बैल की हिम्मत ने लेपर्ड को मात दी: 35 सेकंड तक गर्दन पकड़कर लटका रहा शिकारी, लेकिन संघर्ष से मिली नई जिंदगी
राजस्थान के कोटा जिले के मुकुन्दरा टाइगर हिल्स में एक लेपर्ड ने बैल पर हमला किया और उसकी गर्दन पकड़कर 35 सेकंड तक लटकाए रखा, लेकिन बैल ने अपनी हिम्मत और पैरों से लगातार वार करके लेपर्ड के जबड़ों से खुद को छुड़ा लिया। वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें बैल की बहादुरी दिखाई दे रही है। वन विभाग ने शाम-रात में सतर्क रहने की सलाह दी है।
राजस्थान के कोटा जिले में मुकुन्दरा टाइगर हिल्स क्षेत्र में एक रोमांचक और दिल दहला देने वाली घटना ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। एक लेपर्ड ने एक मजबूत बैल पर हमला बोल दिया, लेकिन बैल ने अपनी अदम्य हिम्मत और लगातार संघर्ष से मौत के मुंह से खुद को छुड़ा लिया। यह वीडियो अब वायरल हो रहा है, जिसमें बैल की बहादुरी और लेपर्ड की असफलता साफ दिखाई दे रही है।
घटना का पूरा विवरण
घटना 10 जनवरी 2026 की शाम करीब 6 बजे की है। स्थान था कोटा के कोलीपुरा गांव के पास मुकुन्दरा टाइगर हिल्स का जंगली इलाका, जो कोटा-रावतभाटा मार्ग पर पड़ता है। अचानक एक लेपर्ड ने बैल पर हमला कर दिया। लेपर्ड ने अपनी मजबूत पकड़ से बैल की गर्दन को कसकर दबोचा और उसे जमीन से ऊपर उठाकर करीब 35 सेकंड तक लटकाए रखा। लेपर्ड का पूरा जोर बैल को दबाने और शिकार बनाने पर था, लेकिन बैल ने हार नहीं मानी।
बैल ने अपनी ताकत और हौसले का कमाल दिखाया। वह लगातार अपने पिछले पैरों से जोरदार वार करता रहा, लेपर्ड को घसीटता हुआ आगे बढ़ता रहा और बार-बार खुद को आजाद करने की कोशिश करता रहा। इस जबरदस्त जद्दोजहद में बैल ने आखिरकार लेपर्ड के जबड़ों से अपनी गर्दन छुड़ा ली। लेपर्ड को शिकार बनाने में नाकामयाब होने के बाद दोनों अलग-अलग दिशाओं में भाग गए। बैल ने न सिर्फ लेपर्ड को मात दी, बल्कि मौत को भी चकमा दे दिया।
गवाहों ने कैद किया वायरल वीडियो
इस रोमांचक संघर्ष के जीवंत गवाह बने दो सरकारी शिक्षक - बृज बिहारी मेघवाल और परमेश्वर राठौड़। दोनों कोटा से रावतभाटा की ओर कार से जा रहे थे। रास्ते में यह दृश्य देखकर वे रुक गए और मोबाइल फोन से पूरा सीन रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में बैल का पैरों से वार करना, लेपर्ड का लटकना और अंत में बैल का खुद को छुड़ाना साफ दिख रहा है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों की जुबान पर बैल की बहादुरी छाई हुई है।
मुकुन्दरा क्षेत्र में लेपर्ड का प्राकृतिक आवास
वन विभाग के अनुसार, मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व लेपर्ड का प्राकृतिक विचरण क्षेत्र है। यहां लेपर्ड दिखना कोई नई बात नहीं है। कोटा-रावतभाटा मार्ग पर जंगल से गुजरते समय अक्सर वन्यजीव नजर आते हैं। हालांकि, खुले जंगल में लेपर्ड द्वारा शिकार की ऐसी कोशिश को कैमरे में कैद होना अब तक की पहली घटना बताई जा रही है।
वन विभाग की सलाह: शाम-रात में बरतें सतर्कता
वन विभाग के अधिकारियों ने इस घटना के बाद लोगों से अपील की है कि मुकुन्दरा के जंगल क्षेत्र में शाम और रात के समय विशेष सावधानी बरतें। वाहन चलाते समय:रफ्तार कम रखें।अनावश्यक रूप से रुकें नहीं।वन्यजीव दिखाई देने पर बिना छेड़छाड़ के सुरक्षित दूरी बनाकर आगे बढ़ें।रात में बाइक या पैदल यात्रा से बचें।लेपर्ड स्वभाव से शर्मीले होते हैं और बिना वजह हमला नहीं करते, लेकिन सतर्कता जरूरी है।