कोटा में BJP नेता की गिरफ्तारी के बाद बड़े खुलासे: फर्जी फाइलों से लोन, जमीन कब्जाने के आरोप
कोटा के उद्योग नगर में पिता-पुत्री पर फायरिंग के मामले में गिरफ्तार भाजपा नेता प्रभात कश्यप को लेकर नए खुलासे सामने आए हैं। उस पर जमीन कब्जाने, फर्जी फाइलों से बैंक से लोन उठाने और चेक बाउंस जैसे गंभीर आरोप लगे हैं, जबकि कई पीड़ित अब सामने आकर शिकायत कर रहे हैं।
कोटा के उद्योग नगर इलाके में पिता-पुत्री पर फायरिंग और हमले के मामले में गिरफ्तार आरोपी भाजपा नेता प्रभात कश्यप को लेकर लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। खुद को राजनीतिक कार्यकर्ता और प्रॉपर्टी डीलर बताने वाला प्रभात कश्यप लंबे समय से जमीन से जुड़े विवादों में सक्रिय बताया जा रहा है।
उद्योग नगर थाने में हुई गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ जमीन हड़पने और धोखाधड़ी के दो नए मामले सामने आए हैं। इसके अलावा लूट और मारपीट के अन्य प्रकरण भी कोटा के अलग-अलग थानों में दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रभात कश्यप ने अलग-अलग इलाकों के बदमाशों की एक टीम बना रखी थी, जो कीमती जमीनों और मकानों पर कब्जा करने के लिए लोगों को डराने-धमकाने का काम करती थी। उस पर प्लॉटों की डबल फाइल बनाकर बेचने, मकानों की फर्जी फाइल तैयार कर बैंक से लोन उठाने और बाद में किश्तें नहीं चुकाने जैसे आरोप भी लगे हैं।
कीमती जमीनों पर कब्जे का आरोप
कोटा की एक महिला ने आरोप लगाया कि राजेंद्र सिंह, ईश्वर लाल सैनी, प्रभात कश्यप, अर्चना कश्यप और एक फाइनेंस कंपनी के मैनेजर ने मिलकर उसके खरीदे हुए प्लॉट पर कब्जा करने की साजिश रची। महिला का कहना है कि उसके प्लॉट बी-31 को दूसरे खसरा नंबर से दिखाकर प्रभात कश्यप के नाम रजिस्ट्री करवा दी गई और उस पर बैंक से लोन भी उठा लिया गया।
बाद में जब बैंक की ओर से सरफेसी एक्ट 2002 के तहत नोटिस चस्पा किया गया, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। पीड़िता ने इस मामले में दिसंबर 2025 में शिकायत दर्ज करवाई थी।
चेक बाउंस और धमकी देने के आरोप
एक अन्य फरियादी ने भी प्रभात कश्यप पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक प्रभात ने खुद को भाजपा नेता बताते हुए उसका प्लॉट खरीदा और दो लाख रुपए नकद देकर बाकी रकम के चेक दिए, लेकिन बैंक में लगाने पर सभी चेक बाउंस हो गए।
जब पैसे मांगे गए तो कथित तौर पर धमकी दी गई और प्लॉट पर कब्जा कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि प्रभात कश्यप पुलिस अधिकारियों से संबंध होने की बात कहकर दबाव बनाता था।
फायरिंग मामले में नया मोड़
इस पूरे मामले में फायरिंग की घटना को लेकर भी नया मोड़ सामने आया है। एडिशनल एसपी दिलीप सैनी के मुताबिक पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि प्रभात कश्यप ने कथित तौर पर जवाहर नगर थाने के हिस्ट्रीशीटर कमल चौका से खुद पर ही फायरिंग करवाई थी।
पुलिस का मानना है कि इस साजिश के जरिए वह किसी दूसरे गैंग का नाम जोड़कर खुद को पीड़ित दिखाने की कोशिश कर रहा था।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ जारी है। वहीं इस मामले के सामने आने के बाद कोटा में जमीन कारोबार और फर्जी दस्तावेजों के जरिए होने वाले सौदों को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।