अनंतनाग में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों की CCTV फुटेज से हड़कंप, बड़े सर्च ऑपरेशन जारी
जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के डेंजरपोरा बाजार में 25 दिसंबर 2025 को शाम करीब 6:15 बजे CCTV में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े दो संदिग्ध आतंकी नजर आए। इनमें से एक की पहचान कुलगाम के खेरवन निवासी मोहम्मद लतीफ भट के रूप में हुई है, जो नवंबर में लश्कर के शैडो ग्रुप KRA में शामिल हुआ था। दूसरे के पाकिस्तानी होने का दावा है, लेकिन पुष्टि नहीं। फुटेज सामने आने के बाद सेना, पुलिस और CRPF ने बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया, जो काजीगाग, दंतुर और जंगली इलाकों तक फैला। अभी तक कोई गिरफ्तारी या मुठभेड़ नहीं हुई है।
जम्मू-कश्मीर के दक्षिण कश्मीर क्षेत्र में सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी चुनौती सामने आई है। अनंतनाग जिले के डेंजरपोरा बाजार में 25 दिसंबर 2025 की शाम करीब 6:12 बजे CCTV कैमरों में दो संदिग्ध व्यक्तियों को घूमते हुए कैद किया गया, जिनकी पहचान लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े आतंकियों के रूप में हुई है। इस फुटेज के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत अलर्ट जारी कर दिया और बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
आतंकियों की पहचान और पृष्ठभूमि सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, CCTV फुटेज में नजर आने वाले दोनों व्यक्तियों में से एक की स्पष्ट पहचान कुलगाम जिले के खेरवन (Khrewan) गांव का रहने वाला मोहम्मद लतीफ भट (Mohammad Lateef Bhat) है। वह मुश्ताक अहमद भट का बेटा है और नवंबर 2025 में लश्कर-ए-तैयबा के शैडो संगठन कश्मीर रिवोल्यूशन आर्मी (KRA) में शामिल हुआ था। KRA ने खुद एक पोस्टर जारी कर लतीफ के जॉइनिंग की तारीख 17 नवंबर 2025 बताई थी। लतीफ एक लोकल रिक्रूट है और दक्षिण कश्मीर में सक्रिय माना जा रहा है।फुटेज में उसके साथ दिख रहे दूसरे व्यक्ति के पाकिस्तानी कमांडर हंजुल्लाह (Hanzullah) होने का दावा कुछ रिपोर्ट्स में किया गया है, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कई प्रमुख मीडिया आउटलेट्स जैसे इंडिया टुडे, फ्री प्रेस जर्नल और WION ने मुख्य रूप से लतीफ भट का ही जिक्र किया है, जबकि कुछ में दो आतंकियों का उल्लेख है। NDTV और अन्य चैनलों ने इस CCTV फुटेज को एक्सक्लूसिव रूप से दिखाया, जिसमें आतंकी बाजार में सामान्य कपड़ों में घूमते नजर आ रहे हैं।
सर्च ऑपरेशन का विवरण CCTV फुटेज मिलते ही जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना की क्विक रिएक्शन टीमें (QRT) और CRPF के जवानों ने संयुक्त रूप से ऑपरेशन लॉन्च किया। सर्च अभियान की शुरुआत डेंजरपोरा और काजीगाग (Qazibagh) इलाकों से हुई, जिसे बाद में दांतुर, मट्टन और आसपास के जंगली क्षेत्रों तक विस्तार दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आतंकी घने जंगल की ओर भाग निकले, जिससे कॉर्डन बनाने में देरी हुई।ऑपरेशन 30 घंटे से अधिक समय से चल रहा है, लेकिन अभी तक कोई मुठभेड़ या गिरफ्तारी नहीं हुई है। आतंकियों ने कोई वारदात भी नहीं की, जिससे उनके ठिकाने का पता लगाना मुश्किल हो रहा है। स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है और संभावित सपोर्ट नेटवर्क पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा बल दक्षिण कश्मीर के रूट्स और पब्लिक जोन्स पर विशेष निगरानी रख रहे हैं।
व्यापक सुरक्षा संदर्भ यह घटना जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों के फिर से सक्रिय होने के संकेत दे रही है। हाल ही में BSF ने खुलासा किया था कि मई 2025 में हुई ऑपरेशन सिंदूर के बावजूद पाकिस्तान ने जम्मू फ्रंटियर के सामने करीब 72 आतंकी लॉन्च पैड फिर से सक्रिय कर दिए हैं। इनमें से 12 सियालकोट और जफरवाल सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) के पास हैं, जबकि 60 LoC के पास गहराई वाले इलाकों में। ऑपरेशन सिंदूर में 118 पाकिस्तानी पोस्ट्स को नुकसान पहुंचाया गया था, लेकिन पाकिस्तान ने इन्हें रिस्टोर कर लिया है और घुसपैठ की कोशिशें जारी हैं।पिछले दिनों उधमपुर में भी आतंकियों के दिखने की खबरें आई थीं, जिसके बाद जम्मू से कश्मीर तक 80 गांवों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया था। सुरक्षा बल सर्दियों से पहले घुसपैठ की संभावित कोशिशों को रोकने के लिए हाई अलर्ट पर हैं।