फर्जी FMGE सर्टिफिकेट घोटाला: मुख्य आरोपी सहित दो फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार, मुख्य आरोपी ने 5 देशों में काटी फरारी; 73 अन्य कैंडिडेट्स की जांच जारी
राजस्थान के एसओजी ने फर्जी FMGE सर्टिफिकेट घोटाले में मुख्य आरोपी भानाराम माली उर्फ भानू (विदेश से MBBS) और इंद्रराज सिंह गुर्जर को गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी ने 5 देशों (थाईलैंड, श्रीलंका, दुबई, कजाकिस्तान, नेपाल) में फरारी काटी और दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़ा गया। जांच में 73 ऐसे कैंडिडेट सामने आए जिन्होंने विदेश से MBBS किया लेकिन FMGE पास नहीं कर फर्जी सर्टिफिकेट से राजस्थान में इंटर्नशिप पूरी की। पहले तीन फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार हो चुके हैं, जांच जारी।
जयपुर/राजस्थान: राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने विदेश से MBBS डिग्री प्राप्त कर फर्जी प्रमाण-पत्रों के जरिए डॉक्टर बनने वाले गिरोह का बड़ा पर्दाफाश किया है। इस सनसनीखेज मामले में SOG ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें मुख्य आरोपी भानाराम माली उर्फ भानू (30 वर्ष) शामिल है। यह आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए 5 देशों में फरार रहा और आखिरकार दिल्ली एयरपोर्ट से दबोचा गया।
मुख्य आरोपी की फरारी और गिरफ्तारी
एडीजी (SOG) विशाल बंसल के अनुसार, मुख्य आरोपी भानाराम माली उर्फ भानू मूल रूप से ब्यावर (बर) का निवासी है और हाल ही में जनकपुरी-द्वितीय, ज्योति नगर, जयपुर में रह रहा था। वह खुद भी विदेश से MBBS की डिग्री प्राप्त कर चुका है। मामले के खुलासे के बाद वह फरार हो गया था और पुलिस से बचने के लिए थाईलैंड, श्रीलंका, दुबई, कजाकिस्तान तथा नेपाल जैसे 5 देशों में छिपता फिरा। SOG की सतर्क जांच और डीआईजी परिस देशमुख के निर्देशन में चलाए गए ऑपरेशन में आरोपी को 2 फरवरी 2026 को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया। उसके बाद 4 फरवरी को नए मामले में FIR दर्ज की गई और वह फिलहाल पुलिस रिमांड पर है।
सह-अभियुक्त इंद्रराज सिंह गुर्जर की भूमिका
दूसरा आरोपी इंद्रराज सिंह गुर्जर (27 वर्ष), मूल निवासी नादौती (करौली) और हाल दौसा कोतवाली क्षेत्र का रहने वाला है। उसने भी कजाकिस्तान से MBBS की डिग्री हासिल की थी। जांच में पता चला कि दिसंबर 2022 का फर्जी FMGE स्क्रीनिंग टेस्ट पास सर्टिफिकेट मुख्य आरोपी भानाराम से रुपए देकर प्राप्त किया। इसी फर्जी प्रमाण-पत्र के आधार पर उसने राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) में आवेदन कर राजीव गांधी मेडिकल कॉलेज, अलवर से इंटर्नशिप पूरी की और प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन भी प्राप्त कर लिया। इंद्रराज ने इसी नेटवर्क के जरिए अन्य कैंडिडेट्स को भी रुपए लेकर फर्जी सर्टिफिकेट दिलवाए। SOG ने उसे गुरुवार रात दौसा से गिरफ्तार किया।
पहले गिरफ्तार तीन डॉक्टरों से शुरू हुई जांच
यह पूरा मामला दिसंबर 2025 में तब सामने आया जब SOG ने FMGE स्क्रीनिंग टेस्ट पास करने के लिए फर्जी सर्टिफिकेट इस्तेमाल करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। ये हैं:
पीयूष कुमार त्रिवेदी
देवेंद्र सिंह गुर्जर,
शुभम गुर्जर
इन तीनों ने विदेश से MBBS किया था, लेकिन FMGE पास नहीं कर पाए। मुख्य आरोपी भानाराम ने इनसे रुपए लेकर फर्जी FMGE पास सर्टिफिकेट दिलवाए, जिसके आधार पर उन्होंने राजस्थान के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप पूरी की। इनकी गिरफ्तारी के बाद मुख्य आरोपी फरार हो गया, जिसकी तलाश में SOG लगी रही।
73 अन्य कैंडिडेट्स पर गहरा शक, बड़े पैमाने पर घोटाला
जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि कुल 73 ऐसे कैंडिडेट्स हैं, जिन्होंने विदेश से MBBS डिग्री तो हासिल की, लेकिन FMGE परीक्षा पास नहीं की। फिर भी उन्होंने इसी गिरोह के माध्यम से फर्जी FMGE स्क्रीनिंग टेस्ट पास सर्टिफिकेट बनवाकर RMC में इंटर्नशिप के लिए आवेदन किए और कई ने सफलतापूर्वक इंटर्नशिप पूरी कर प्रैक्टिस शुरू कर दी। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इन कैंडिडेट्स ने 20 लाख रुपए तक की रकम फर्जी सर्टिफिकेट के लिए दी। SOG अब इन 73 लोगों की भूमिका, फर्जी दस्तावेजों की प्रक्रिया और संभावित शामिल अधिकारियों की गहन जांच कर रही है।