SI भर्ती 2021 के पेपर लीक का मुख्य आरोपी जगदीश विश्नोई को हाईकोर्ट से जमानत, कोर्ट ने कहा- अधिकतम 3 साल की सजा, आरोपी पहले से 2 साल से अधिक जेल में

राजस्थान हाईकोर्ट ने एसआई भर्ती-2021 पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी जगदीश विश्नोई को जमानत दे दी है। कोर्ट ने कहा कि आरोपी पर लगे मुख्य आरोपों (सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधन अधिनियम और आईटी एक्ट) में अधिकतम 3 साल की सजा का प्रावधान है, जबकि आरोपी पहले से ही करीब 22 महीने (लगभग 2 साल) जेल में बंद है। मामले में 133 आरोपी और 150 गवाह होने से ट्रायल में देरी की संभावना है। मुख्य सूत्रधार राजेश खंडेलवाल को पहले जमानत मिल चुकी है। जस्टिस चंद्र प्रकाश श्रीमाली की एकलपीठ ने यह आदेश दिया, जिसके बाद जगदीश विश्नोई आज शाम तक जेल से रिहा हो सकते हैं।

Jan 20, 2026 - 12:26
SI भर्ती 2021 के पेपर लीक का मुख्य आरोपी जगदीश विश्नोई को हाईकोर्ट से जमानत, कोर्ट ने कहा- अधिकतम 3 साल की सजा, आरोपी पहले से 2 साल से अधिक जेल में

जयपुर, 20 जनवरी 2026 – राजस्थान हाईकोर्ट ने सब-इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती परीक्षा 2021 के पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी जगदीश विश्नोई को बड़ी राहत देते हुए जमानत मंजूर कर दी है। जस्टिस चंद्र प्रकाश श्रीमाली की एकलपीठ ने जगदीश विश्नोई की दूसरी जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आरोपी पर लगाए गए मुख्य आरोप सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम और आईटी एक्ट के तहत अधिकतम 3 वर्ष की सजा का प्रावधान है।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जगदीश विश्नोई पिछले लगभग 22 महीने (करीब 2 वर्ष) से जेल में बंद है। मामले में कुल 133 आरोपी और लगभग 150 गवाह हैं, जिसके कारण ट्रायल में लंबा समय लगने की संभावना है और चार्जशीट फाइल होने के बाद भी आरोप तय नहीं हुए हैं। ऐसे में आरोपी को अनिश्चितकाल तक हिरासत में रखना उचित नहीं होगा। कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि मुख्य सूत्रधार राजेश खंडेलवाल को पहले ही सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है, इसलिए समानता के आधार पर जगदीश विश्नोई को भी जमानत का लाभ दिया जा रहा है।

जगदीश विश्नोई की ओर से अधिवक्ता सुधीर जैन और प्रिंसिपल सिंह ने पैरवी की। उन्होंने तर्क दिया कि एसओजी ने जांच पूरी कर चालान पेश कर दिया है और आरोपी लंबे समय से जेल में है। सरकारी पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए गैंग बनाकर पेपर लीक करने और अभ्यर्थियों से पैसे लेकर सॉल्व्ड पेपर उपलब्ध कराने के गंभीर आरोप लगाए, लेकिन कोर्ट ने आरोपी की लंबी हिरासत और ट्रायल में देरी को देखते हुए जमानत मंजूर की।

आदेश के बाद जगदीश विश्नोई आज शाम तक जेल से रिहा हो सकते हैं, हालांकि कुछ रिपोर्टों में उल्लेख है कि अन्य मामलों में उनकी स्थिति पर निर्भर करेगा। यह जगदीश विश्नोई की दूसरी जमानत याचिका थी, पहली याचिका पहले खारिज हो चुकी थी।

एकलपीठ के आदेश के खिलाफ खंडपीठ में अपील पर बहस पूरी, फैसला सुरक्षित

एसआई भर्ती-2021 पेपर लीक मामले से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण विकास में, हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एकलपीठ के आदेश के खिलाफ दायर अपीलों पर सुनवाई पूरी कर ली है। एकलपीठ ने भर्ती रद्द करने का आदेश दिया था और आरपीएससी के तत्कालीन चेयरमैन व सदस्यों (जैसे बाबूलाल कटारा और रामू राम राइका) के खिलाफ टिप्पणियां की थीं।

खंडपीठ (एक्टिंग चीफ जस्टिस एसपी शर्मा और जस्टिस संगीता शर्मा) ने राज्य सरकार सहित अन्य पक्षों की अपीलों पर सभी पक्षों की बहस सुन ली है और फैसला सुरक्षित रख लिया है, जो बाद में सुनाया जाएगा।

सुनवाई के दौरान मूल याचिकाकर्ता और अन्य अभ्यर्थियों की ओर से सीनियर एडवोकेट आरपी सिंह और अधिवक्ता हरेन्द्र नील ने तर्क दिया कि आरपीएससी के तत्कालीन सदस्य बाबूलाल कटारा ने परीक्षा से 35 दिन पहले प्रश्न पत्र को दूसरे सदस्य रामू राम राइका को सौंप दिया था। इस मामले में आरपीएससी के सदस्यों की प्रत्यक्ष संलिप्तता का आरोप है और पेपर लीक बड़े पैमाने पर हुआ था, जिसमें कई गैंग शामिल थे।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.