बीकानेर में चलते ट्रक में लगी भीषण आग: गाय को बचाने की कोशिश में बड़ा हादसा, चालक ने कूदकर बचाई जान
बीकानेर के लूणकरणसर में राष्ट्रीय राजमार्ग-62 पर गुजरात से पंजाब जा रहा एक ट्रक सड़क पर अचानक आई गाय को बचाने की कोशिश में बेकाबू होकर पेड़ से टकरा गया। टक्कर के बाद ट्रक में भीषण आग लग गई और पूरा वाहन व माल जलकर खाक हो गया। चालक बाबूराम ने चलती गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचाई। फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया और कोई जनहानि नहीं हुई।
राजस्थान के बीकानेर जिले में लूणकरणसर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक दिल दहला देने वाला हादसा बुधवार देर रात हुआ। राष्ट्रीय राजमार्ग-62 पर धीरेरां गांव के पास गुजरात से पंजाब जा रहा एक ट्रक अचानक बेकाबू होकर सड़क किनारे खड़े पेड़ से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक में तुरंत आग लग गई और देखते ही देखते पूरी गाड़ी आग की लपटों में घिर गई। हादसे में ट्रक और उसमें लदा पूरा माल जलकर राख हो गया, लेकिन गनीमत रही कि इसमें कोई जानहानि नहीं हुई।
हादसे का कारण: सड़क पर अचानक आई गाय स्थानीय लोगों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, ट्रक तेज रफ्तार से राजमार्ग पर जा रहा था। देर रात करीब समय में अचानक सड़क पर एक गाय आ गई। ट्रक चालक ने गाय को कुचलने से बचाने की कोशिश में अचानक स्टीयरिंग घुमाया, जिससे वाहन का संतुलन बिगड़ गया। ट्रक सड़क से उतरकर किनारे पर लगे पेड़ से जा टकराया। टक्कर के सदमे से संभवतः ईंधन टैंक लीक हो गया या शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे कुछ ही पलों में ट्रक में भीषण आग भड़क उठी। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि दूर से ही नजर आने लगीं और आसपास का इलाका रोशनी से जगमगा उठा।
चालक की सूझबूझ से बची जान ट्रक चालक बाबूराम ने बेहद सतर्कता दिखाई। जैसे ही ट्रक पेड़ से टकराया और आग की लपटें उठने लगीं, उन्होंने चलती गाड़ी से छलांग लगा दी। इस सूझबूझ भरी हरकत से उनकी जान बच गई। यदि वे केबिन में ही रहते तो आग की चपेट में आने से बड़ा हादसा हो सकता था। चालक को मामूली चोटें आईं, लेकिन वे सुरक्षित हैं।
फायर ब्रिगेड और पुलिस की त्वरित कार्रवाई हादसे की जानकारी मिलते ही लूणकरणसर थाने के सहायक उप निरीक्षक सुरेश मीणा और कॉन्स्टेबल महावीर प्रसाद तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और फौरन फायर ब्रिगेड को सूचना दी। कुछ ही देर में फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं। अग्निशमन कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद ट्रक का केवल कंकाल बचा था – पूरा वाहन और उसमें लदा सामान जलकर खाक हो चुका था।
ट्रक में क्या था लदा सामान? पुलिस जांच से पता चला कि ट्रक गुजरात के मोरबी से कागज के रोल लोड करके पंजाब के लुधियाना जा रहा था। यह एक कमर्शियल मालवाहक ट्रक था, जिसमें लाखों रुपये का सामान लदा था। हादसे से ट्रक मालिक को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। पुलिस ने बताया कि ट्रक का नंबर और अन्य डिटेल्स नोट कर ली गई हैं, और मालिक से संपर्क किया जा रहा है।
राहत की बात: कोई जनहानि नहीं यह हादसा बेहद भयावह था, लेकिन सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इसमें किसी की जान नहीं गई। न तो चालक घायल हुआ (गंभीर रूप से), और न ही कोई राहगीर या अन्य वाहन प्रभावित हुआ। देर रात का समय होने से राजमार्ग पर ट्रैफिक कम था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
जांच और सड़क सुरक्षा का मुद्दा पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मौके से जले हुए ट्रक को क्रेन की मदद से हटवाया गया, जिससे राजमार्ग पर यातायात बहाल हो सका। सहायक उप निरीक्षक सुरेश मीणा ने कहा कि हादसे का मुख्य कारण गाय को बचाने की कोशिश लग रहा है, लेकिन स्पीड और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जा रही है।यह घटना एक बार फिर सड़क पर घूमने वाले आवारा पशुओं की समस्या को उजागर करती है। राजस्थान के राजमार्गों पर ऐसी घटनाएं आम हैं, जहां ड्राइवर पशुओं को बचाने के चक्कर में वाहन बेकाबू हो जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पशुशालाओं का बेहतर प्रबंधन और राजमार्गों पर बैरियर लगाने से ऐसे हादसे रोके जा सकते हैं।