खेल-खेल में हुआ बड़ा हादसा: चॉकलेट समझकर 4 सहेलियों ने खा ली सल्फास

बिहार के जमुई जिले में चार बच्चियों ने खेत से लौटते समय सल्फास की गोली को चॉकलेट समझकर खा लिया।

Jun 1, 2026 - 17:37
खेल-खेल में हुआ बड़ा हादसा: चॉकलेट समझकर 4 सहेलियों ने खा ली सल्फास

बिहार के जमुई जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां मासूम बच्चियों की एक छोटी सी भूल ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। चॉकलेट समझकर सल्फास की गोली खाने से चार सहेलियों की तबीयत बिगड़ गई, जिनमें से एक 12 वर्षीय बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं तीन अन्य बच्चियों का अस्पताल में इलाज जारी है।

यह घटना जमुई जिले के खैरा प्रखंड के गम्हरिया गांव की है। मृतक बच्ची की पहचान संजना कुमारी (12) के रूप में हुई है, जो गांव के उत्क्रमित मध्य विद्यालय में सातवीं कक्षा की छात्रा थी। वहीं भारती कुमारी (13), लवली कुमारी (12) और शबनम कुमारी (11) अस्पताल में भर्ती हैं।

पुलिया पर मिली थी संदिग्ध गोली

परिजनों के अनुसार, शनिवार को चारों सहेलियां खेत में घास काटने गई थीं। काम पूरा करने के बाद वे गांव की एक पुलिया पर बैठी हुई थीं। इसी दौरान उन्हें कागज में लिपटी एक गोली दिखाई दी। बच्चियों ने उसे चॉकलेट समझ लिया और आपस में बांटकर खा लिया।

कुछ देर बाद सभी अपने-अपने घर लौट गईं, लेकिन घर पहुंचने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। बच्चियों को उल्टी, बेचैनी और घबराहट जैसी शिकायतें होने लगीं।

पूछताछ में सामने आया सच

जब परिवार वालों ने बच्चियों से तबीयत खराब होने का कारण पूछा तो उन्होंने पुलिया के पास मिली गोली खाने की बात बताई। इसके बाद परिजन घबरा गए और चारों बच्चियों को तत्काल जमुई सदर अस्पताल लेकर पहुंचे।

अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद बताया कि बच्चियों ने संभवतः सल्फास जैसी जहरीली वस्तु का सेवन किया है। इलाज के दौरान संजना कुमारी की हालत लगातार गंभीर होती चली गई और तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

तीन बच्चियों की हालत स्थिर

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, अन्य तीन बच्चियों को समय रहते उपचार मिल गया, जिससे उनकी स्थिति में सुधार हुआ है। फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

गांव में पसरा मातम

घटना के बाद पूरे गम्हरिया गांव में शोक का माहौल है। एक साथ चार बच्चियों के बीमार पड़ने और एक मासूम की मौत से ग्रामीण स्तब्ध हैं। मृत बच्ची के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं गांव के लोग भी इस दर्दनाक हादसे को लेकर दुखी हैं।

यह घटना बच्चों के बीच जागरूकता की जरूरत को भी उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि खेतों और खुले स्थानों पर पड़ी अज्ञात वस्तुओं या दवाओं को छूने और खाने से बच्चों को बचाने के लिए अभिभावकों को लगातार सतर्कता और जागरूकता बरतनी चाहिए।

Kashish Sain Bringing truth from the ground राजस्थान और देश-दुनिया की ताज़ा, सटीक और भरोसेमंद खबरें सरल और प्रभावी अंदाज़ में प्रस्तुत करना, ताकि हर पाठक तक सही जानकारी समय पर पहुँच सके।