"गंदे पानी का गिलास MLA को थमाया: महिला बोली- ‘पीकर देखो’, विधायक ने सूंघकर लौटा दिया"
जयपुर के सिविल लाइन्स इलाके में दूषित पानी की समस्या से लोग परेशान हैं। सुशीलपुरा वार्ड में घरों तक सीवेज का पानी पहुंच रहा है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर का सिविल लाइन्स इलाका, जिसे सबसे सुरक्षित और प्रतिष्ठित क्षेत्रों में गिना जाता है, इन दिनों गंभीर जल संकट से जूझ रहा है। यहां मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और न्यायपालिका से जुड़े लोगों का निवास होने के बावजूद, कई वार्डों में दूषित पानी की शिकायतें सामने आ रही हैं।
सबसे ज्यादा समस्या सुशीलपुरा के वार्ड नंबर 45 में देखने को मिल रही है, जहां लोगों के घरों में सीधे सीवेज का गंदा पानी पहुंच रहा है। पिछले कई दिनों से स्थानीय निवासी इस समस्या से परेशान हैं और लगातार शिकायतें करने के बावजूद समाधान नहीं होने से उनमें भारी नाराजगी है।
विधायक के सामने फूटा जनता का गुस्सा
क्षेत्रीय विधायक गोपाल शर्मा जब मौके पर निरीक्षण के लिए पहुंचे तो लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। खासकर महिलाओं ने उन्हें घेर लिया और हाथ जोड़कर अपनी समस्या बताने लगीं। इसी दौरान एक स्थानीय व्यक्ति गिलास में भरकर दूषित पानी विधायक के सामने ले आया।
विधायक ने पानी को सूंघते हुए कहा, “हमें लगा कि आपने पीने का पानी दिया है।” इस पर मौजूद लोगों ने उनसे कहा कि वे खुद इस पानी को पीकर देखें, क्योंकि वे इसी पानी को पीने को मजबूर हैं। हालांकि विधायक ने पानी पीने से इनकार कर दिया और लोगों को आश्वासन देकर आगे बढ़ गए।
सड़क निर्माण पर भी उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने इस दौरान चल रहे सड़क निर्माण कार्य को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि सड़क के काम के दौरान सीवर और पानी की पाइपलाइन आपस में जुड़ गई, जिससे सप्लाई में गंदा पानी आने लगा।
शाम को पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सड़क पहले से सही स्थिति में थी तो उसे दोबारा बनाने की जरूरत क्यों पड़ी।
बच्चों की तबीयत बिगड़ने की खबर
गंदे पानी की वजह से इलाके में कुछ बच्चों की तबीयत खराब होने की जानकारी भी सामने आई है। शिकायत के बाद मेडिकल टीम मौके पर पहुंची और प्रभावित लोगों की जांच कर दवाइयां वितरित की।
प्रशासन का दावा
जलदाय विभाग (PHED) का कहना है कि टीम लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और पाइपलाइन में आए फॉल्ट को ढूंढकर ठीक करने का काम जारी है। अधिकारियों ने जल्द समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया है।