गणतंत्र दिवस से पहले जैसलमेर में संदिग्ध मौलवी की गिरफ्तारी: ATS की बड़ी कार्रवाई, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
राजस्थान के जैसलमेर जिले में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के निकट तनोट-किशनगढ़ क्षेत्र के कुरिया बेरी गांव से ATS ने एक संदिग्ध मौलवी को हिरासत में लिया है। गणतंत्र दिवस से पहले खुफिया इनपुट पर हुई इस कार्रवाई में मौलवी को जयपुर ले जाया गया, जहां पूछताछ जारी है। इलाका फील्ड फायरिंग रेंज और तनोट माता मंदिर के पास होने से सुरक्षा एजेंसियां स्लीपर सेल या जासूसी नेटवर्क की आशंका जांच रही हैं। कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
राजस्थान के जैसलमेर जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे संवेदनशील क्षेत्र में एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने एक संदिग्ध मौलवी को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई 26 जनवरी गणतंत्र दिवस से ठीक पहले हुई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। खुफिया इनपुट के आधार पर की गई इस दबिश में मौलवी को तनोट-किशनगढ़ क्षेत्र के कुरिया बेरी गांव से पकड़ा गया। यह इलाका किशनगढ़ फील्ड फायरिंग रेंज और प्रसिद्ध तनोट माता मंदिर के काफी करीब है, जो रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है।
गिरफ्तारी के विवरण; कब और कहां हुई कार्रवाई? शनिवार (3 जनवरी 2026) देर शाम जयपुर से आई ATS टीम ने गांव में छापा मारकर संदिग्ध को घेरा और हिरासत में लिया।
संदिग्ध की पहचान: पकड़ा गया व्यक्ति मूल रूप से बीकानेर का रहने वाला है। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में उसे उत्तर प्रदेश का 45 वर्षीय निवासी बताया गया है। उसका नाम अभी आधिकारिक रूप से सामने नहीं आया है।
पूछताछ का स्थान: मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे सीधे जयपुर ले जाया गया, जहां ATS और अन्य खुफिया एजेंसियां विस्तृत पूछताछ कर रही हैं।
निगरानी का आधार: ATS पिछले कई दिनों से इस मौलवी पर नजर रखे हुई थी। आतंकवादी गतिविधियों या एंटी-नेशनल एक्टिविटी से जुड़े इनपुट मिलने के बाद कार्रवाई की गई।
क्यों बढ़ी सुरक्षा एजेंसियों की चिंता? यह क्षेत्र भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट है और यहां भारतीय सेना की फील्ड फायरिंग रेंज होने से सैन्य गतिविधियां नियमित रूप से होती रहती हैं। ऐसे में किसी संदिग्ध व्यक्ति की मौजूदगी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है। एजेंसियां जांच कर रही हैं कि:क्या यह व्यक्ति किसी 'स्लीपर सेल' (निष्क्रिय आतंकी नेटवर्क) का हिस्सा है?क्या इसका संबंध सीमा पार जासूसी नेटवर्क या पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से है?गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय आयोजन से पहले ऐसी गतिविधियां किसी बड़ी साजिश का संकेत तो नहीं?अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन जांच जारी है।
संबंधित हालिया घटना: तीन दिन पहले पाकिस्तानी घुसपैठिया पकड़ा गया इस गिरफ्तारी से महज तीन-चार दिन पहले (31 दिसंबर 2025) जैसलमेर के ही नाचना क्षेत्र में बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) ने एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को पकड़ा था।घुसपैठिया तारबंदी पार करके भारत में घुस आया था।उसकी पहचान सरगोधा (पाकिस्तान) के निवासी के रूप में हुई।उसके पास पाकिस्तानी मुद्रा और चाकू बरामद हुआ।पूछताछ में वह बार-बार बयान बदल रहा था, जिससे जासूसी का शक गहरा गया।खुफिया एजेंसियां उसे संभावित स्पाई मानकर जांच कर रही थीं, खासकर गणतंत्र दिवस से पहले।ये दोनों घटनाएं जैसलमेर की सीमा पर सुरक्षा की चुनौतियों को उजागर करती हैं। राजस्थान-पाकिस्तान बॉर्डर पर पिछले सालों में कई जासूसी और घुसपैठ के मामले सामने आए हैं, जिसमें स्थानीय लोग भी शामिल पाए गए।
निष्कर्ष गणतंत्र दिवस से पहले ये कार्रवाइयां सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता को दिखाती हैं। हालांकि, जांच प्रारंभिक चरण में है और कोई ठोस सबूत या बड़ा खुलासा अभी नहीं हुआ है। अगर आगे कोई अपडेट आता है, तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मामला बन सकता है। फिलहाल, सीमावर्ती इलाकों में अलर्ट बढ़ा दिया गया है।