जयपुर सेंट्रल जेल से कथित फोटो वायरल: सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल, पुलिस ने शुरू की तकनीकी जांच
जयपुर सेंट्रल जेल से कथित तौर पर अंदर की एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। फोटो में दिख रहा युवक मो. समीर, जो पहले हत्या और आर्म्स एक्ट के मामलों में जेल में बंद रह चुका है, अब जेल से बाहर है। जेल प्रशासन ने लालकोठी थाने में शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस साइबर टीम फोटो की सत्यता, लोकेशन और अपलोडर की जांच कर रही है। यह मामला जेल की सुरक्षा चूक को लेकर पहले के कई विवादों को फिर ताजा कर रहा है।
जयपुर। राजधानी की जयपुर सेंट्रल जेल (घाटगेट स्थित) एक बार फिर सुर्खियों में है। सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल होने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। इस फोटो में दावा किया जा रहा है कि तस्वीर जेल के अंदर की है, जिससे जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, जेल प्रशासन ने अभी तक फोटो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और इसे भ्रामक भी बताया जा रहा है।
वायरल फोटो में कौन है युवक?
वायरल हुई तस्वीर में दिखाई दे रहा युवक हसनपुरा निवासी मो. समीर बताया जा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, समीर 2021 से 2025 तक हत्या के एक मामले में जयपुर सेंट्रल जेल में बंद रहा था। उसके बाद जून 2025 में आर्म्स एक्ट के एक अन्य मामले में उसकी गिरफ्तारी हुई और वह 3 जुलाई 2025 तक जेल में रहा। फिलहाल मो. समीर जेल में बंद नहीं है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हाल ही में समीर ने सोशल मीडिया पर कुछ फोटो अपलोड किए, जिनमें यह दावा किया गया कि ये तस्वीरें जयपुर सेंट्रल जेल के अंदर की हैं। इसी के बाद जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं।
जेल प्रशासन की शिकायत और पुलिस जांच
जेल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लालकोठी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अब फोटो की सत्यता, उसकी लोकेशन और अपलोड करने वाले व्यक्ति की पहचान करने के लिए तकनीकी और साइबर जांच में जुट गई है।
जेल प्रशासन का कहना है कि फोटो में लोकेशन स्पष्ट नहीं है, इसलिए बिना जांच के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। साइबर टीम और तकनीकी विशेषज्ञ फोटो की डिटेल्स, मेटाडेटा और अपलोड सोर्स की जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि तस्वीर वास्तव में जेल परिसर की है या सोशल मीडिया पर वायरल किया गया भ्रामक दावा है।
जयपुर सेंट्रल जेल में पहले भी हुई हैं ऐसी घटनाएं
यह पहला मामला नहीं है जब जयपुर सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। पहले भी जेल से कैदियों के वीडियो, रील्स और फोटो वायरल होने के कई मामले सामने आ चुके हैं। इनमें मोबाइल फोन के इस्तेमाल, इफ्तार पार्टी की फोटो, होली की तस्वीरें और अन्य सोशल मीडिया पोस्ट शामिल हैं। ऐसे मामलों में जेल प्रशासन पर सुरक्षा चूक का आरोप लगता रहा है।जेल में मोबाइल फोन बरामद होने की घटनाएं भी लगातार रिपोर्ट होती रही हैं, जो सुरक्षा व्यवस्था में सेंध की ओर इशारा करती हैं।
क्या है सबसे बड़ा सवाल?
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जयपुर सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था वाकई में फिर से सवालों के घेरे में है, या यह सिर्फ सोशल मीडिया पर फैलाया गया भ्रामक प्रचार है?, पुलिस की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी। जेल प्रशासन ने सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए जरूरी कदम उठाने का आश्वासन दिया है, लेकिन बार-बार ऐसी घटनाएं जेल सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लगा रही हैं।