अब सरकारी अस्पतालों में 24 घंटे होंगे ऑपरेशन सर्जरी वेटिंग कम करने के लिए राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला...

राजस्थान सरकार ने बजट में बड़ा फैसला लेते हुए सरकारी अस्पतालों में 24 घंटे सर्जरी सुविधा शुरू करने की घोषणा की है। अब रात के समय भी ऑपरेशन किए जाएंगे ताकि लंबी वेटिंग लिस्ट कम हो सके। ड्यूटी टाइम के बाद काम करने वाले डॉक्टर और स्टाफ को अतिरिक्त इंसेंटिव दिया जाएगा, जिससे मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा।

Feb 14, 2026 - 13:17
अब सरकारी अस्पतालों में 24 घंटे होंगे ऑपरेशन सर्जरी वेटिंग कम करने के लिए राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला...

राजस्थान में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से बड़ा निर्णय लिया गया है। बजट घोषणा के तहत अब राज्य के सरकारी अस्पतालों में सर्जरी सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध कराने की योजना लागू की जाएगी। इस फैसले का मुख्य लक्ष्य लंबे समय से चल रही ऑपरेशन वेटिंग लिस्ट को कम करना और मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराना है।

सरकारी अस्पतालों में अब तक अधिकांश ऑपरेशन तय ड्यूटी समय यानी दिन के घंटों में ही किए जाते थे, जिसके कारण बड़ी संख्या में मरीजों को सर्जरी के लिए कई-कई सप्ताह या महीनों तक इंतजार करना पड़ता था। मरीजों की बढ़ती संख्या और सीमित ऑपरेशन स्लॉट के कारण यह समस्या लगातार गंभीर होती जा रही थी।

इसी स्थिति को सुधारने के लिए राजस्थान सरकार ने नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत अस्पतालों में रात के समय भी ऑपरेशन थिएटर चालू रहेंगे। यानी अब इमरजेंसी के अलावा सामान्य और लंबित सर्जरी भी निर्धारित व्यवस्था के अनुसार रात में की जा सकेंगी।

क्या होगा नया बदलाव

सरकारी अस्पतालों में ऑपरेशन थिएटर 24×7 संचालित किए जाएंगे।

ड्यूटी समय समाप्त होने के बाद भी ऑपरेशन करने वाले डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों को अतिरिक्त इंसेंटिव दिया जाएगा।

अस्पताल प्रशासन को अलग शिफ्ट व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए जाएंगे।

लंबित सर्जरी मामलों को प्राथमिकता देकर वेटिंग लिस्ट कम करने पर फोकस रहेगा।

मरीजों को क्या फायदा होगा

इस नई व्यवस्था से सबसे बड़ा लाभ उन मरीजों को मिलेगा जिन्हें लंबे समय से ऑपरेशन की तारीख नहीं मिल पा रही थी। रात में सर्जरी शुरू होने से प्रतिदिन अधिक ऑपरेशन संभव होंगे, जिससे गंभीर और सामान्य दोनों तरह के मरीजों को जल्दी उपचार मिल सकेगा। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए यह फैसला खास तौर पर राहत देने वाला माना जा रहा है।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर असर

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अस्पतालों में स्टाफ प्रबंधन और संसाधनों का सही उपयोग किया गया तो:

सर्जरी बैकलॉग तेजी से कम होगा

सरकारी अस्पतालों पर भरोसा बढ़ेगा

निजी अस्पतालों पर निर्भरता कुछ हद तक घट सकती है

सरकार का दावा है कि यह कदम राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और मरीज-केंद्रित बनाने की दिशा में अहम साबित होगा। आने वाले समय में इसकी मॉनिटरिंग कर जरूरत के अनुसार व्यवस्था में और सुधार भी किए जा सकते हैं।