प्रतापगढ़ में नाबालिग बच्ची के साथ छेड़छाड़ और मारपीट का सनसनीखेज मामला: आरोपी गिरफ्तार
प्रतापगढ़ शहर में एक 13 साल की नाबालिग बच्ची के इलाज के लिए क्लिनिक पहुंची मां-बेटी के साथ एक युवक ने अश्लील हरकतें कीं और विरोध करने पर दोनों के साथ मारपीट की। सीसीटीवी फुटेज वायरल होने और पीड़ित परिवार के एसपी को ज्ञापन सौंपने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मामला पॉक्सो एक्ट और बीएनएस के तहत दर्ज किया गया है।
प्रतापगढ़ शहर (संभवतः राजस्थान का प्रतापगढ़ जिला) में एक बेहद गंभीर और शर्मनाक घटना सामने आई है, जिसमें एक 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ अश्लील हरकतें की गईं और मारपीट की गई। यह घटना एक निजी क्लिनिक के बाहर हुई, जहां पीड़िता अपनी मां के साथ अपनी बीमारी का इलाज करवाने गई थी। घटना का सीसीटीवी वीडियो वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में आया, जिसके चलते पीड़ित परिवार ने जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसे न्यायालय में पेश कर दिया।
घटना का विस्तृत विवरण पीड़िता की मां ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वे अपनी 13 साल की बेटी का इलाज करवाने एक स्थानीय क्लिनिक पर गई थीं। डॉक्टर के क्लिनिक में मौजूद न होने के कारण मां-बेटी दोनों क्लिनिक के बाहर ही इंतजार कर रही थीं। इसी दौरान एक युवक अपने एक साथी के साथ मोटरसाइकिल पर वहां पहुंचा। युवक ने नाबालिग बच्ची की ओर देखकर अश्लील इशारे किए और आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। बच्ची की मां ने जब इस हरकत का विरोध किया तो आरोपी आग-बबूला हो गया।आरोपी ने मां को धमकाते हुए कहा कि "उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता" और उसके बाद मां-बेटी दोनों के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोपी ने बच्ची और उसकी मां पर हाथ उठाया, जिससे दोनों को चोटें आईं। आस-पास के लोग जब घटनास्थल पर पहुंचे तो आरोपी और उसका साथी मौके से फरार हो गए। पूरी घटना क्लिनिक के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जो बाद में वायरल हो गई और सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा की गई।
पुलिस में शिकायत और शुरुआती लापरवाही घटना के तुरंत बाद पीड़ित परिवार ने उसी दिन प्रतापगढ़ शहर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। परिवार ने पुलिस को घटना का सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध कराया, जो सबूत के रूप में महत्वपूर्ण था। हालांकि, शुरुआत में पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे आरोपी के हौसले बुलंद हो गए। आरोपी ने पीड़ित परिवार को फोन पर धमकियां देना शुरू कर दिया, जिससे परिवार में दहशत का माहौल बन गया।परेशान होकर पीड़ित परिवार ने जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और वीडियो सार्वजनिक होने के बाद दबाव बढ़ा। इसके बाद पुलिस हरकत में आई।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी प्रतापगढ़ थाने में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण यह बेहद संवेदनशील था। जांच की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक लक्ष्मणलाल को सौंपी गई। पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की और जल्द ही मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।पुलिस का कहना है कि आरोपी का साथी भी जांच के दायरे में है और जल्द ही उसे भी पकड़ा जाएगा। मामले में सीसीटीवी फुटेज को प्रमुख सबूत माना जा रहा है।
समाज में आक्रोश और सबक यह घटना महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा करती है। क्लिनिक जैसे सार्वजनिक स्थान पर दिनदहाड़े ऐसी वारदात होना पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल उठाता है। पीड़ित परिवार ने न्याय की गुहार लगाई है और उम्मीद जताई है कि आरोपी को कड़ी सजा मिलेगी। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है और वे पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं।
यह मामला एक बार फिर समाज को याद दिलाता है कि नाबालिगों के साथ ऐसी हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी और कानून अपना काम करेगा। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसी किसी भी घटना की जानकारी मिलने पर तुरंत शिकायत करें ताकि समय पर कार्रवाई हो सके।