कोटा-झालावाड़ रूट पर बड़ा हादसा टला: स्टीयरिंग फेल होने से बस बेकाबू, पिलर से टकराकर रुकी, 20 फीट गहरी खाई और रेलवे ट्रैक से बाल-बाल बचे 20 से अधिक यात्री
कोटा से झालावाड़ जा रही लोक परिवहन बस का स्टीयरिंग फेल हो गया। मोडक थाना क्षेत्र के अबली मीनी महल के पास बस बेकाबू होकर सड़क से उतर गई और एक पिलर से टकराकर रुक गई। ठीक आगे 20 फीट गहरी खाई और रेलवे ट्रैक था। बस में 20 से अधिक यात्री सवार थे, सभी सुरक्षित बच गए। स्थानीय लोगों और पुलिस ने यात्रियों को निकाला तथा क्रेन से बस को सड़क पर लाया गया। बड़ा हादसा टल गया।
राजस्थान के कोटा जिले में एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। कोटा से झालावाड़ जा रही लोक परिवहन की एक बस का स्टीयरिंग अचानक फेल हो गया, जिससे बस बेकाबू होकर सड़क से उतर गई। यह घटना कोटा ग्रामीण के मोडक थाना क्षेत्र में दरा मुकुंदरा इलाके के अबली मीनी महल के पास हुई। बस में उस समय 20 से अधिक यात्री सवार थे।बस सड़क से नीचे उतरकर एक कंक्रीट पिलर से टकराकर रुक गई। गनीमत रही कि ठीक उसी जगह पर 20 फीट गहरी खाई थी और नीचे रेलवे लाइन गुजर रही थी। अगर बस पिलर से नहीं टकराती तो वह सीधे खाई में गिर जाती और एक भयानक हादसा हो सकता था, जिसमें कई यात्रियों की जान जा सकती थी।
हादसे के समय बस में मची अफरा-तफरी हादसे के क्षण में बस के अंदर यात्रियों में हड़कंप मच गया। चीख-पुकार की आवाजें गूंज उठीं। कई यात्री डर के मारे मदद के लिए चिल्लाने लगे। सूचना मिलते ही आसपास के स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने साहस दिखाते हुए बस के दरवाजे और खिड़कियां खोलकर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।सौभाग्य से इस हादसे में किसी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई और कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि, कुछ देर के लिए पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा। यात्रियों में से कुछ को हल्की चोटें आईं, लेकिन सभी सकुशल रहे।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा घटना की जानकारी मिलते ही मोडक थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। मोडक थाने के एएसआई फरियाद खान ने बताया कि बस लोक परिवहन की थी और कोटा से झालावाड़ की ओर जा रही थी। रास्ते में अचानक स्टीयरिंग फेल हो जाने से ड्राइवर का नियंत्रण खत्म हो गया और बस सड़क से उतरकर पिलर से टकरा गई।पुलिस ने मौके पर यातायात को नियंत्रित किया। बस को सड़क पर लाने के लिए क्रेन बुलाई गई। क्रेन की मदद से बस को ऊपर लाया गया और क्षतिग्रस्त हिस्सों की जांच की गई। इसके बाद यातायात को पूरी तरह सुचारू कराया गया। फिलहाल इलाके में यातायात सामान्य हो चुका है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल यह हादसा एक बार फिर सड़क परिवहन और वाहनों की मेंटेनेंस पर सवाल उठाता है। लोक परिवहन की बसें रोजाना सैकड़ों यात्रियों को ले जाती हैं, ऐसे में स्टीयरिंग जैसी महत्वपूर्ण हिस्से की नियमित जांच जरूरी है। विशेषकर पहाड़ी और घाटी वाले इलाकों जैसे दरा मुकुंदरा में जहां सड़कें संकरी और खतरनाक हैं, ऐसे हादसे जानलेवा साबित हो सकते हैं।यात्रियों का कहना है कि पिलर ने उनकी जान बचाई, वरना बड़ा हादसा हो जाता। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और बस ड्राइवर व मालिक से पूछताछ की जा रही है।