राहुल गांधी की जर्मनी यात्रा पर भाजपा-कांग्रेस में तीखी नोंक-झोंक, ‘लीडर ऑफ पर्यटन’ से ‘पीएम भी आधा समय विदेश में’ तक पहुंचा विवाद

संसद के शीतकालीन सत्र के बीच राहुल गांधी की 15-20 दिसंबर की जर्मनी यात्रा पर भाजपा ने तीखा हमला बोला है। भाजपा इसे 'लीडर ऑफ पर्यटन' बता रही है तो प्रियंका गांधी ने पलटवार करते हुए कहा कि पीएम मोदी भी आधा समय विदेश में रहते हैं। राहुल 17 दिसंबर को बर्लिन में इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के कार्यक्रम में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करेंगे।

Dec 10, 2025 - 15:37
राहुल गांधी की जर्मनी यात्रा पर भाजपा-कांग्रेस में तीखी नोंक-झोंक, ‘लीडर ऑफ पर्यटन’ से ‘पीएम भी आधा समय विदेश में’ तक पहुंचा विवाद

नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की प्रस्तावित जर्मनी यात्रा ने एक बार फिर सियासी पारा चढ़ा दिया है। संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चल रहा है और इसी बीच 15 से 20 दिसंबर के बीच राहुल गांधी के जर्मनी जाने की खबर सामने आने के बाद भाजपा ने उन पर जोरदार हमला बोला है। भाजपा इसे “संसद से भागना” और “पर्यटन” बता रही है, जबकि कांग्रेस ने पलटवार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं का उदाहरण दिया है।

भाजपा का तीखा प्रहार: LoP यानी “Leader of Tourism”भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सबसे तीखा हमला किया। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उनके लिए LoP का मतलब Leader of Opposition नहीं, बल्कि Leader of Tourism है। कभी पार्टी करने वाले नेता (Leader of Partying), कभी छुट्टियां मनाने वाले नेता। जब पूरा देश और संसद वर्क मोड में है, तब राहुल गांधी वैकेशन मोड में हैं। संसद सत्र 19 दिसंबर तक है, फिर भी वे 15 से 20 दिसंबर तक जर्मनी में रहेंगे। मुझे नहीं पता वे वहां क्या करने जा रहे हैं – शायद भारत के खिलाफ जहर उगलने।”पूनावाला यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा, “यह वही राहुल गांधी हैं जो विदेशी विश्वविद्यालयों में जाकर भारत की लोकतंत्र को कमजोर बताते हैं, संविधान को खतरे में बताते हैं। अब शायद जर्मनी में भी यही करने जा रहे हैं।”

अन्य भाजपा नेताओं की प्रतिक्रियाएं बिहार भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने कहा,“बिहार में विधानसभा चुनाव चल रहे थे तब भी राहुल गांधी कहीं घूमने निकल गए थे। अब संसद सत्र में भी यूरोप जा रहे हैं। कांग्रेस अब विलुप्ति के कगार पर है, तो वे अपनी विदेश यात्राओं का मजा क्यों छोड़ें?”अभिनेत्री से नेता बनीं कंगना रनोट (मंडी सांसद) ने बेहद तल्ख लहजे में कहा,“मैं राहुल गांधी की यात्राओं पर नजर नहीं रखती, न उनके बारे में कोई खबर पढ़ती हूं। ऐसे चरित्रहीन और सारहीन व्यक्ति पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती।”

प्रियंका गांधी का पलटवार कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने राहुल का बचाव करते हुए भाजपा पर ही सवाल दागे। उन्होंने कहा,“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कार्यकाल का लगभग आधा समय विदेश यात्राओं में बिताते हैं। फिर भाजपा को विपक्ष के नेता की एक छोटी-सी विदेश यात्रा पर इतनी आपत्ति क्यों है? यह दोहरा मापदंड क्यों?”

यात्रा का असली मकसद क्या है? इंडियन ओवरसीज कांग्रेस (IOC) ने स्पष्ट किया है कि राहुल गांधी की यह यात्रा निजी या पर्यटन नहीं, बल्कि पार्टी का आधिकारिक कार्यक्रम है।17 दिसंबर को बर्लिन में राहुल गांधी यूरोप के विभिन्न देशों से आए IOC नेताओं और भारतीय प्रवासियों को संबोधित करेंगे। IOC के वरिष्ठ नेता सैम पित्रोदा भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। IOC ऑस्ट्रिया के अध्यक्ष औसाफ खान ने कहा, “राहुल गांधी की मेजबानी से हम गौरवान्वित हैं। यह कार्यक्रम पार्टी की विचारधारा को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने और NRI समुदाय से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए है।”

पिछले कुछ सालों में राहुल की प्रमुख विदेश यात्राएं (जो भाजपा बार-बार उठाती है)2022: कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में व्याख्यान (भारत में लोकतंत्र पर सवाल उठाए) 2023: अमेरिका-यूरोप दौरा (भारतीय संस्थानों में भारत विरोधी बयान) 2024: कई छोटी निजी/पार्टी यात्राएं, 2025 (अब): जर्मनी (IOC कार्यक्रम)भाजपा का दावा है कि राहुल गांधी हर बार संसद सत्र या महत्वपूर्ण राष्ट्रीय घटना के समय विदेश चले जाते हैं, जबकि कांग्रेस इसे “वैश्विक कूटनीति और पार्टी को मजबूत करने” की प्रक्रिया बताती है।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.