जयपुर के HDFC बैंक में 5 हजार के नकली नोटों का खुलासा: ग्राहक ने जमा कराने की कोशिश की, कैशियर की सतर्कता से पकड़ा गया
जयपुर के रामनगरिया स्थित HDFC बैंक में एक ग्राहक 5000 रुपये के नकली नोट जमा कराने आया। कैशियर ने जांच के दौरान नोट पकड़ लिए। बैंक मैनेजर ने तुरंत रामनगरिया थाने में FIR दर्ज कराई, आरोपी हिरासत में।
जयपुर, 19 नवंबर 2025: राजस्थान की राजधानी जयपुर में वित्तीय अपराध का एक नया मामला सामने आया है, जहां एक प्रमुख निजी बैंक की शाखा में 5 हजार रुपये के नकली नोट जमा कराने की कोशिश की गई। यह घटना एचडीएफसी बैंक की रामनगरिया थाना क्षेत्र स्थित ब्रांच में घटी, जहां एक ग्राहक ने नकली मुद्रा के साथ खाता जमा कराने पहुंचा था। सतर्क कैशियर ने नोटों की जांच के दौरान ही उन्हें पहचान लिया, जिससे बड़ा घोटाला होने से बच गया। बैंक प्रबंधन ने तुरंत रामनगरिया थाने में ग्राहक के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई है।
घटना का पूरा विवरण; घटना मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे की बताई जा रही है, अपनी बचत खाते में नकद राशि जमा कराने के लिए एचडीएफसी बैंक की रामनगरिया शाखा पहुंचा। ग्राहक ने कुल 5 हजार रुपये के मूल्य के नोट सौंपे, जो 500 रुपये के नोटों के बंडल में थे। बैंक के कैशियर ने रूटीन चेकिंग के तहत नोटों की जांच शुरू की। आधुनिक बैंकिंग प्रक्रियाओं के तहत, कैशियर ने नोटों की गुणवत्ता, सीरियल नंबर, वॉटरमार्क, सिक्योरिटी थ्रेड और अन्य सुरक्षा विशेषताओं की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान ही कैशियर को शक हुआ, क्योंकि नोटों में कई खामियां नजर आईं। विशेष रूप से, नोटों का कागज सामान्य से अधिक चिकना था, वॉटरमार्क धुंधला था, और सिक्योरिटी फीचर्स जैसे कि इंटीग्रेटेड इमेज और माइक्रोप्रिंटिंग सही नहीं लग रहे थे। कैशियर ने तुरंत प्रबंधन को सूचित किया, और नोटों को काउंटर पर ही रोक लिया गया। ग्राहक को नोटों की नकली होने की जानकारी दी गई, लेकिन वह घबरा गया और वहां से भागने की कोशिश की। हालांकि, बैंक स्टाफ ने उसे रोक लिया और स्थानीय पुलिस को बुला लिया।बैंक प्रबंधक ने बताया, "हमारी शाखा में सभी कर्मचारी नकली नोटों की पहचान के लिए नियमित प्रशिक्षण लेते हैं। यह घटना हमारी सतर्कता का प्रमाण है। ग्राहक ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया, इसलिए हमने तुरंत कानूनी कार्रवाई की।" बैंक ने इस मामले को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को भी सूचित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि नकली नोटों की जांच और आगे की कार्रवाई हो सके।
स्थान और संदर्भ; यह घटना जयपुर के रामनगरिया इलाके में स्थित एचडीएफसी बैंक ब्रांच में हुई, जो शहर के व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र में आता है। रामनगरिया थाना क्षेत्र अपराध दर के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है, और हाल के वर्षों में यहां कई वित्तीय धोखाधड़ी के मामले दर्ज हो चुके हैं। पुलिस के अनुसार, जयपुर में नकली नोटों का सर्कुलेशन एक संगठित गिरोह का हिस्सा हो सकता है, जो छोटे-छोटे बैंकों या एटीएम के माध्यम से मुद्रा को वैध बनाने की कोशिश करता है। इस वर्ष राजस्थान में अब तक 20 से अधिक ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें ज्यादातर 500 और 2000 रुपये के नोट शामिल हैं।
पुलिस कार्रवाई और जांच; रामनगरिया थाने की पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर ग्राहक को हिरासत में ले लिया। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 489A (नकली मुद्रा तैयार करना या उपयोग करना) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पूछताछ में ग्राहक ने दावा किया कि नोट उसे एक स्थानीय दुकानदार से मिले थे, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं पेश कर सका। पुलिस अब उसके मोबाइल फोन, बैंक खाते और संपर्कों की जांच कर रही है, ताकि नकली नोटों के स्रोत तक पहुंचा जा सके। थाना प्रभारी [नाम उपलब्ध नहीं] ने कहा, "यह मामला गंभीर है। हम नकली नोटों के नेटवर्क को उजागर करने के लिए आसपास के इलाकों में छापेमारी कर रहे हैं। जनता से अपील है कि कोई भी संदिग्ध नोट मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।" पुलिस ने नोटों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है, और प्रारंभिक रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि ये उच्च गुणवत्ता वाले नकली नोट हैं, जो संभवतः किसी प्रोफेशनल प्रिंटिंग प्रेस से बने हैं।
नकली नोटों का बढ़ता खतरा और सावधानियां; भारत में नकली नोटों की समस्या एक पुरानी चुनौती बनी हुई है, खासकर डिजिटल लेन-देन के दौर में भी नकद मुद्रा का उपयोग आम है। आरबीआई के अनुसार, 2024-25 में देशभर में करोड़ों रुपये के नकली नोट जब्त किए गए। जयपुर जैसे शहरों में, जहां पर्यटन और व्यापार फल-फूल रहा है, ऐसे अपराध अधिक होते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नकली नोट अक्सर छोटे लेन-देन के जरिए सिस्टम में घुसपैठ करते हैं।बैंक और पुलिस दोनों ने लोगों को सलाह दी है:नोट जांचें: वॉटरमार्क, सिक्योरिटी थ्रेड और महात्मा गांधी की छवि को ध्यान से देखें। बड़े बंडल न स्वीकारें: संदिग्ध नोट मिलने पर तुरंत बैंक या पुलिस से संपर्क करें। डिजिटल पेमेंट अपनाएं: जहां संभव हो, कैश से बचें।