जोधपुर: भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर भयानक हादसा, मूंगफली से भरे ट्रक में आग लगने से ड्राइवर जिंदा जला, 5 किमी लंबा जाम

जोधपुर के भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर रविवार रात मूंगफली से लदे ट्रक को ट्रेलर ने टक्कर मार दी, जिससे दोनों वाहनों में आग लग गई। मूंगफली के कारण आग तेजी से फैली और ट्रक ड्राइवर जिंदा जल गया। फायर ब्रिगेड देर से पहुंची और पानी कम होने से आग नहीं बुझ सकी। हादसे से 5 किमी लंबा जाम लग गया तथा एनएचएआई की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे।

Dec 22, 2025 - 12:08
जोधपुर: भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर भयानक हादसा, मूंगफली से भरे ट्रक में आग लगने से ड्राइवर जिंदा जला, 5 किमी लंबा जाम

राजस्थान के जोधपुर जिले में भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर रविवार रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ। रतन नगर और चंडालिया गांव के बीच ओसियां थाना क्षेत्र में मूंगफली से लदे एक ट्रक को पीछे से आ रहे ट्रेलर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों वाहन आपस में फंस गए और कुछ ही मिनटों में उनमें आग लग गई। आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि ट्रक में फंसा ड्राइवर जिंदा जल गया।

हादसे का विवरण;  समय और स्थान: हादसा रविवार रात करीब 9:45 से 10 बजे के बीच हुआ। स्थान भारतमाला एक्सप्रेस-वे का रतन नगर-चंडालिया स्ट्रेच है।

वाहन और लोड: ट्रक पंजाब से गुजरात की ओर जा रहा था और इसमें मूंगफली भरी हुई थी। ट्रेलर बीकानेर से गुजरात के मोरबी की टाइल्स फैक्टरियों के लिए मिट्टी (क्ले) ले जा रहा था। कुछ रिपोर्ट्स में इसे पंजाब से गुजरात जा रहा बताया गया है।

टक्कर कैसे हुई: ट्रेलर ने आगे चल रहे मूंगफली लदे ट्रक को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ट्रेलर बेकाबू होकर डिवाइडर से टकराया।

आग क्यों फैली इतनी तेजी से: ट्रक में मूंगफली होने के कारण यह ज्वलनशील सामग्री की तरह काम कर गई, जिससे आग देखते ही देखते दोनों वाहनों में फैल गई। लपटें दूर से ही दिखाई देने लगीं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

मौत और पहचान की समस्या हादसे में ट्रक का ड्राइवर कैबिन में फंस गया और आग की चपेट में आकर जिंदा जल गया। (कुछ रिपोर्ट्स में इसे ट्रेलर ड्राइवर बताया गया है, लेकिन मूल विवरण के अनुसार ट्रक ड्राइवर।) ट्रक की नंबर प्लेट, ड्राइवर का लाइसेंस और अन्य दस्तावेज पूरी तरह जल गए, जिससे मृतक की पहचान करना मुश्किल हो गया है। ट्रेलर का क्लीनर गंभीर रूप से घायल हुआ है, जबकि ट्रक का दूसरा चालक सुरक्षित बच निकला।

फायर ब्रिगेड की नाकामी और ग्रामीणों की मदद हादसे की सूचना मिलते ही ओसियां से एकमात्र फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, लेकिन यह करीब एक घंटे बाद आई। फायर ब्रिगेड के वाहन में आधा ही पानी था, जिससे आग पर काबू नहीं पाया जा सका। अंत में स्थानीय ग्रामीणों ने अपने ट्यूबवेल से ट्रैक्टरों के जरिए पानी लाकर आग बुझाने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक दोनों वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो चुके थे। एनएचएआई (नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) की ओर से इस हाईवे पर फायर फाइटिंग की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं होने की बात सामने आई है, जिसकी वजह से प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।

जाम और प्रशासन की देरी हादसे के बाद दोनों तरफ करीब 5-5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। देर रात तक सैकड़ों वाहन जाम में फंसे रहे, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हुई। ओसियां थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन एनएचएआई और अन्य प्रशासनिक अधिकारी काफी देर बाद पहुंचे। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासनिक मशीनरी की सुस्ती और फायर फाइटिंग के इंतजामों की कमी के कारण नुकसान ज्यादा हुआ।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.