राजस्थान विधानसभा में हंगामा: राजस्व मंत्री हेमंत मीणा सीधा जवाब नहीं दे पाए, स्पीकर बोले - 'मंत्री के पास जवाब है ही नहीं'

राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक पीतराम सिंह काला ने राजस्व मंत्री हेमंत मीणा से पूछा कि क्या प्रचलित आम रास्तों को राजस्व रिकॉर्ड में 'कटानी रास्ते' के रूप में दर्ज किया जाएगा। मंत्री ने सीधा हां-ना जवाब नहीं दिया, बल्कि नियम-सर्कुलर पढ़ते रहे। स्पीकर ने हस्तक्षेप कर हां या ना में जवाब मांगा, लेकिन मंत्री विस्तार से बताना चाहते थे। इससे कांग्रेस विधायकों ने हंगामा किया, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने तंज कसा। स्पीकर ने कहा 'मंत्री के पास जवाब है ही नहीं' और आगे जवाब दिलवाने का आश्वासन दिया, तब हंगामा शांत हुआ। साथ ही दौसा तहसीलदार के बर्ताव पर विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव की तैयारी।

Feb 4, 2026 - 12:47
राजस्थान विधानसभा में हंगामा: राजस्व मंत्री हेमंत मीणा सीधा जवाब नहीं दे पाए, स्पीकर बोले - 'मंत्री के पास जवाब है ही नहीं'

जयपुर: राजस्थान विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान मंगलवार को एक साधारण लेकिन महत्वपूर्ण सवाल पर राजस्व मंत्री हेमंत मीणा विपक्ष के घेरे में आ गए। कांग्रेस विधायक पीतराम सिंह काला ने प्रचलित (आम इस्तेमाल वाले) रास्तों को राजस्व रिकॉर्ड में कटानी रास्ते के रूप में दर्ज करने या न करने के संबंध में स्पष्ट जवाब मांगा।

मंत्री ने इस सवाल का सीधा हां या ना में जवाब देने के बजाय समय-समय पर जारी सर्कुलर और विभिन्न नियमों का हवाला देते हुए विस्तार से समझाने की कोशिश की। उन्होंने राजस्व और उपनिवेशन नियमों के अलग-अलग होने की बात कही, लेकिन मुख्य मुद्दे पर स्पष्ट स्थिति नहीं बताई कि क्या ऐसे रास्तों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा या नहीं।मंत्री के लंबे-चौड़े जवाब और नियम पढ़ते रहने पर स्पीकर ने हस्तक्षेप करते हुए कहा, "आप हां या नहीं में जवाब दे दीजिए।" मंत्री ने फिर भी विस्तार से जवाब देने की जिद की।

इस पर कांग्रेस विधायकों ने तीखी आपत्ति जताई और सदन में हंगामे की स्थिति बन गई। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि राजस्व मंत्री इतना भी जवाब नहीं दे पा रहे हैं कि राजस्व रिकॉर्ड में कटानी रास्ता दर्ज करेंगे या नहीं।स्पीकर ने फिर से मंत्री से हां-ना में जवाब मांगा और टिप्पणी की, "मंत्री के पास जवाब है ही नहीं।" उन्होंने आश्वासन दिया कि आगे इस पर जवाब दिलवाया जाएगा। स्पीकर के इस आश्वासन के बाद ही हंगामा शांत हुआ।

इस घटना से विधानसभा में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तनाव साफ नजर आया, जहां विपक्ष ने मंत्री की तैयारियों पर सवाल उठाए।इसके अलावा, दौसा से कांग्रेस विधायक दीनदयाल बैरवा ने दौसा तहसीलदार के खराब बर्ताव के मामले में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश करने का नोटिस देने की तैयारी की है। कांग्रेस इस मुद्दे पर तहसीलदार के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने पर विचार कर रही है, जो सदन में एक और विवादास्पद मुद्दा बन सकता है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.