"संविधान बचाओ रैली:पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भजनलाल सरकार और बीजेपी पर साधा निशाना"

जोधपुर के मारवाड़ कन्वेंशन सेंटर में कांग्रेस की "संविधान बचाओ रैली" ने बीजेपी के खिलाफ हल्ला बोल दिया! अशोक गहलोत ने बीजेपी को संविधान का "दुश्मन" बताते हुए भजनलाल शर्मा की डबल इंजन सरकार को नाकाम करार दिया। उन्होंने राहुल गांधी की मणिपुर यात्रा और जातिगत जनगणना की मांग को गर्व से गिनाया,गोविंद सिंह डोटासरा ने भजनलाल को "ट्वीट सिखाने" का तंज मारते हुए सरकार की नाकामियों की पोल खोली। टीकाराम जूली ने तो और जोरदार हमला बोला, कहा- "बीजेपी और आरएसएस संविधान की आत्मा को कुचल रहे हैं,कांग्रेस ने कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर बीजेपी के खिलाफ जंग का ऐलान किया, और संविधान बचाने की मुहिम को जन-जन तक ले जाने का वादा किया।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
June 28, 2025 • 9:09 PM  22
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"संविधान बचाओ रैली:पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भजनलाल सरकार और बीजेपी पर साधा निशाना"
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"संविधान बचाओ रैली:पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भजनलाल सरकार और बीजेपी पर साधा निशाना"

जोधपुर, 28 जून 2025: राजस्थान के जोधपुर में मारवाड़ कन्वेंशन सेंटर में कांग्रेस की "संविधान बचाओ रैली" में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला। इस रैली में कांग्रेस नेताओं ने संविधान पर कथित हमलों, भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार की नाकामियों और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर तीखी आलोचना की। रैली में बीजेपी और आरएसएस पर संविधान को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने इसे जन-जन तक ले जाने का ऐलान किया।

अशोक गहलोत का बीजेपी पर निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने संबोधन में बीजेपी और केंद्र सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत है, लेकिन बीजेपी और आरएसएस इसे कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं। गहलोत ने राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने जातिगत जनगणना की मांग उठाई, जिसे बीजेपी ने पहले खारिज किया, लेकिन अब मजबूरी में स्वीकार करना पड़ा। उन्होंने मणिपुर हिंसा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि राहुल गांधी तीन बार मणिपुर जाकर लोगों से मिले, जबकि बीजेपी इस मुद्दे पर चुप है। गहलोत ने लोकपाल बिल का जिक्र करते हुए बीजेपी पर तंज कसा कि  घोटाले के आरोप लगाने वाली बीजेपी आज इस पर चुप क्यों है? उन्होंने कहा, "बीजेपी सरकार केवल झूठे वादों और प्रचार में व्यस्त है, जबकि देश बेरोजगारी और महंगाई से जूझ रहा है।"

गहलोत ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मतभेद भुलाकर पार्टी को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा, "कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ता ही पार्टी की रीढ़ हैं। हमें एकजुट होकर बीजेपी की संविधान विरोधी नीतियों का मुकाबला करना है।" गहलोत ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी सरकारों ने पिछले 11 सालों में "अघोषित आपातकाल" जैसी स्थिति पैदा की है।

गोविंद सिंह डोटासरा का भजनलाल शर्मा पर हमला

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उनकी डबल इंजन सरकार को नाकाम करार दिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार केवल भाषणबाजी और झूठे वादों तक सीमित है। डोटासरा ने भजनलाल शर्मा को चुनौती देते हुए कहा कि उनकी सरकार ने डेढ़ साल में कोई ठोस काम नहीं किया। उन्होंने तंज कसा, "मुख्यमंत्री पहले ट्वीट करना तो सीख लें, फिर बहस की बात करें।" डोटासरा ने बीजेपी पर संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया और कहा कि आरएसएस-बीजेपी संविधान से समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता और आरक्षण जैसे मूल सिद्धांतों को हटाना चाहते हैं।

डोटासरा ने संगठन को मजबूत करने की बात करते हुए कहा, "पिछले तीन-चार महीनों में हमने संगठन की कमियों को दूर करने का प्रयास किया है। अब हम संविधान बचाओ आंदोलन को जन-जन तक ले जाएंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी के मंत्री किरोड़ी लाल मीणा अपनी ही सरकार को "खोदने" में लगे हैं, लेकिन किसानों को नकली खाद-बीज से हुए नुकसान की भरपाई का कोई जवाब नहीं दे रहे। 

