दिल्ली ब्लास्ट: आतंकी डॉ. उमर का चौंकाने वाला वीडियो सामने, हमास स्टाइल ड्रोन-रॉकेट हमले की साजिश; बाबरी बदले की बड़ी प्लानिंग का खुलासा

10 नवंबर को दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए आत्मघाती कार बम धमाके का मास्टरमाइंड पुलवामा का डॉ. मोहम्मद उमर नबी था। हमले से पहले का उसका वीडियो सामने आया है जिसमें वह सुसाइड ब्लास्ट को जायज ठहराता नजर आता है। एनआईए की जांच में खुलासा हुआ कि यह हमला बाबरी विध्वंस की बरसी पर 32 कार बम और हमास स्टाइल ड्रोन-रॉकेट हमलों की बड़ी साजिश का हिस्सा था। फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े कई डॉक्टरों का आतंकी मॉड्यूल बेनकाब हुआ है।

Nov 18, 2025 - 10:36
दिल्ली ब्लास्ट: आतंकी डॉ. उमर का चौंकाने वाला वीडियो सामने, हमास स्टाइल ड्रोन-रॉकेट हमले की साजिश; बाबरी बदले की बड़ी प्लानिंग का खुलासा

नई दिल्ली, 18 नवंबर 2025: दिल्ली को दहला देने वाले लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर को हुए भयानक आत्मघाती हमले की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं। इस हमले में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हमले का मास्टरमाइंड डॉ. मोहम्मद उमर नबी (पुलवामा, जम्मू-कश्मीर का निवासी) का एक नया वीडियो और कई फोटो सामने आए हैं, जो हमले से ठीक पहले के हैं। इस वीडियो में उमर आत्मघाती हमलों की मानसिकता पर खुलकर बोलता नजर आता है, जो साफ जाहिर करता है कि यह हमला पहले से सुनियोजित था। एनआईए की जांच में और भी चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं—आतंकी मॉड्यूल ने हमास की तर्ज पर ड्रोन और रॉकेट से हमले की प्लानिंग की थी, साथ ही बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी पर देशभर में 32 कारों से धमाकों की साजिश रची थी।

हमले का मंजर: लाल किला मेट्रो पर मौत का तांडव 10 नवंबर की शाम करीब 6:52 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास एक सफेद हुंडई i20 कार में जोरदार धमाका हुआ। यह विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि 40 फीट नीचे स्थित अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन हिल गया। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि धमाके के बाद अफरा-तफरी मच गई—लोग चीखते-चिल्लाते भागे, घायलों को सड़क किनारे रेहड़ियों पर लादकर अस्पताल पहुंचाया गया। कार में भारी मात्रा में विस्फोटक भरा गया था, जिसमें अमोनियम नाइट्रेट और फर्टिलाइजर जैसे सामग्रियां शामिल थीं। एनआईए के मुताबिक, यह एक क्लासिक आत्मघाती हमला था, जिसमें डॉ. उमर खुद कार में मौजूद था। डीएनए टेस्ट से उसकी पहचान की पुष्टि हो चुकी है।घटना के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस, एनएसजी और एनआईए की टीमें मौके पर पहुंचीं। धमाके से आसपास की 20 से अधिक गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं, और मेट्रो स्टेशन की पार्किंग में आग लग गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। शाह ने कहा, "दिल्ली बम विस्फोट के दोषियों को पाताल लोक से भी खोज निकालेंगे। उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।"

डॉ. उमर का वीडियो: 'मौत अंतिम मंजिल', लेकिन समाज-कानून के खिलाफ हमले से पहले रिकॉर्ड किया गया डॉ. उमर का यह वीडियो सबसे बड़ा सबूत है कि हमला सुनियोजित था। वीडियो में उमर आत्मघाती हमलों (जिन्हें वह 'लाइबेरिया ब्लास्ट' कहता है, संभवतः 'सुसाइड ब्लास्ट' का संदर्भ) पर गहन चिंतन करता दिखता है। वह कहता है, "सबसे बड़ी गलती है कि लोग समझ ही नहीं पाते कि सुसाइड ब्लास्ट वास्तव में क्या है। यह किसी भी तरह लोकतांत्रिक नहीं है और ना ही किसी सभ्य समाज में स्वीकार किया जा सकता है। इसके खिलाफ कई विरोधाभास और तर्क मौजूद हैं। आत्मघाती हमले की सबसे बड़ी समस्या यह है कि जब कोई व्यक्ति मान लेता है कि वह एक तय समय और जगह पर जरूर मरेगा, तो वह बेहद खतरनाक मानसिक स्थिति में पहुंच जाता है। वह खुद को ऐसी जगह खड़ा कर देता है जहां पर उसे लगता है कि उसकी आखिरी मंजिल मौत ही है। लेकिन यह सच है कि ऐसी सोच या परिस्थितियां किसी भी लोकतांत्रिक और मानवीय व्यवस्था में स्वीकार नहीं की जा सकतीं। क्योंकि यह जीवन, समाज और कानून की बुनियादी सिद्धांतों के खिलाफ है।"यह वीडियो मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हमले से कुछ घंटे पहले बनाया गया था। एनआईए का मानना है कि यह उमर का 'फिदायीन' (आत्मघाती हमलावर) बनने का अंतिम संदेश था, जो अपनी कट्टर विचारधारा को जस्टिफाई करने का प्रयास करता है। वीडियो के साथ-साथ उमर की 150 पेज की डायरी भी बरामद हुई है, जिसमें कोडेड मैसेजेस हैं। फोरेंसिक विशेषज्ञ इन्हें डिकोड कर रहे हैं।

