जयपुर में ज्वेलरी कारोबारी से १२ करोड़ की डिजिटल ठगी: गोल्ड ट्रेडिंग के नाम पर वॉट्सएप लिंक से फंसाया, टैक्स-पेनल्टी के नाम पर लूटा

जयपुर के 63 साल के ज्वेलरी कारोबारी से साइबर ठगों ने वॉट्सएप पर फर्जी गोल्ड ट्रेडिंग लिंक भेजकर पहले 6 करोड़ निवेश करवाया, वर्चुअल वॉलेट में भारी मुनाफा दिखाया और निकासी के समय 30% इनकम टैक्स व पेनल्टी के नाम पर अतिरिक्त 6 करोड़ ठग लिए। कुल 12 करोड़ की ठगी का मामला SOG साइबर सेल में दर्ज, फर्जी वेबसाइट अब भी एक्टिव।

Dec 11, 2025 - 12:39
जयपुर में ज्वेलरी कारोबारी से १२ करोड़ की डिजिटल ठगी: गोल्ड ट्रेडिंग के नाम पर वॉट्सएप लिंक से फंसाया, टैक्स-पेनल्टी के नाम पर लूटा

जयपुर के आदर्श नगर इलाके में रहने वाले 63 वर्षीय जेम्स एंड ज्वेलरी कारोबारी से साइबर ठगों ने करीब 12 करोड़ रुपए की ठगी कर ली। ठगों ने गोल्ड ट्रेडिंग के नाम पर फर्जी वेबसाइट का लिंक वॉट्सएप पर भेजकर पहले भरोसा जमाया, फिर वर्चुअल वॉलेट में भारी मुनाफा दिखाया और जब पैसा निकालने की बारी आई तो इनकम टैक्स और पेनल्टी के नाम पर अतिरिक्त ६ करोड़ रुपए वसूल लिए।पीड़ित कारोबारी ने यह शिकायत जयपुर की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) साइबर सेल में दर्ज कराई है। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस फर्जी वेबसाइट के जरिए ठगी हुई, वह अभी भी एक्टिव है।

ठगी की शुरुआत कैसे हुई? 25 सितंबर को पीड़ित के वॉट्सएप पर “कृतिका ठाकुर” नाम की एक लड़की का मैसेज आया। मैसेज में गोल्ड ट्रेडिंग की वेबसाइट www.kdeonegold.net का लिंक था। लिंक खोलते ही आकर्षक इंटरफेस दिखा, जिसमें गोल्ड ट्रेडिंग पर ऊंचा रिटर्न देने का दावा किया गया था। कारोबारी ने भरोसा करके वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन किया और लॉगिन आईडी बनाई। पहले छोटा निवेश, फिर दिखाया तगड़ा मुनाफा७ अक्टूबर को टेस्टिंग के तौर पर 6 लाख रुपए निवेश किए। वेबसाइट के वर्चुअल वॉलेट में तुरंत 5 लाख दिखाए गए और दिन की ट्रेडिंग खत्म होने पर करीब 15% मुनाफा जोड़कर बैलेंस अपडेट कर दिया गया। कस्टमर केयर ने 63% तक मुनाफे का लालच दिया और 1से 3महीने तक निवेश करने की सलाह दी। लालच में फंसकर डाले 6 करोड़ 8अक्टूबर से  9 नवंबर तक लगातार निवेश करते रहे। कुल 6 करोड़ रुपए अलग-अलग बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर किए। वर्चुअल वॉलेट में ९ करोड़ ४२ लाख रुपए तक बैलेंस दिखाया जाने लगा।

निकासी के समय खुला असली खेल 9 नवंबर को जब कारोबारी ने विड्रॉल के लिए आवेदन किया तो कस्टमर केयर ने कहा कि पहले 60 % इनकम टैक्स जमा करना होगा। अगर 7 दिन में टैक्स नहीं दिया तो रोज 2% पेनल्टी लगेगी। डर के मारे 10 नवंबर से 28 नवंबर के बीच “टैक्स” के नाम पर अतिरिक्त 6 करोड़ रुपए और ट्रांसफर कर दिए। कुल मिलाकर 6 करोड़ निवेश + 6 करोड़ टैक्स = 12 करोड़ रुपए ठगी।

अब क्या स्थिति है? पूरा पैसा डूब चुका है, एक रुपया भी वापस नहीं आया। फर्जी वेबसाइट www.kdeonegold.net अभी भी चालू है और नए शिकार तलाश रही है। पीड़ित ने SOG साइबर सेल में केस दर्ज कराया है, जांच जारी है। इस 

ठगी से क्या सीख मिलती है? अनजान व्यक्ति का वॉट्सएप लिंक कभी न खोलें। गोल्ड/स्टॉक ट्रेडिंग के नाम पर कोई भी वेबसाइट या ऐप बिना SEBI रजिस्ट्रेशन चेक किए इस्तेमाल न करें। भारी मुनाफा दिखाने वाले वर्चुअल वॉलेट हमेशा फर्जी होते हैं। विड्रॉल से पहले टैक्स/पेनल्टी मांगना 100% स्कैम का लक्षण है। असल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म कभी ऐसा नहीं करते। बड़े अमाउंट ट्रांसफर करने से पहले साइबर पुलिस या किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.