नौतपा में भी जोधपुर का स्वाद कायम: 46°C में बिक रहे मिर्ची बड़े, विदेश जाने वाली मिठाइयों की डिमांड कम
नौतपा के चौथे दिन जोधपुर में तापमान 46 डिग्री तक पहुंच गया है। भीषण गर्मी के बावजूद शहर में मिर्ची बड़ों का क्रेज बरकरार है।
राजस्थान में नौतपा का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। सूर्य नगरी जोधपुर में गुरुवार को नौतपा के चौथे दिन तापमान करीब 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पत्थरों के शहर के नाम से मशहूर जोधपुर इस समय भीषण गर्मी और झुलसाती धूप की चपेट में है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा नजर आने लगा है, लेकिन इसके बावजूद शहर के लोगों का पसंदीदा स्वाद मिर्ची बड़ा अब भी लोगों को दुकानों तक खींच रहा है।
46 डिग्री में भी मिर्ची बड़े का क्रेज कायम
जोधपुर का मशहूर मिर्ची बड़ा गर्मी में भी लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। भरी दोपहर और तेज धूप के बावजूद लोग दुकानों पर पहुंचकर तीखे और चटपटे मिर्ची बड़े का स्वाद ले रहे हैं।
कायलाना रोड स्थित अरोड़ा स्वीट्स के विक्की अरोड़ा बताते हैं कि जोधपुर के लोगों का स्वाद से रिश्ता मौसम नहीं बदल सकता। चाहे तापमान 50 डिग्री तक क्यों न पहुंच जाए, लोग मिर्ची बड़ा खाना नहीं छोड़ते। ग्राहक न सिर्फ दुकान पर आकर खाते हैं बल्कि परिवार के लिए पैक कराकर भी ले जाते हैं।
उन्होंने बताया कि गर्मी के कारण फर्क सिर्फ इतना आया है कि पहले लोग 2-3 मिर्ची बड़े खाते थे, अब संख्या थोड़ी कम हो गई है, लेकिन स्वाद के प्रति दीवानगी बरकरार है।
ग्राहकों बोले- गर्मी में भी मिर्ची बड़ा देता है ‘ठंडक’
दुकान पर पहुंचे ग्राहकों का कहना है कि जोधपुर आएं और मिर्ची बड़ा न खाएं, ऐसा हो ही नहीं सकता। ग्राहक प्रेम कुमार ने बताया कि मिर्ची बड़े का स्वाद ऐसा है जो भीषण गर्मी में भी मन को ठंडक देता है। यही वजह है कि तेज गर्मी के बावजूद लोग दोपहर में भी दुकानों तक पहुंच रहे हैं।
दूध कारोबार पर पड़ा गर्मी का असर
भीषण गर्मी का असर अब जोधपुर के दूध कारोबार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। शहर की दूध मंडी यानी चौहटे में रोजाना करीब एक से सवा लाख लीटर दूध की बिक्री होती थी, लेकिन अब यह घटकर लगभग 50 से 60 हजार लीटर तक पहुंच गई है।
दूध विक्रेता पप्पू के अनुसार तेज गर्मी में दूध को ज्यादा देर तक ड्रम में रखना मुश्किल हो जाता है। 2-3 घंटे से ज्यादा देर तक रखने पर दूध खराब होने का खतरा बना रहता है। गर्मी के चलते दूध की सप्लाई और बिक्री दोनों प्रभावित हुई हैं।
लस्सी, छाछ और रबड़ी की बढ़ी मांग
जहां दूध आधारित मिठाइयों की बिक्री कम हुई है, वहीं गर्मी से राहत देने वाले पेय पदार्थों की मांग तेजी से बढ़ी है। शहर की मिठाई दुकानों पर लस्सी, छाछ, रबड़ी, जूस और ठंडे पेय पदार्थों की बिक्री बढ़ गई है।
सोलंकी स्वीट्स के संचालक राजेंद्र सोलंकी का कहना है कि गर्मी के कारण दिन में ग्राहक कम आ रहे हैं। सुबह और शाम के समय ही ज्यादा भीड़ रहती है। पहले यहां से मिठाइयों की पैकिंग अन्य राज्यों और विदेशों तक भेजी जाती थी, लेकिन इन दिनों कारोबार में गिरावट आई है।
मजदूर और राहगीर सबसे ज्यादा परेशान
तेज गर्मी का सबसे ज्यादा असर मजदूर वर्ग और राहगीरों पर पड़ रहा है। दोपहर के समय मजदूरों को भीषण धूप में काम करना पड़ रहा है। कई लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
राहगीर भंवर सिंह का कहना है कि इस भीषण गर्मी में प्रशासन की ओर से पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं दिखाई दे रही है। कई जगहों पर छांव तक नसीब नहीं हो रही। वहीं वन्यजीवों के लिए भी पानी का संकट बढ़ गया है।
टूरिज्म पर भी दिख रहा असर
सूर्य नगरी जोधपुर में बढ़ती गर्मी का असर पर्यटन उद्योग पर भी दिखाई देने लगा है। तापमान बढ़ने के कारण पर्यटक जोधपुर आने से बच रहे हैं। होटल और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि गर्मी के कारण पर्यटकों की संख्या में कमी आई है।
मथानिया मिर्च की चमक बरकरार
जोधपुर की विश्व प्रसिद्ध मथानिया मिर्च पर हालांकि गर्मी का कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है। अपने तीखेपन और चमकीले लाल रंग के लिए मशहूर यह मिर्च सर्दियों में पकती है और बाद में धूप में सुखाई जाती है, जिससे इसका रंग और अधिक गहरा लाल हो जाता है।