हनुमानगढ़ एथेनॉल प्लांट हिंसा: राजस्थान सरकार ने ठहराया “प्रायोजित”, कहा- बाहर से आए 1000 लोग, कांग्रेस नेता भी शामिल
हनुमानगढ़ में प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में हुई हिंसा को राजस्थान सरकार ने पूरी तरह प्रायोजित बताया। मंत्रियों सुमित गोदारा और जोगाराम पटेल ने कहा कि राजस्थान के बाहर से आए करीब 1000 लोग और कांग्रेस नेता इसमें शामिल थे। MoU और लैंड कन्वर्जन कांग्रेस सरकार में ही हुआ था, फिर भी अब कांग्रेस ही हिंसा भड़का रही है। सरकार ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए वार्ता का प्रस्ताव भी रखा।
जयपुर/ हनुमानगढ़; राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को भजनलाल शर्मा सरकार ने पूरी तरह “प्रायोजित” (स्पॉन्सर्ड) करार दिया है। सरकार का दावा है कि यह कोई स्वतःस्फूर्त किसान आंदोलन नहीं था, बल्कि इसे जानबूझकर भड़काया गया।
सरकार का आधिकारिक बयान घटना पर पहला आधिकारिक बयान देते हुए राजस्थान के पशुपालन मंत्री सुमित गोदारा और जल संसाधन मंत्री जोगाराम पटेल ने संयुक्त रूप से कहा:“यह हिंसा प्रायोजित थी। राजस्थान के बाहर से लगभग 1,000 लोग लाए गए थे, जिन्होंने फैक्ट्री परिस पर हमला किया, तोड़फोड़ की और आगजनी की।”“यह किसानों का आंदोलन नहीं था। आंदोलन करवाया गया था।”“सरकार वार्ता के लिए हर समय तैयार है। किसानों की जायज मांगें कानून के दायरे में सुनी और मानी जाएंगी, लेकिन कानून हाथ में लेने की किसी को इजाजत नहीं दी जाएगी।”“कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार कोई भी जरूरी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।”
कांग्रेस पर सीधा हमला मंत्रियों ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि यही एथेनॉल प्लांट लगाने का MoU कांग्रेस की ही सरकार ने किया था।वर्ष 2022 में अशोक गहलोत सरकार ने कंपनी के साथ MoU साइन किया था। 2023 में कांग्रेस शासन में ही जमीन का लैंड कन्वर्जन हुआ था। अब वही कांग्रेस नेता इसका विरोध कर रहे हैं और हिंसा भड़का रहे हैं। सुमित गोदारा ने कहा, “अशोक गहलोत जी और PCC चीफ गोविंद सिंह डोटासरा जी को जनता को बताना चाहिए कि उनके अपने नेता उनके शासनकाल में हुए फैसलों का विरोध क्यों कर रहे हैं? यह दोहरा चरित्र जनता देख रही है।”
प्लांट से क्षेत्र को क्या फायदा? सरकार ने प्लांट के फायदे गिनाते हुए कहा:स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा। गन्ना, मक्का और कृषि अपशिष्ट (पराली आदि) की खरीद सीधे किसानों से होगी → किसानों की अतिरिक्त आय। पशुओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाली कैटल फीड बनेगी। बायो-एथेनॉल से पर्यावरण संरक्षण और पेट्रोल में मिलावट कम होगी। मंत्रियों ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और वामपंथी संगठन (“कॉमरेड”) मिलकर जानबूझकर क्षेत्र का माहौल खराब करना चाहते हैं, ताकि निवेश भागे और विकास रुके।
वर्तमान स्थिति हिंसा के बाद भारी पुलिस बल तैनात है।कई प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की जा चुकी है। सरकार ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने का ऐलान किया है। साथ ही किसानों से शांति बनाए रखने और वार्ता के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।