डॉ. उमर का बैकग्राउंड: व्हाइट कॉलर टेरर का चेहरा डॉ. मोहम्मद उमर नबी (उम्र 32 वर्ष) पुलवामा के कोइल गांव का रहने वाला था। वह फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस छात्र था और बाद में डॉक्टर बन गया। बाहरी तौर पर वह एक सौम्य डॉक्टर लगता था—डॉक्टर एप्रन और स्टेथोस्कोप उसके ट्रेडमार्क थे। लेकिन अंदर से वह जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद जैसे संगठनों से जुड़ा कट्टरपंथी था। जांच में पता चला कि दो साल पहले उसने व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल बनाया, जिसमें ज्यादातर पढ़े-लिखे डॉक्टर शामिल थे। उमर ने तुर्की की यात्रा भी की थी, जहां से उसे ड्रोन तकनीक सीखने का संदेह है।29 अक्टूबर को फरीदाबाद की एक दुकान पर सीसीटीवी में उमर फोन चार्ज कराता नजर आता है। वह नर्वस लग रहा है, साइड बैग में विस्फोटक छिपाए हुए। कुल 6 सीसीटीवी फुटेज मिले हैं—नूंह में 17 घंटे पहले, टोल प्लाजा पर, ओखला, कनॉट प्लेस, रामलीला मैदान की मस्जिद में नमाज पढ़ते हुए, और अंत में लाल किला पार्किंग में।

साजिश का पैमाना: ड्रोन-रॉकेट से हमास स्टाइल अटैक, 32 कारों का प्लान एनआईए की जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि यह हमला बाबरी मस्जिद विध्वंस की 32वीं बरसी (6 दिसंबर 2025) पर बदला लेने का हिस्सा था। आतंकी मॉड्यूल ने 5 फेज में प्लानिंग की: मॉड्यूल बनाना, विस्फोटक जुटाना, आईईडी तैयार करना, रेकी, और दिल्ली समेत 5-6 जगहों पर ब्लास्ट। टारगेट थे लाल किला, इंडिया गेट, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब, गौरी शंकर मंदिर, रेलवे स्टेशन और मॉल्स।ड्रोन और रॉकेट प्लान: हमास के 7 अक्टूबर 2023 के इजराइल हमले से प्रेरित होकर, मॉड्यूल ने भारी-लोड ड्रोन (बड़ी बैटरी और कैमरे से लैस) तैयार किए, जो भीड़-भाड़ वाले इलाकों में बम गिरा सकें। जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश (अनंतनाग का निवासी) ने तकनीकी मदद दी। वह ड्रोन मॉडिफाई करने का एक्सपर्ट था। 

32 कारों की साजिश: देशभर में 32 कारों (ब्रेजा, स्विफ्ट डिजायर, i20 आदि) में बम भरने का प्लान था। 200 आईईडी से 26/11 जैसा हमला करने की तैयारी। 20 लाख रुपये से 20 क्विंटल एनपीके फर्टिलाइजर खरीदा गया। 3 कारें बरामद, चौथी की तलाश जारी। कम्युनिकेशन के लिए थ्रीमा और सिग्नल ऐप यूज किए गए। डेड ड्रॉप ईमेल तकनीक से डिजिटल ट्रेस छिपाया।

जांच के नए मोड़: गिरफ्तारियां, अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर शिकंजा

एनआईए, दिल्ली पुलिस, ईडी और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अब तक 18 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें 8 गिरफ्तार। मुख्य आरोपी:आमिर राशिद अली (पंपोर): कार खरीदने वाला, 10 दिन की एनआईए कस्टडी। डॉ. मुजम्मिल गनी, डॉ. शाहीन शाहिद (लेडी टेररिस्ट), डॉ. आरिफ, डॉ. फारूक: यूनिवर्सिटी से जुड़े। जमील (एचआर कर्मचारी), दो हाइब्रिड आतंकी।

अल-फलाह यूनिवर्सिटी (फरीदाबाद) केंद्र में है। यहां 40% डॉक्टर कश्मीरी हैं। ईडी ने 25 ठिकानों पर रेड मारी, 2 एफआईआर दर्ज। यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. नासिर हसन की पत्नी-बेटी हाउस अरेस्ट, 10 छात्रों पर रोक। 2019 से रिकॉर्ड जब्त। नेशनल मेडिकल कमीशन ने 4 डॉक्टरों के नाम हटाए।पुलवामा में उमर का घर बुलडोजर से गिराया गया। गुरुग्राम में खाद दुकानदारों से पूछताछ हुई। पुंछ में इनाम घोषित।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.