राजस्थान में घने कोहरे का कहर: स्कूल बस और एंबुलेंस की टक्कर में एक की मौत, कई जिलों में विजिबिलिटी शून्य
राजस्थान में घने कोहरे के कारण सीकर के फतेहपुर में स्कूल बस और एंबुलेंस की भिड़ंत हो गई, जिसमें एंबुलेंस चालक की मौत हो गई। कई जिलों में विजिबिलिटी 30 मीटर से कम रही, जबकि भिवाड़ी और जैसलमेर में AQI 350+ पहुंचकर रेड जोन में आ गया, जिससे सांस लेना मुश्किल हो रहा है। मौसम विभाग ने शीतलहर की चेतावनी जारी की है।
राजस्थान में सर्दी के मौसम में घना कोहरा और ठंडी हवाएं जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रही हैं। मंगलवार सुबह सीकर जिले के फतेहपुर क्षेत्र में घने कोहरे के कारण एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें स्कूल बस और एंबुलेंस आपस में टकरा गए। इस दुर्घटना में एंबुलेंस चालक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा फतेहपुर के ठेढ़ी-सांझसर गांव के बीच मुख्य सड़क पर सुबह करीब 8:30 बजे हुआ। घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी बेहद कम थी, जिससे दोनों वाहनों के चालकों को एक-दूसरे का पता नहीं चल सका और तेज टक्कर हो गई। मृतक चालक की पहचान रामू माली (25 वर्ष) निवासी वामनपुरा, करसाई (करौली जिला) के रूप में हुई है। एंबुलेंस में मरीज था या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्कूल बस में बच्चे सवार थे या नहीं, इस पर भी स्पष्ट जानकारी नहीं है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कई जिलों में घना कोहरा, जनजीवन प्रभावित मंगलवार सुबह प्रदेश के 10 से अधिक जिलों में घना कोहरा छाया रहा। पाकिस्तान सीमा से लगे जिलों जैसे जैसलमेर, बीकानेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में विजिबिलिटी 30 मीटर से भी कम दर्ज की गई। बीकानेर में विजिबिलिटी मात्र 30 मीटर और जैसलमेर में 20 मीटर के आसपास रही। इससे सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए, ट्रेनें और उड़ानें प्रभावित हुईं। सोमवार को भी इन क्षेत्रों में तापमान 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जिससे शीतलहर का असर बढ़ गया। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी घने कोहरे और शीतलहर की चेतावनी जारी की है। विशेषकर उत्तरी और पश्चिमी राजस्थान में ठंड का प्रकोप और बढ़ने की संभावना है। हालांकि, जैसलमेर में सर्द मौसम पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है, जो ठंडी रेत और कोहरे के बीच की खूबसूरती का लुत्फ उठा रहे हैं।
प्रदूषण का रेड जोन: भिवाड़ी और जैसलमेर में सांस लेना मुश्किल कोहरे के साथ-साथ प्रदूषण ने भी राजस्थान के कई शहरों को अपनी चपेट में ले लिया है। भिवाड़ी में नवंबर से हवा जहरीली बनी हुई है और सर्दी बढ़ने के साथ स्थिति और बिगड़ रही है। मंगलवार सुबह 5 बजे भिवाड़ी का AQI स्तर 356 तक पहुंच गया, जो 'बहुत खराब' (Severe) श्रेणी में आता है। जैसलमेर का AQI भी 350 के करीब रहा, जो दिल्ली के कई प्रदूषित क्षेत्रों से मिलता-जुलता है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग इस स्तर को अत्यंत खतरनाक मानता है, जिसमें सांस लेने में गंभीर परेशानी, आंखों में जलन और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। भिवाड़ी के अलावा जयपुर, बीकानेर, कोटा, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में भी AQI 200 से ऊपर रहा, जो 'खराब' श्रेणी में है। कोहरे और प्रदूषण के मिश्रण से बनी स्मॉग ने लोगों की मुश्किलें दोगुनी कर दी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि औद्योगिक गतिविधियां, वाहनों का धुआं और सर्दी में हवाओं की कम गति इसके मुख्य कारण हैं। राजस्थान में यह मौसम की स्थिति लोगों से सावधानी बरतने की मांग कर रही है। ड्राइवरों को कम स्पीड में वाहन चलाने, मास्क पहनने और बुजुर्गों-बच्चों को घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जा रही है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।