एमडी ड्रग्स का 'किंग' गिरफ्तार, 8 साल की मंशा के बाद कोलकाता से पकड़ा गया
राजस्थान पुलिस की ANTF और ATS की संयुक्त टीम ने 8 साल की लंबी खोज के बाद एमडी ड्रग्स के मास्टरमाइंड रमेश विश्नोई उर्फ अनिल को कोलकाता से गिरफ्तार किया। वह राजस्थान के टॉप-10 मोस्ट वांटेड में शामिल था, जिस पर 1 लाख का इनाम था। आरोपी ने 5 राज्यों में नशे का विशाल नेटवर्क फैलाया और राजस्थान में 5 एमडी फैक्ट्रियां लगवाईं। गिरफ्तारी के बाद धोरीमन्ना पुलिस ने मुख्य बाजार में पैदल परेड निकालकर कानून का संदेश दिया। आरोपी पर 31 मुकदमे दर्ज हैं।
धोरीमन्ना (बारमेर, राजस्थान), 17 जनवरी 2026: राजस्थान पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) की संयुक्त टीम ने एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स के बड़े मास्टरमाइंड और राजस्थान के टॉप-10 मोस्ट वांटेड अपराधियों में शामिल रमेश विश्नोई को कोलकाता से गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 'ऑपरेशन विष्णुबाहु' के तहत की गई, जिसमें 8 साल की लंबी खोज के बाद सफलता मिली। गिरफ्तारी की खबर के बाद धोरीमन्ना पुलिस थाने ने मुख्य बाजार से होते हुए कस्बे में पैदल परेड निकाली, ताकि स्थानीय लोगों में कानून का भय और पुलिस की कार्रवाई का संदेश पहुंचे।
परेड का उद्देश्य और दृश्य
धोरीमन्ना पुलिस थाना से शुरू होकर मुख्य बाजार होते हुए कस्बे के प्रमुख इलाकों में पैदल परेड निकाली गई। पुलिसकर्मी सख्त अनुशासन के साथ मार्च करते हुए नजर आए, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। यह परेड आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जीत और नशा तस्करी के खिलाफ सख्त रुख का प्रतीक थी। स्थानीय लोग इस कार्रवाई को देखकर पुलिस की तारीफ कर रहे हैं, क्योंकि रमेश विश्नोई का नाम धोरीमन्ना और आसपास के इलाकों में नशे के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।
रमेश विश्नोई कौन है?
रमेश कुमार उर्फ अनिल उर्फ रामलाल पुत्र सोहनलाल विश्नोई, निवासी नेड़ी नाडी, धोरीमन्ना (बारमेर जिला) का रहने वाला है। मात्र 31 साल की उम्र में उसके खिलाफ अलग-अलग राज्यों में 31 मुकदमे दर्ज हैं। ये मामले मुख्य रूप से एमडी ड्रग्स की तस्करी, फैक्ट्री संचालन, वाहन चोरी, अवैध शराब तस्करी, मारपीट, लूट और उगाही से जुड़े हैं।
नशे का विशाल नेटवर्क: पिछले 8 सालों में उसने राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना सहित कम से कम 5 राज्यों में एमडी ड्रग्स का मजबूत नेटवर्क खड़ा किया था।
फैक्ट्रियां: राजस्थान में ही उसने 5 एमडी फैक्ट्रियां लगवाई थीं, जिनमें से सेड़वा इलाके की फैक्ट्री का वह मुख्य मास्टरमाइंड था। ये फैक्ट्रियां सिंथेटिक ड्रग एमडी (मेफेड्रोन) का बड़े पैमाने पर उत्पादन करती थीं।
इनामी अपराधी: राजस्थान पुलिस ने उसे टॉप-10 मोस्ट वांटेड में शामिल किया हुआ था और उसकी गिरफ्तारी पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
गिरफ्तारी कैसे हुई?
ATS के IG विकास कुमार के निर्देशन में ANTF की टीम ने हुलिया बदलकर (डिस्गाइज में) लंबे समय तक निगरानी की। खुफिया सूचना मिलने पर टीम कोलकाता पहुंची और वहां करीब 10 दिनों तक कैंप किया। आरोपी कोलकाता के न्यू टाउन इलाके में छिपा हुआ था, जहां वह फर्जी पहचान से 'केमिस्ट्री टीचर' और 'केमिकल ट्रेडर' के रूप में रह रहा था। उसने मोबाइल फोन बंद रखे हुए थे और गंगासागर जाने की योजना बना रहा था। पुलिस ने टूर ऑपरेटर से पूछताछ कर सटीक जानकारी जुटाई और जाल बिछाकर उसे गिरफ्तार किया।
पुलिस का बयान
IG विकास कुमार ने बताया कि यह गिरफ्तारी नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता है। आरोपी पिछले कई महीनों से कोलकाता में रहकर नई एमडी फैक्ट्री लगाने की फिराक में था। टीम ने बिना किसी संपर्क के, मोबाइल बंद होने के बावजूद उसका पीछा किया। अब उससे पूछताछ कर नेटवर्क के अन्य सदस्यों और फैक्ट्रियों के बारे में जानकारी ली जा रही है।