जयपुर में सिक्योरिटी गार्ड प्रमोद कुमार की क्रूर हत्या: पत्थर से सिर कुचलकर की गई वारदात, पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही
जयपुर के गलता गेट क्षेत्र (बास बदनपुरा) में 51 वर्षीय सिक्योरिटी गार्ड प्रमोद कुमार (मैनपुरी, उत्तर प्रदेश निवासी) की पत्थर से सिर कुचलकर क्रूर हत्या कर दी गई। सोमवार सुबह 7:10 बजे जैन नसियां पार्किंग के गार्ड रूम में उनका लहूलुहान शव मिला। वे पिछले 5 महीने से यहां किराए के मकान में रहकर पेड पार्किंग में ड्यूटी करते थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर एफएसएल टीम बुलाई, शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और सीसीटीवी फुटेज जांच रही है। बेटे रंजीत ने पुरानी रंजिश से इनकार किया। आरोपी की तलाश जारी।
जयपुर, 23 मार्च 2026: राजस्थान की राजधानी जयपुर के बास बदनपुरा क्षेत्र में एक सिक्योरिटी गार्ड की क्रूर हत्या का मामला सामने आया है। 51 वर्षीय प्रमोद कुमार, जो उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के दखली गांव के निवासी थे, को पत्थर से सिर पर वार करके मार डाला गया। घटना की सूचना सोमवार सुबह करीब 7:10 बजे गलता गेट थाना पुलिस को मिली, जिसमें बताया गया कि जैन नसियां पार्किंग के गार्ड रूम में एक व्यक्ति घायल पड़ा है और उसके सिर से खून बह रहा है।
पुलिस मौके पर पहुंची तो प्रमोद कुमार का शव लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़ा मिला। प्रारंभिक जांच में पता चला कि उनके सिर की कनपटी पर पत्थर से गंभीर हमला किया गया था, जिससे मौत हो गई। मृतक पिछले 5 महीनों से जयपुर में काम के सिलसिले में रह रहे थे और गलता गेट के पास खोले के हनुमान जी मंदिर के सामने एक मकान में किराए पर रहते थे। वे जैन नसियां पार्किंग में सिक्योरिटी गार्ड के पद पर ड्यूटी करते थे।
गलता गेट थाना प्रभारी धर्म सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतक उत्तर प्रदेश का रहने वाला था और यहां करीब 5 महीने से गार्ड की नौकरी कर रहा था। हत्या के पीछे क्या कारण है—क्या कोई पुरानी रंजिश, साजिश या कोई अन्य वजह—इसकी गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने मौके पर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) टीम बुलाई, जिसने सबूत जुटाए। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।
आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपी की पहचान हो सके। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश तेज कर दी है। फिलहाल जांच के दौरान कोई संदिग्ध व्यक्ति सामने नहीं आया है, लेकिन पुलिस हर संभावित एंगल से जांच कर रही है।
मृतक के बेटे रंजीत ने एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी में पहुंचकर बताया कि उनके पिता काम के सिलसिले में यहां 5 महीने से किराए के मकान में रह रहे थे। उन्होंने किसी पुरानी रंजिश से इनकार किया और कहा कि सुबह सूचना मिलने के बाद वे मोर्चरी पहुंचे। रंजीत ने यह भी उल्लेख किया कि उनके पिता अभिषेक (संभवतः सहकर्मी या रिश्तेदार) के साथ यहां रह रहे थे।
यह घटना स्थानीय इलाके में सनसनी फैला रही है, क्योंकि सिक्योरिटी गार्ड जैसी नौकरी करने वाले व्यक्ति पर इस तरह का हमला आमतौर पर अप्रत्याशित होता है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हत्या के असली मकसद और आरोपी के बारे में स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन जांच जारी है।परिवार के सदस्यों का गहरा सदमा है और वे न्याय की मांग कर रहे हैं।