राजस्थान के डीग जिले में जुरहरा थाने का विवादित वीडियो वायरल: साइबर ठगों के साथ दावत, पुलिस पर उठे गंभीर सवाल
राजस्थान के डीग जिले के जुरहरा थाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कथित साइबर ठग युवक थाने के अंदर आराम से खाना खाते दिख रहे हैं। वीडियो में एक युवक को 'शकील' नाम से पुकारा जा रहा है और वह वीडियो शेयर करने को कहता है। इस घटना से पुलिस और अपराधियों के बीच सांठ-गांठ के आरोप लगे हैं। कामां एडिशनल एसपी ने वीडियो की जांच शुरू कर दी है, जिसमें युवकों की पहचान और वीडियो की प्रामाणिकता की पड़ताल की जा रही है।
राजस्थान के डीग जिले के जुरहरा थाने से एक चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें थाने के अंदर कुछ युवकों को खाना खाते हुए दिखाया गया है। इन युवकों को हिस्ट्रीशीटर साइबर ठग बताया जा रहा है। वीडियो में पुलिसकर्मी खुद इन युवकों को दाल-बाटी-चूरमा जैसा खाना परोसते नजर आ रहे हैं, जिससे पुलिस और अपराधियों के बीच कथित सांठ-गांठ के आरोप लग रहे हैं। यह वीडियो 26 दिसंबर 2025 को तेजी से वायरल हुआ और राजस्थान पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वीडियो की सामग्री और विवरण वीडियो में थाने के अंदर का दृश्य साफ दिखाई दे रहा है। कुछ युवक आराम से बैठकर खाना खा रहे हैं।एक युवक काली जैकेट पहने हुए है, जिसे वीडियो बनाने वाला व्यक्ति "शकील" नाम से पुकारता है।दूसरा युवक लाल जैकेट में है, जबकि तीसरा भी काली जैकेट पहने खाना खाता दिख रहा है।वीडियो बनाने वाला व्यक्ति मोबाइल कैमरा घुमाकर थाने का इंटीरियर दिखाता है, जिसमें पुलिस थाने की पहचान स्पष्ट होती है।काली जैकेट वाला युवक कैमरे की तरफ देखकर कहता है, "वीडियो को शेयर करो।"सबसे विवादास्पद हिस्सा यह है कि पुलिसकर्मी खुद इन युवकों को खाना परोस रहे हैं, जो मेहमाननवाजी जैसा लग रहा है।वीडियो को कथित तौर पर खुद इन युवकों ने बनाया और सोशल मीडिया पर अपलोड किया। एक स्टेटस में लिखा गया: "एक फोन पर हो जावे सारे काम, डीएसपी तोड़ी माने है।" इससे पुलिस की मिलीभगत का संकेत मिलता है।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जांच मूल खबर के अनुसार, कामां एडिशनल एसपी दिनेश यादव ने वीडियो सोशल मीडिया से मिलने की पुष्टि की है।उन्होंने जांच शुरू करने की बात कही, जिसमें युवकों की पहचान, वीडियो की तारीख और यह पुष्टि करना शामिल है कि वीडियो वाकई जुरहरा थाने का है या नहीं।हालांकि, वायरल पोस्ट्स में जांच का कोई अपडेट नहीं है, और मामला अभी विवादों में है।डीग जिला मेवात क्षेत्र का हिस्सा है, जो साइबर ठगी के लिए कुख्यात है। यहां जुरहरा, कामां, पहाड़ी जैसे थानों से लगातार साइबर ठगों की गिरफ्तारियां होती रहती हैं।
पृष्ठभूमि: मेवात क्षेत्र में साइबर क्राइम की समस्या डीग (पूर्व में भरतपुर का हिस्सा) और आसपास का मेवात क्षेत्र (राजस्थान-हरियाणा बॉर्डर) साइबर ठगी का बड़ा हब बन चुका है।यहां सेक्सटॉर्शन, फेक कॉल सेंटर, OLX फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में हजारों शिकायतें दर्ज होती हैं।पुलिस लगातार "ऑपरेशन एंटीवायरस" जैसे अभियान चला रही है, जिसमें सैकड़ों ठग पकड़े गए हैं।लेकिन ऐसे वीडियो से पुलिस-अपराधी नेक्सस के आरोप मजबूत होते हैं। पहले भी पहाड़ी थाने में ASI को साइबर ठग की शादी में दावत उड़ाने पर लाइन हाजिर किया गया था।
सोशल मीडिया और जनता की प्रतिक्रिया वीडियो वायरल होने के बाद लोग पूछ रहे हैं: "थाना है या अपराधियों की ऐशगाह?"कई यूजर्स ने राजस्थान पुलिस और उच्च अधिकारियों से सख्त कार्रवाई की मांग की है।NDTV राजस्थान और अन्य चैनलों ने इसे कवर किया, जिसमें प्रशासन पर सवाल उठाए गए।