हनुमान बेनीवाल पर भड़के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर: बोले- ऐसी भाषा गली का गुंडा भी नहीं बोलता, भगवान उन्हें सद्बुद्धि दे

राजस्थान की राजनीति में बयानबाजी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल की मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और मंत्रिमंडल पर की गई विवादित टिप्पणी पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

May 31, 2026 - 15:26
हनुमान बेनीवाल पर भड़के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर: बोले- ऐसी भाषा गली का गुंडा भी नहीं बोलता, भगवान उन्हें सद्बुद्धि दे

राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। नागौर सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) प्रमुख हनुमान बेनीवाल द्वारा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्य मंत्रिमंडल को लेकर की गई विवादित टिप्पणी पर भाजपा नेताओं की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बेनीवाल पर तीखा हमला बोला है।

मदन दिलावर ने बेनीवाल की भाषा को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को अपने शब्दों के चयन में संयम और जिम्मेदारी दिखानी चाहिए।

“ऐसी भाषा गली का गुंडा भी इस्तेमाल नहीं करता”

मीडिया से बातचीत के दौरान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के लिए जिस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल किया, वह पूरी तरह निंदनीय है।

उन्होंने कहा, “कुछ दिन पहले सांसद हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और मंत्रिमंडल के लिए जिस तरह के शब्दों का प्रयोग किया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसी भाषा का इस्तेमाल तो गली का गुंडा भी नहीं करता। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि उन्हें सद्बुद्धि दे और वे अपने राजनीतिक दिवालियापन से बाहर निकलें।”

लोकसभा सदस्य होने की जिम्मेदारी याद रखें

शिक्षा मंत्री ने कहा कि हनुमान बेनीवाल को यह नहीं भूलना चाहिए कि वे देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था लोकसभा के सदस्य हैं। ऐसे पद पर बैठे जनप्रतिनिधियों से मर्यादित, संतुलित और जिम्मेदार भाषा की अपेक्षा की जाती है।

दिलावर ने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद और विरोध स्वाभाविक हैं, लेकिन राजनीतिक असहमति व्यक्त करने का भी एक स्तर और तरीका होता है। व्यक्तिगत टिप्पणी और आपत्तिजनक भाषा लोकतांत्रिक परंपराओं को कमजोर करती है।

“जनप्रतिनिधियों को शब्दों की गरिमा बनाए रखनी चाहिए”

मदन दिलावर ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय नेताओं के बयान समाज पर सीधा प्रभाव डालते हैं। इसलिए जनप्रतिनिधियों को अपने शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक आलोचना करना हर नेता का अधिकार है, लेकिन आलोचना की भी अपनी मर्यादा होती है। यदि भाषा की सीमाएं लांघी जाएंगी तो लोकतांत्रिक संवाद की गुणवत्ता प्रभावित होगी।

भाजपा नेताओं की लगातार आ रही प्रतिक्रियाएं

हनुमान बेनीवाल की विवादित टिप्पणी के बाद भाजपा के कई नेता खुलकर उनके बयान का विरोध कर चुके हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल जैसे संवैधानिक पदों के प्रति सम्मानजनक भाषा का प्रयोग होना चाहिए।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी दिनों में यह बयानबाजी और तेज हो सकती है, क्योंकि दोनों पक्ष अपने-अपने राजनीतिक आधार को मजबूत करने में जुटे हुए हैं।

लोकतंत्र में विरोध जरूरी, लेकिन मर्यादा भी जरूरी

मदन दिलावर ने अपने बयान के अंत में कहा कि लोकतंत्र में सरकार की आलोचना करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन इसके साथ राजनीतिक शिष्टाचार और मर्यादा का पालन भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में सभी राजनीतिक दलों के नेता स्वस्थ और सकारात्मक राजनीतिक संवाद को प्राथमिकता देंगे।

Kashish Sain Bringing truth from the ground राजस्थान और देश-दुनिया की ताज़ा, सटीक और भरोसेमंद खबरें सरल और प्रभावी अंदाज़ में प्रस्तुत करना, ताकि हर पाठक तक सही जानकारी समय पर पहुँच सके।