चूरू में तेंदुए का हमला: सरसों के खेत में छिपकर बैठा था, दो युवकों पर किया अचानक वार
राजस्थान के चूरू जिले के धोधलिया गांव में सरसों की फसल में छिपे तेंदुए ने खेत में काम कर रहे दो युवकों राकेश (27) और गोविंदराम (25) पर अचानक हमला कर दिया। राकेश के सिर पर गंभीर चोटें आईं। शोर मचाने पर तेंदुआ भाग निकला और ग्रामीणों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। इलाके में दहशत का माहौल है।
चूरू, 19 दिसंबर 2025: राजस्थान के चूरू जिले में एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटना सामने आई है। रतननगर थाना क्षेत्र के धोधलिया गांव में शुक्रवार सुबह सरसों की फसल में छिपे एक तेंदुए ने खेत में काम कर रहे दो युवकों पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले में एक युवक के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं, जबकि दूसरा भी घायल हुआ। दोनों घायलों को तत्काल चूरू के डीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना की विस्तृत जानकारी के अनुसार, धोधलिया गांव के निवासी 27 वर्षीय राकेश और 25 वर्षीय गोविंदराम सुबह करीब 4 बजे अपने खेत पर पहुंचे थे। वे सरसों की फसल में पानी की लाइन बदलने का काम कर रहे थे। सुबह लगभग 7:30 बजे के आसपास, जब वे फसल के बीच काम में व्यस्त थे, तभी सरसों की ऊंची फसल में छिपकर बैठा तेंदुआ अचानक बाहर निकला और उन पर टूट पड़ा।
तेंदुए ने पहले गोविंदराम पर हमला किया और फिर राकेश पर झपट्टा मारा। राकेश के सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए। दोनों युवकों ने जान बचाने के लिए जोर-जोर से शोर मचाया। उनके शोर सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे अन्य ग्रामीण मौके पर दौड़े आए। ग्रामीणों की भीड़ और शोर सुनकर तेंदुआ जंगल की ओर भाग निकला।
ग्रामीणों ने फौरन दोनों घायलों को एक निजी वाहन से चूरू के डीबी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचाया। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने उनका प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, राकेश की हालत गंभीर है लेकिन स्थिर बताई जा रही है। दोनों युवकों का इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति खतरे से बाहर है।
इस घटना के बाद धोधलिया गांव और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है। गांववासियों का कहना है कि हाल के दिनों में तेंदुए की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे खेतों में काम करना जोखिम भरा हो गया है। किसान दिन में भी खेतों पर जाने से डरने लगे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि तेंदुए को पकड़ने के लिए तुरंत टीम भेजी जाए और इलाके में गश्त बढ़ाई जाए।
राजस्थान में तेंदुए के हमले और दर्शन आम बात हो गए हैं, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में। चूरू जैसे रेगिस्तानी क्षेत्र में भी वन्यजीवों की मौजूदगी बढ़ रही है, जो मानव बस्तियों के करीब आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आवास की कमी और शिकार की तलाश में तेंदुए गांवों की ओर खिंचे चले आते हैं।