“हम भी कांग्रेसी हैं, आप गलत कर रहे!” – सरिस्का विवाद में जूली को मिला जबरदस्त विरोध!
Sariska Tiger Reserve में CTH (क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट) बदलाव को लेकर विवाद तेज हो गया है। नेता प्रतिपक्ष Tikaram Julie ने इसे घोटाला बताते हुए जांच की मांग की, वहीं कुछ ग्रामीण और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके विरोध में आकर नए प्लान का समर्थन किया। बैठक के बाद दोनों पक्षों में तीखी बहस और झड़प की स्थिति बन गई, जिसमें पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
अलवर |
सariska Tiger Reserve में प्रस्तावित क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट (CTH) के बदलाव को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस मुद्दे पर बुधवार को अलवर में आयोजित बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष Tikaram Julie को स्थानीय लोगों और कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा। बैठक के बाहर स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा।
मीटिंग के बाद बढ़ा विवाद, कार्यकर्ताओं में टकराव
अलवर मिनी सचिवालय में हुई बैठक में जूली ने प्रशासनिक अधिकारियों से CTH बदलाव को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने कलेक्टर, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से पूछा कि क्या यह बदलाव खनन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है।
बैठक खत्म होते ही टहला क्षेत्र के कुछ ग्रामीण, जिनमें पालवा गांव के कमलेश मीणा भी शामिल थे, जूली के सामने आ गए। उन्होंने खुद को कांग्रेस कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि नए प्लान से उन्हें कोई समस्या नहीं है और जूली बेवजह भ्रम फैला रहे हैं।
इस दौरान जूली समर्थकों और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस हो गई, जो जल्द ही धक्का-मुक्की में बदलने लगी। हालात बिगड़ते देख पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
जूली ने लगाए बड़े आरोप
मीडिया से बातचीत में जूली ने CTH बदलाव को “बड़ा घोटाला” बताया। उनका कहना है कि:
शहर के नजदीकी क्षेत्रों को CTH में शामिल किया जा रहा है
दूर के क्षेत्रों को बाहर किया जा रहा है
यह बदलाव खनन गतिविधियों को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है
उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में राजनीतिक दबाव भी हो सकता है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
“दूध का दूध, पानी का पानी होना चाहिए”
जूली ने कहा कि अगर CTH बदलने से खनन गतिविधियां शुरू होती हैं, तो यह वन्यजीवों के लिए खतरा होगा। उन्होंने मांग की कि:
पूरे मामले की पारदर्शी जांच हो
अधिकारियों पर किसी भी तरह का दबाव खत्म किया जाए
बाघों के संरक्षण को प्राथमिकता दी जाए
ग्रामीणों की अलग राय
दूसरी ओर, कुछ स्थानीय ग्रामीण इस बदलाव के पक्ष में नजर आए। उनका कहना है कि:
नए प्लान से उन्हें निर्माण सामग्री (पत्थर) मिलने में सुविधा होगी
पुराने नियमों के कारण उन्हें विकास कार्यों में परेशानी होती थी
यानी इस मुद्दे पर स्थानीय स्तर पर भी मतभेद साफ दिखाई दे रहे हैं।
क्या है क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट (CTH)?
क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट वह संरक्षित जंगल क्षेत्र होता है:
जहां बाघों की आवाजाही और प्रजनन सबसे अधिक होता है
जिसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत पूरी तरह सुरक्षित रखा जाता है
जहां मानव गतिविधियों को न्यूनतम या पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाता है
क्यों हो रहा है विरोध?
सरिस्का में प्रस्तावित बदलाव के तहत:
टहला क्षेत्र को CTH से बाहर करने की योजना है
वहीं दूसरे क्षेत्रों को CTH में शामिल किया जा रहा है
इसी कारण:
एक पक्ष इसे पर्यावरण के खिलाफ मान रहा है
दूसरा पक्ष इसे विकास के लिए जरूरी बता रहा है
यह मामला अब राजनीतिक और जन-आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। एक तरफ वन्यजीव संरक्षण की चिंता है, तो दूसरी तरफ स्थानीय विकास और संसाधनों की जरूरत। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा सकता है, खासकर अगर जांच और निर्णय में पारदर्शिता नहीं लाई गई।