कोटा के बाल सुधार गृह से सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलते हुए 9 बाल अपचारी फरार: लोहे की जाली आरी से काटी, कपड़ों से सरियों को मोड़ा, गार्ड को चकमा देकर चाबी ली
कोटा के बाल सुधार गृह से 9 बाल अपचारी छत की लोहे की जाली आरी से काटकर फरार! गार्ड को चकमा देकर चाबी ली, कपड़ों से सरिया मोड़ी। इनमें 2 वो भी शामिल जो जनवरी में पहले भाग चुके थे। पुलिस हाई अलर्ट पर, सुरक्षा की पोल खुल गई!
कोटा, राजस्थान: शहर के आरके पुरम थाना क्षेत्र में स्थित बाल संप्रेषण गृह (बाल सुधार गृह) से एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक सामने आई है। यहां से रविवार की सुबह 9 बाल अपचारी (नाबालिग अपराधी) छत की लोहे की जाली काटकर फरार हो गए। इन नाबालिगों पर पॉक्सो एक्ट, लूट, मारपीट और अन्य गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी है और फरार नाबालिगों की तलाश के लिए कई टीमें गठित की गई हैं।
घटना का पूरा विवरण
जानकारी के अनुसार, इन 9 नाबालिगों ने भागने की योजना पहले से ही बना रखी थी। रविवार सुबह करीब 4 बजे सभी फ्रेश होने (ताजा होने) का बहाना बनाकर उठे। ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड ने बिना ज्यादा सोचे-समझे उन्हें अंदर के ताले की चाबी दे दी। इस लापरवाही का फायदा उठाते हुए नाबालिगों ने अंदर के दरवाजे खोल लिए और सुधार गृह के बीच चौक से छज्जे पर चढ़ गए।छत पर पहुंचकर उन्होंने वहां लगी लोहे की जाली को आरी से काट दिया। इसके बाद उन्होंने अपने कपड़ों की मदद से जाली की सरियों (बार्स) को मोड़ दिया, ताकि निकलने के लिए पर्याप्त जगह बन सके। एक-एक करके सभी नाबालिग छत के रास्ते से बाहर निकलकर फरार हो गए।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
आरके पुरम थाना के सीआई रामविलास ने बताया कि बाल सुधार गृह की ओर से शिकायत मिलने के बाद तुरंत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा, "बाल सुधार गृह की ओर से शिकायत मिली है कि 9 बाल अपचारी छत पर लगी लोहे की जाली को काटकर फरार हो गए हैं। हमने जांच शुरू कर दी है और फरार नाबालिगों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।"
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
यह पहली बार नहीं है जब इस सुधार गृह से नाबालिग फरार हुए हैं। इससे पहले 2 जनवरी को इसी बाल संप्रेषण गृह से 2 बाल अपचारी भाग निकले थे। बाद में आरके पुरम थाना पुलिस ने उन्हें पकड़कर वापस सुधार गृह भेज दिया था। हैरानी की बात यह है कि बताया जा रहा है कि वे ही दोनों नाबालिग इस बार भी फरार होने वाले 9 अपचारियों में शामिल हैं। इससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।