नहीं मिला। इस पर श्रद्धालुओं ने दुकानदार से सवाल-जवाब शुरू कर दिए। दुकान पर ग्राहकों की भीड़ होने के कारण रतन तेली ने उन्हें कुछ देर इंतजार करने को कहा। लेकिन, श्रद्धालु नाराज हो गए और दुकानदार पर बैग चोरी का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।

थप्पड़ ने बढ़ाया तनाव, लाठियों और पत्थरों से हमला

विवाद के दौरान गुस्साए एक श्रद्धालु ने दुकानदार रतन तेली को थप्पड़ मार दिया। यह घटना आग में घी का काम कर गई। आसपास के दुकानदारों ने इसे अपने खिलाफ हमला मानकर लाठियां निकाल लीं और श्रद्धालुओं पर हमला बोल दिया। जवाब में श्रद्धालुओं ने सड़क पर पड़े पत्थर उठाए और दुकानदारों पर पथराव शुरू कर दिया। इस हिंसक झड़प ने मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मचा दी। पत्थरबाजी और मारपीट की खबर से माहौल तनावपूर्ण हो गया। आसपास के लोग और अन्य श्रद्धालु स्तब्ध रह गए।

पुलिस ने संभाला मोर्चा, मामला दर्ज नहीं

सूचना मिलते ही मंडफिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत करवाया। SHO गोकुल डांगी ने बताया कि पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने लाकर समझाइश दी और मामला दर्ज करने की बात कही। लेकिन, दोनों पक्षों ने लिखित शिकायत दर्ज कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को जाने दिया। घटना का एक वीडियो रविवार (24 अगस्त 2025) को सामने आया, जिसमें मारपीट और पत्थरबाजी की तस्वीरें साफ दिख रही हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे इस घटना ने व्यापक चर्चा बटोरी है।

सांवरिया सेठ मंदिर: आस्था का केंद्र

चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया में स्थित सांवलिया सेठ मंदिर भगवान कृष्ण को समर्पित एक प्रमुख तीर्थस्थल है। यह मंदिर राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और अन्य राज्यों से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है। मंदिर की भव्य वास्तुकला और धार्मिक महत्व के कारण यहां हर साल करीब एक करोड़ लोग दर्शन के लिए आते हैं। अमावस्या के दिन यहां विशेष रूप से भीड़ रहती है, और दुकानों पर प्रसाद, पूजा सामग्री और अन्य वस्तुओं की बिक्री जोरों पर होती है।

सामाजिक और प्रशासनिक पहलू

यह घटना मंदिर परिसर में बढ़ती भीड़ और प्रबंधन की चुनौतियों को उजागर करती है। मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कॉरिडोर निर्माण और सड़क चौड़ीकरण जैसे कार्य चल रहे हैं। फिर भी, ऐसी घटनाएं मंदिर के शांतिपूर्ण माहौल पर सवाल उठाती हैं।  

 पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया, लेकिन इस घटना ने यह सवाल खड़ा किया है कि मंदिर जैसे पवित्र स्थानों पर ऐसी हिंसक घटनाओं को कैसे रोका जाए। फिलहाल, दोनों पक्षों के बीच सुलह हो चुकी है, लेकिन इस घटना ने स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बना दिया है।

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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