टीकाराम जूली का बीजेपी पर तीखा प्रहार

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बीजेपी और आरएसएस पर संविधान विरोधी रवैये का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "1949 में जब संविधान लागू हुआ, तब आरएसएस ने इसकी प्रतियां जलाने का काम किया। आज भी उनकी सोच नहीं बदली।" जूली ने बीजेपी राज में बाबासाहेब अंबेडकर की मूर्तियों को खंडित करने के मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि यह संविधान की आत्मा पर हमला है। 

" जूली ने संविधान को देश की आत्मा बताते हुए कहा कि बीजेपी इसे कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने भजनलाल शर्मा को खुली बहस की चुनौती दी और कहा, "मुख्यमंत्री स्थान और समय तय करें, मैं तैयार हूं।" जूली ने डबल इंजन सरकार को नाकाम बताते हुए कहा कि गरीबों के लिए किट, बेरोजगारी भत्ता और स्कॉलरशिप जैसे कल्याणकारी कदम बंद हो गए हैं, जो कांग्रेस सरकार में लागू थे। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी के शासन में न तो एसआई भर्ती पर फैसला हो रहा है, न ही आरएएस परीक्षा पर, और नकली खाद-बीज के मामले में कोई सख्त कार्रवाई हो रही है। 

भजनलाल शर्मा और डबल इंजन सरकार की नाकामियां

कांग्रेस नेताओं ने भजनलाल शर्मा के डेढ़ साल के कार्यकाल को नाकामियों से भरा बताया। गहलोत ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने बांसवाड़ा संभाग की सौगात छीनकर जनता को धोखा दिया है। डोटासरा ने कहा कि भजनलाल शर्मा केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं और उनकी सरकार में कोई ठोस फैसले नहीं हो रहे। जूली ने डबल इंजन सरकार की तुलना सिंगल इंजन से करते हुए कहा कि कांग्रेस की सिंगल इंजन सरकार जनता के लिए ज्यादा कारगर थी। नेताओं ने बेरोजगारी, महंगाई, और नकली खाद-बीज जैसे मुद्दों पर बीजेपी सरकार को घेरा और कहा कि मुख्यमंत्री केवल भाषण देने में व्यस्त हैं, जबकि राज्य में ब्यूरोक्रेसी हावी है और योजनाएं ठप पड़ी हैं

बीजेपी की अंदरूनी राजनीति पर भी निशाना 

गहलोत ने बीजेपी में चल रही अंदरूनी खींचतान का जिक्र करते हुए दावा किया कि भजनलाल शर्मा को हटाने की साजिश दिल्ली और राजस्थान में चल रही है। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री को भ्रम में नहीं रहना चाहिए, उनकी कुर्सी खतरे में है।" हालांकि, बीजेपी प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि भजनलाल शर्मा ही मुख्यमंत्री रहेंगे और बीजेपी में रोज-रोज मुख्यमंत्री बदलने की परंपरा नहीं है।

संविधान बचाओ रैली का मकसद

कांग्रेस की इस रैली का मुख्य उद्देश्य बीजेपी और आरएसएस पर संविधान को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए जनता को जागरूक करना था। जिसमें उन्होंने संविधान से "समानता" और "धर्मनिरपेक्षता" जैसे शब्द हटाने की बात कही थी। कांग्रेस ने इसे बाबासाहेब अंबेडकर का अपमान बताते हुए कहा कि ये शब्द संविधान की आत्मा हैं। रैली में कांग्रेस ने अपने आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया और कहा कि यह मुहिम अब घर-घर तक पहुंचेगी। 

रैली में अन्य नेताओं की मौजूदगी

रैली में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, जैसे एआईसीसी राष्ट्रीय सचिव ऋत्विक मकवाना, पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया, विधायक अशोक चांदना और अन्य शामिल थे। बारां में आयोजित एक अन्य रैली में कई बीजेपी नेताओं ने प्रहलाद गुंजल के नेतृत्व में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की, जिसे कांग्रेस ने अपनी ताकत बढ़ने का संकेत बताया।

 जोधपुर में कांग्रेस की "संविधान बचाओ रैली" ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए संविधान, लोकतंत्र और जनहित के मुद्दों को उठाया। गहलोत, डोटासरा और जूली ने भजनलाल शर्मा की डबल इंजन सरकार को नाकाम बताते हुए जनता से एकजुट होकर बीजेपी की नीतियों का विरोध करने की अपील की। यह रैली राजस्थान की सियासत में कांग्रेस के आक्रामक रुख को दर्शाती है, जिससे आने वाले दिनों में राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है।

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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