राजस्थान दिवस की तिथि बदलने पर घमासान: जूली का पीएम मोदी पर तंज- "क्या प्रधानमंत्री नई तारीख से नाराज हैं?"

राजस्थान दिवस की बदली हुई तारीख पर सियासत! नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पीएम मोदी द्वारा बधाई न देने पर कसा तंज। साथ ही, एससी विभाग के 23% बजट को सरेंडर करने पर केंद्र सरकार को घेरा और दलित कल्याण को बताया 'दिखावा'।

Mar 20, 2026 - 11:03
राजस्थान दिवस की तिथि बदलने पर घमासान: जूली का पीएम मोदी पर तंज- "क्या प्रधानमंत्री नई तारीख से नाराज हैं?"

जयपुर। राजस्थान दिवस की तिथि बदलने को लेकर प्रदेश में सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य सरकार द्वारा हिंदू कैलेंडर (चैत्र प्रतिपदा) के अनुसार राजस्थान दिवस मनाए जाने और उस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'खामोशी' को लेकर तीखा हमला बोला है। जूली ने सवाल उठाया कि जब सरकार ने नई तिथि के अनुसार आयोजन किया, तो प्रधानमंत्री ने शुभकामनाएं क्यों नहीं दीं?

"क्या पीएम ने नई तिथि को नहीं अपनाया?"

टीकाराम जूली ने सरकार को घेरते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने बजट में घोषणा कर 30 मार्च की जगह हिंदू पंचांग के हिसाब से राजस्थान दिवस मनाने का निर्णय लिया, लेकिन देश के प्रधानमंत्री ने इस पर बधाई तक नहीं दी। जूली ने तंज कसते हुए पूछा, "क्या प्रधानमंत्री को इस बदलाव के बारे में पूछा नहीं गया था? या फिर वह इस नई तिथि से नाराज हैं? इससे साफ जाहिर होता है कि खुद पीएम ने इस बदली हुई तारीख को स्वीकार नहीं किया है।"

दलित कल्याण बजट पर केंद्र को घेरा

राजस्थान दिवस के मुद्दे के साथ ही जूली ने केंद्र सरकार पर अनुसूचित जातियों (SC) के बजट को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। संसदीय समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा:

  • बजट सरेंडर का आरोप: वित्त वर्ष 2024-25 में एससी विभाग के लिए आवंटित 10,309 करोड़ रुपए में से 2,345 करोड़ रुपए (23%) राशि सरकार ने वापस लौटा दी (सरेंडर कर दी)।

  • विफलता: जूली ने इसे प्रशासनिक विफलता बताते हुए कहा कि सरकार पहले बड़ी घोषणाएं करती है, लेकिन संशोधित अनुमानों में बजट घटा देती है और फिर बचे हुए पैसे का भी उपयोग नहीं कर पाती।

  • जुमलेबाजी: उन्होंने आरोप लगाया कि दलितों का विकास सरकार की प्राथमिकता में नहीं है और उनकी सोच सिर्फ 'जुमलेबाजी' तक सीमित है।

Kashish Sain Bringing truth from the ground