पदयात्रा में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के पैर में चुभा बबूल का कांटा, बोले— राजनीति फूलों की सेज नहीं जमीन पर बैठकर सुनी लोगों की समस्याएं!
कोटा में जनसंपर्क पदयात्रा के दौरान राजस्थान के शिक्षा मंत्री Madan Dilawar के पैर में बबूल का कांटा चुभ गया। सुरक्षा कर्मियों के दौड़ने पर भी उन्होंने खुद ही कांटा निकाल लिया और पदयात्रा जारी रखी। इस दौरान उन्होंने कहा कि राजनीति फूलों की सेज नहीं होती, बल्कि जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनना ही जनप्रतिनिधि का कर्तव्य है। मंत्री ने कई जगह जमीन पर बैठकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को समाधान के निर्देश भी दिए।
कोटा।
राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री Madan Dilawar इन दिनों कोटा जिले में जनसंपर्क बढ़ाने और लोगों की समस्याएं जानने के लिए पदयात्रा कर रहे हैं। इसी दौरान रविवार को उनकी पदयात्रा के दौरान एक छोटा लेकिन प्रतीकात्मक घटनाक्रम सामने आया, जब चलते-चलते उनके पैर में बबूल का कांटा चुभ गया। हालांकि मंत्री ने बिना किसी हड़बड़ाहट के खुद ही अपने पैर से कांटा निकाल लिया और पदयात्रा जारी रखी।
पदयात्रा के दौरान हुआ घटनाक्रम
रविवार को कोटा क्षेत्र के गांवों में पदयात्रा के दौरान शिक्षा मंत्री ग्रामीणों से सीधे संवाद कर रहे थे। इसी दौरान रास्ते में चलते समय उनके पैर में बबूल का कांटा चुभ गया। मंत्री के आसपास मौजूद पुलिसकर्मी और सुरक्षाकर्मी तुरंत उनकी ओर दौड़े, लेकिन दिलावर ने उन्हें रोक दिया।
उन्होंने स्वयं ही अपने पैर से कांटा निकाला और कहा कि यह कोई बड़ी बात नहीं है। इसके बाद उन्होंने पदयात्रा को बिना रुके आगे जारी रखा। वहां मौजूद लोगों ने भी मंत्री की सहजता और सरल व्यवहार की सराहना की।
“राजनीति फूलों की सेज नहीं”
इस दौरान मंत्री दिलावर ने कहा कि राजनीति आसान नहीं होती और यह किसी फूलों की सेज की तरह आरामदायक भी नहीं है। उनके अनुसार जनसेवा करने के लिए जमीन पर उतरकर लोगों के बीच जाना पड़ता है और कई तरह की कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि का असली काम जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझना और उनका समाधान करना है।
जमीन पर बैठकर सुनी ग्रामीणों की समस्याएं
पदयात्रा के दौरान मंत्री ने कई गांवों में रुककर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। कई जगह उन्होंने जमीन पर बैठकर लोगों की शिकायतें और समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने पानी, सड़क, स्कूल और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे मंत्री के सामने रखे।
मंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कई समस्याओं के समाधान के निर्देश भी दिए। उनका कहना था कि पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य यही है कि लोगों तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचे और उनकी परेशानियों का समाधान जल्द हो सके।
कई गांवों में जनसंवाद और विकास घोषणाएं
यह पदयात्रा कोटा जिले के विभिन्न गांवों से होकर गुजर रही है, जहां मंत्री लोगों से मिलकर सरकारी योजनाओं की जानकारी ले रहे हैं और लाभार्थियों की स्थिति भी जांच रहे हैं। इस दौरान कई स्थानों पर विकास कार्यों के लिए घोषणाएं भी की गईं, जिनमें सामुदायिक भवन, पेयजल और सड़क जैसी सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं।
जनहित और जनसंपर्क को लेकर शुरू की पदयात्रा
दरअसल, मंत्री दिलावर ने अपने क्षेत्र में “जनहिताय-जन सुखाय पदयात्रा” शुरू की है। इस पदयात्रा का उद्देश्य गांव-गांव जाकर लोगों से सीधे संवाद करना, सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना और लंबित समस्याओं का समाधान करना बताया जा रहा है।
पदयात्रा के दौरान मंत्री लगातार गांवों में रुककर लोगों से मिल रहे हैं और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश भी दे रहे हैं।