भरतपुर में ट्रेन हादसा: कोटा से धौलपुर लौट रहे युवक की चलती ट्रेन से गिरने से दर्दनाक मौत

भरतपुर के रूपवास में कोटा से धौलपुर लौट रहा 40 साल का मंगल सिंह चलती ट्रेन से उतरते समय बैलेंस बिगड़ने से ट्रैक पर गिर गया। गंभीर चोटों के कारण अस्पताल में मौत हो गई।

Nov 17, 2025 - 17:25
भरतपुर में ट्रेन हादसा: कोटा से धौलपुर लौट रहे युवक की चलती ट्रेन से गिरने से दर्दनाक मौत

भरतपुर, 17 नवंबर 2025: राजस्थान के भरतपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने यात्रियों के बीच सतर्कता का संदेश दे दिया है। रूपवास क्षेत्र में एक चलती ट्रेन से उतरने की जल्दबाजी में 40 वर्षीय युवक का संतुलन बिगड़ गया, जिससे वह रेलवे ट्रैक पर गिर पड़ा। गंभीर रूप से घायल होने के बाद अस्पताल पहुंचाए गए युवक ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान धौलपुर जिले के बाड़ी तहसील के निवासी मंगल सिंह के रूप में हुई है, जो कोटा में नौकरी करता था और अपने घर लौट रहा था।

घटना का विवरण;  पुलिस के अनुसार, यह हादसा सोमवार शाम करीब 5 बजे भरतपुर जिले के रूपवास रेलवे स्टेशन के पास घटित हुआ। मंगल सिंह कोटा से ट्रेन से यात्रा कर रहे थे और धौलपुर के बाड़ी गांव में अपने परिवार के पास पहुंचने के लिए उतावले थे। रूपवास स्टेशन पर ट्रेन के धीमे होते ही उन्होंने जल्दबाजी में उतरने का प्रयास किया। लेकिन ट्रेन की गति अभी भी तेज होने के कारण उनका बैलेंस बिगड़ गया और वे सीधे ट्रैक पर गिर गए। गिरने के दौरान उनका सिर और शरीर ट्रेन के पहियों के नीचे आने से बच गया, लेकिन तेज रफ्तार से गिरने के कारण उन्हें गंभीर चोटें आईं, खासकर सिर और छाती पर।स्थानीय लोगों ने चीख-पुकार सुनकर तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल मंगल सिंह को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच में पाया कि उनकी हालत बेहद नाजुक है। चोटों की गंभीरता के कारण उन्हें इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद रात करीब 8 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। अस्पताल प्रशासन ने मृत्यु का कारण 'बहु-आघात' (मल्टीपल ट्रॉमा) बताया है।

मृतक का पारिवारिक पृष्ठभूमि;  मंगल सिंह (40) मूल रूप से धौलपुर जिले के बाड़ी तहसील के एक छोटे से गांव के निवासी थे। वे पिछले कई वर्षों से कोटा शहर में एक निजी कंपनी में मजदूरी का काम करते थे। परिवार के सदस्यों के अनुसार, मंगल सिंह विवाहित थे और उनके दो छोटे बच्चे हैं। वे नियमित रूप से कोटा से धौलपुर के बीच ट्रेन से यात्रा करते थे, लेकिन इस बार घर लौटने की जल्दी में उन्होंने स्टेशन पर उतरने का जोखिम भरा कदम उठा लिया। उनके बड़े भाई ने बताया, "मंगल घर पर बीमार मां की हालत जानने के लिए जल्दी लौटना चाहता था। हमने उसे फोन पर समझाया था कि धैर्य रखें, लेकिन..." परिवार अभी सदमे में है और शव प्राप्ति के बाद अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा है।

पुलिस जांच और प्रारंभिक कार्रवाई;  भरतपुर रेलवे पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। एसएचओ रूपवास ने बताया कि मंगल सिंह के पास से मिले परिचय पत्र और मोबाइल फोन से उनकी पहचान की पुष्टि हुई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भरतपुर मेडिकल कॉलेज भेज दिया है, जहां विस्तृत जांच के बाद मृत्यु का सटीक कारण स्पष्ट होगा। फिलहाल, यह हादसा दुर्घटना माना जा रहा है और किसी संदिग्ध परिस्थिति की आशंका नहीं है।रेलवे अधिकारियों ने भी इस घटना पर संज्ञान लिया है। कोटा-धौलपुर रूट पर चलने वाली ट्रेनों के यात्रियों को स्टेशनों पर उतरने से पहले सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है। रेलवे ने घोषणा की है कि रूपवास जैसे छोटे स्टेशनों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे और यात्रियों को जागरूक करने के लिए वीडियो संदेश चलाए जाएंगे।

विशेषज्ञों की राय: ट्रेन हादसों का बढ़ता खतरा यह घटना राजस्थान में हाल के वर्षों में बढ़ते रेल हादसों की याद दिलाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, 70% से अधिक ट्रेन दुर्घटनाएं यात्रियों की जल्दबाजी या स्टेशन पर गलत उतरने की कोशिश से होती हैं। रेल मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में ही देशभर में 500 से अधिक ऐसे मामले दर्ज हुए, जिनमें 200 से ज्यादा मौतें हुईं। डॉक्टरों का कहना है कि ट्रेन से गिरने पर सिर की चोटें घातक साबित होती हैं, क्योंकि गति के कारण शरीर पर पड़ने वाला प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।

परिवार और समाज का दर्द;  मंगल सिंह के परिवार के लिए यह क्षण बेहद दुखदायी है। गांव में उनके अंतिम संस्कार को लेकर तैयारियां चल रही हैं, और स्थानीय प्रशासन ने परिवार को सरकारी सहायता का आश्वासन दिया है। पड़ोसियों ने बताया कि मंगल सिंह एक मेहनती और परिवार के प्रति समर्पित व्यक्ति थे। उनकी अचानक मौत ने पूरे गांव को शोक की लहर में डुबो दिया है।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.