राजसमंद में दर्दनाक कार हादसा: एक साल की मासूम जिंदा जली, परिवार को आग से खींचकर निकाला गया
राजस्थान के राजसमंद जिले में आमेट क्षेत्र में 31 दिसंबर 2025 की रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। खाटूश्यामजी से दर्शन कर लौट रहा रेलमगरा निवासी विकास जैन का परिवार कार से जा रहा था, तभी तेज रफ्तार से कार बेकाबू होकर पलट गई और सेकेंडों में आग लग गई। कार में सवार एक साल की मासूम प्रनिधि जैन जिंदा जल गई, जबकि राहगीरों ने जान जोखिम में डालकर विकास जैन, उनकी पत्नी राजेश्वरी, बड़ी बेटी धनिष्ठा (4 साल) और ड्राइवर कालूराम को आग से खींचकर बाहर निकाला। निकालने में करीब एक घंटा लगा। घायलों की हालत गंभीर है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह हादसा नए साल की पूर्व संध्या पर हुआ, जिसने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
राजस्थान के राजसमंद जिले में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसमें तेज रफ्तार कार के पलटने के बाद उसमें आग लग गई। इस भयावह घटना में एक साल की मासूम बच्ची प्रनिधि जैन की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि उसके माता-पिता, बड़ी बहन और ड्राइवर को राहगीरों ने जान जोखिम में डालकर आग के बीच से बाहर निकाला। घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, और उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हादसे की घटना क्रम यह हादसा आमेट थाना क्षेत्र में बुधवार, 31 दिसंबर 2024 की रात करीब 10 बजे हुआ। कार में सवार परिवार खाटूश्यामजी से दर्शन करके लौट रहा था। वे देवगढ़ में देवालय मंदिर में भी रुके थे, और उसके बाद आमेट होते हुए रेलमगरा की ओर जा रहे थे। अचानक कार बेकाबू होकर पलट गई, और सेकेंड्स के अंदर ही उसमें भयंकर आग लग गई।आमेट थाना इंचार्ज ओम सिंह चुंडावत के अनुसार, कार में कुल पांच लोग सवार थे:विकास जैन (32 वर्ष), रेलमगरा निवासी, जो राजसमंद के कुरज गांव में सरकारी स्कूल में क्लर्क हैं।उनकी पत्नी राजेश्वरी जैन।बड़ी बेटी धनिष्ठा (4 वर्ष)।छोटी बेटी प्रनिधि (1 वर्ष)।ड्राइवर कालूराम।कार पलटते ही आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। एक साल की प्रनिधि कार में ही फंस गई और आग की चपेट में आकर उसकी मौत हो गई।
राहगीरों की बहादुरी से बचाई गई जानें स्थानीय लोगों और राहगीरों ने सूझबूझ दिखाते हुए आग के शोलों के बीच कार के दरवाजे तोड़कर विकास जैन, उनकी पत्नी राजेश्वरी, बड़ी बेटी धनिष्ठा और ड्राइवर कालूराम को बाहर खींच लिया। हालांकि, परिवार इतनी बुरी तरह कार में फंसा हुआ था कि उन्हें निकालने में करीब एक घंटा लग गया। इस दौरान छोटी बच्ची को बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।घायलों को तुरंत राजसमंद के आर.के. जिला अस्पताल में रेफर किया गया। घायलों की स्थिति इस प्रकार है:राजेश्वरी जैन के पैर में फ्रैक्चर।विकास जैन की जीभ गंभीर रूप से कट गई।ड्राइवर कालूराम और चार वर्षीय धनिष्ठा की हालत नाजुक बनी हुई है।
हादसे का कारण प्राथमिक जांच में तेज रफ्तार को मुख्य कारण माना जा रहा है। कार अनियंत्रित होकर पलटी, जिसके बाद शॉर्ट सर्किट या ईंधन रिसाव से आग लगी। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।यह हादसा नए साल की पूर्व संध्या पर हुआ, जब परिवार खुशी-खुशी दर्शन करके घर लौट रहा था। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है। ऐसे हादसे सड़क सुरक्षा के महत्व को फिर से रेखांकित करते हैं, खासकर त्योहारों और छुट्टियों के दौरान जब सड़कों पर ट्रैफिक ज्यादा होता है।