दौसा में दिल दहला देने वाला हादसा: हाईवे की सर्विस रोड पर पैदल चल रहे बुजुर्ग किसान को तेज रफ्तार क्रेन ने कुचल दिया, शव सड़क पर चिपक गया, ड्राइवर फरार
दौसा के मानपुर चौराहे के पास जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे की सर्विस रोड पर 56 वर्षीय किसान कैलाश गुर्जर को तेज रफ्तार क्रेन ने पीछे से टक्कर मारकर कुचल दिया। क्रेन का पहिया उनके ऊपर से गुजरा, शव सड़क पर चिपक गया और खून फैल गया। ड्राइवर फरार हो गया। हादसा सीसीटीवी में कैद हुआ, पुलिस जांच में जुटी। स्थानीय लोग सैंड स्टोन यूनिटों से भारी वाहनों की लापरवाही पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
राजस्थान के दौसा जिले में जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे की सर्विस रोड पर एक बेहद दर्दनाक और भीषण सड़क हादसा हुआ है। सोमवार (19 जनवरी 2026) सुबह करीब 11 बजे पांचोली गांव के पास मानपुर थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार क्रेन ने पैदल चल रहे बुजुर्ग किसान को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि क्रेन का पहिया बुजुर्ग के शरीर पर से गुजर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद बुजुर्ग का शव सड़क पर चिपक गया, चारों ओर खून फैल गया और मांस के टुकड़े बिखर गए। क्रेन चालक ने रुकने की बजाय तेज गति से वाहन भगाकर मौके से फरार हो गया।
मृतक की पहचान पांचोली गांव निवासी कैलाश गुर्जर (56 वर्ष) के रूप में हुई है। वे एक किसान थे और उस समय मानपुर चौराहा मार्केट से पैदल अपने घर की ओर जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, क्रेन पीछे से आई और अचानक टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही कैलाश गुर्जर हवा में उछलकर सड़क पर गिरे, फिर क्रेन का भारी पहिया उनके ऊपर से निकल गया। आसपास के लोग दौड़कर पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। हादसे का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें पूरी घटना कैद हुई है।
मानपुर थाना प्रभारी सतीश कुमार ने बताया कि मृतक के बेटे तुलसीराम की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। फरार क्रेन चालक की तलाश जारी है। पोस्टमॉर्टम पूरा होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने हादसे के कारणों की गहराई से जांच शुरू कर दी है।
स्थानीय लोगों का गुस्सा: लापरवाही और तेज रफ्तार का खेल
हादसे के बाद इलाके के लोगों में भारी रोष है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि मानपुर चौराहे के आसपास हाईवे किनारे दर्जनों सैंड स्टोन (रेत-पत्थर) की यूनिटें संचालित हो रही हैं। इन यूनिटों में भारी पत्थरों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए दिनभर हाइड्रा क्रेन, डंपर और अन्य भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। अधिकांश क्रेन ड्राइवर जल्दबाजी में सामान पहुंचाने के चक्कर में गाड़ी को तेज रफ्तार में चलाते हैं, जिससे सर्विस रोड पर पैदल चलने वालों के लिए खतरा बढ़ जाता है।
लोगों का आरोप है कि ये ड्राइवर अक्सर रॉन्ग साइड या लापरवाही से वाहन चलाते हैं, और ऐसे हादसे पहले भी हो चुके हैं। स्थानीय निवासियों ने ऐसे लापरवाह ड्राइवरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सर्विस रोड पर पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए उचित उपाय नहीं किए गए हैं, जबकि भारी वाहनों की आवाजाही अनियंत्रित है।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा, भारी वाहनों के संचालन में लापरवाही और ड्राइवरों की जल्दबाजी की समस्या को उजागर करता है। राजस्थान में सड़क हादसों का सिलसिला जारी है, और ऐसे मामलों में अक्सर दोषी चालक फरार हो जाते हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि फरार ड्राइवर को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।