एक साथ उठीं 4 दोस्तों की अर्थियां: रामदेवरा से लौट रही कार बस से टकराई

रामदेवरा दर्शन कर लौट रहे सुमेरपुर क्षेत्र के पांच युवकों की सड़क हादसे में मौत के बाद बापूनगर गांव शोक में डूब गया।

Jun 1, 2026 - 15:51
एक साथ उठीं 4 दोस्तों की अर्थियां: रामदेवरा से लौट रही कार बस से टकराई

पाली जिले के सुमेरपुर उपखंड स्थित बापूनगर गांव में रविवार का दिन मातम और आंसुओं से भरा रहा। रामदेवरा दर्शन कर लौट रहे पांच युवकों की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। गांव की गलियां सूनी हो गईं, अधिकांश दुकानें बंद रहीं और कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले।

रविवार शाम जब युवकों के शव गांव पहुंचे तो परिजनों की चीख-पुकार और विलाप से माहौल गमगीन हो गया। हर आंख नम थी और हर चेहरे पर अपनों को खोने का दर्द साफ दिखाई दे रहा था।

शाम तक शवों का इंतजार करता रहा गांव

रविवार शाम करीब साढ़े पांच बजे तक पूरा गांव शवों के इंतजार में टकटकी लगाए बैठा था। चौपालों, गलियों और घरों के बाहर लोग खामोशी के साथ एंबुलेंस का इंतजार कर रहे थे।

शाम करीब छह बजे पहली एंबुलेंस गांव पहुंची। शव देखते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। कुछ ही देर बाद दूसरी एंबुलेंस भी अन्य युवकों के शव लेकर पहुंची। पूरे गांव में शोक का माहौल और गहरा गया।

इसके बाद अंतिम यात्रा निकाली गई और गांव के श्मशान घाट में चार युवकों का अंतिम संस्कार किया गया। एक अन्य मृतक का अंतिम संस्कार उसके पैतृक क्षेत्र में किया गया।

रामदेवरा दर्शन से लौटते समय हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार शनिवार शाम फलोदी जिले के मंडला कला गांव के पास एक निजी बस और कार के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

कार में सवार सभी युवक पाली जिले के सुमेरपुर क्षेत्र के निवासी थे और रामदेवरा में दर्शन कर वापस अपने घर लौट रहे थे। टक्कर के बाद कार में बैठे लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण पांचों युवकों की जान नहीं बच सकी।

दर्शन यात्रा बनी आखिरी सफर

ग्रामीणों के अनुसार पांचों युवक शनिवार सुबह धार्मिक यात्रा पर निकले थे। पहले उन्होंने मुंडारा माताजी के दर्शन किए और बाद में रामदेवरा जाने का कार्यक्रम बनाया।

यात्रा के दौरान उन्होंने ओम बन्ना धाम में भी दर्शन किए और वहां यादगार तस्वीरें खिंचवाईं। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनकी जिंदगी की आखिरी यात्रा साबित होगी।

परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

हादसे में जान गंवाने वाले युवकों में कई अपने परिवार के मुख्य सहारा थे। किसी के छोटे-छोटे बच्चे हैं तो किसी की पत्नी गर्भवती है। कुछ युवक अविवाहित थे और परिवार के सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत कर रहे थे।

कोई खेती और ट्रैक्टर संचालन का काम करता था, कोई मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था, तो कोई छोटे व्यवसाय और तकनीकी कार्यों से घर चला रहा था। एक ही हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं।

पूरे क्षेत्र में शोक की लहर

हादसे की खबर फैलते ही सुमेरपुर और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार पहुंचे। लोगों ने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवारों को ढांढस बंधाया।

यह हादसा पूरे क्षेत्र के लिए एक ऐसी त्रासदी बन गया, जिसे गांव के लोग लंबे समय तक भूल नहीं पाएंगे।

Kashish Sain Bringing truth from the ground राजस्थान और देश-दुनिया की ताज़ा, सटीक और भरोसेमंद खबरें सरल और प्रभावी अंदाज़ में प्रस्तुत करना, ताकि हर पाठक तक सही जानकारी समय पर पहुँच सके।