हिंसक प्रदर्शन में चार की मौत, सोनम वांगचुक NSA के तहत गिरफ्तार

लद्दाख में पूर्ण राज्य और छठी अनुसूची की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन हिंसक हो गया, जिसमें 4 लोगों की मौत और 45 घायल हुए। सोनम वांगचुक पर हिंसा भड़काने का आरोप लगा, जबकि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत शुरू हो चुकी है।

Web Desk
Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor
September 26, 2025 • 7:34 PM  37
क्राइम
NEWS CARD
Logo
हिंसक प्रदर्शन में चार की मौत, सोनम वांगचुक NSA के तहत गिरफ्तार
“हिंसक प्रदर्शन में चार की मौत, सोनम वांगचुक NSA के तहत गिरफ्तार”
Favicon
Read more on thekhatak.com
26 Sep 2025
https://thekhatak.com/four-killed-in-violent-protests-sonam-wangchuk-arrested-under-nsa
Google News
Copied
हिंसक प्रदर्शन में चार की मौत, सोनम वांगचुक NSA के तहत गिरफ्तार

लद्दाख, अपनी शांत वादियों और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाने वाला क्षेत्र, हाल ही में हिंसक प्रदर्शनों की चपेट में आ गया। 24 सितंबर 2025 को लेह में हुए हिंसक आंदोलन में चार लोगों की मौत और 90 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। यह आंदोलन लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर था। इस आंदोलन के प्रमुख चेहरे, जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। केंद्र सरकार ने वांगचुक पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है, जबकि उन्होंने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे "बलि का बकरा" बनाने की साजिश बताया। लेह में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं, और कर्फ्यू लागू है। आइए, ताजा अपडेट्स के साथ इस मामले को विस्तार से समझें।

धारा 370 से बदला लद्दाख का परिदृश्य

5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हटाने का ऐतिहासिक फैसला लिया। इसके साथ ही, जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों—जम्मू-कश्मीर और लद्दाख—में विभाजित कर दिया गया। लद्दाख को बिना विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया। शुरू में लेह में इस फैसले का स्वागत हुआ, क्योंकि स्थानीय लोग इसे अपनी सांस्कृतिक और क्षेत्रीय पहचान को मजबूत करने के अवसर के रूप में देख रहे थे। हालांकि, जल्द ही यह उत्साह मांगों में बदल गया। लेह एपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) ने लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची के तहत विशेष संवैधानिक सुरक्षा देने की मांग शुरू की। छठी अनुसूची आदिवासी क्षेत्रों को स्वशासन, भूमि और संसाधनों पर नियंत्रण प्रदान करती है, जिसे लद्दाख के लोग अपनी संस्कृति और नाजुक पर्यावरण की रक्षा के लिए आवश्यक मानते हैं।

आंदोलन से हिंसा तक: क्या हुआ 24 सितंबर को?

1 सितंबर 2024 से सोनम वांगचुक और उनके संगठन, स्टूडेंट्स एजुकेशन एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL), के नेतृत्व में एक शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू हुआ। 10 सितंबर से लेह में भूख हड़ताल और अनशन शुरू हुआ, जिसमें स्थानीय युवा, मॉन्क्स, और बुजुर्ग शामिल थे। वांगचुक ने अपनी मांगों को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के लिए दिल्ली तक पैदल मार्च की भी घोषणा की थी। 23 सितंबर को 35 दिन की भूख हड़ताल पर बैठे दो कार्यकर्ताओं—त्सेरिंग अंगचुक (72) और ताशी दोलमा (60)—की तबीयत बिगड़ने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इससे नाराज युवाओं ने 24 सितंबर को सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया, जो हिंसक हो गया।

Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Web Desk The Khatak

Digital Archives

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter