भरतपुर में खड़े ऑटो में लगी भीषण आग: 10 मिनट में जलकर राख, ड्राइवर और बेटी की आंखों के सामने सब कुछ स्वाहा

भरतपुर के बयाना में खड़े ऑटो में शॉर्ट सर्किट से आग लगी, गैस सिलेंडर होने से खतरा बढ़ा लेकिन कोई हताहत नहीं; 10 मिनट में ऑटो राख, ड्राइवर मुनीम गुर्जर और बेटी रोते रहे।

Nov 16, 2025 - 14:53
भरतपुर में खड़े ऑटो में लगी भीषण आग: 10 मिनट में जलकर राख, ड्राइवर और बेटी की आंखों के सामने सब कुछ स्वाहा

भरतपुर (बयाना), 16 नवंबर 2025: राजस्थान के भरतपुर जिले के बयाना थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक खड़े ऑटो रिक्शा में अचानक आग लग गई। मात्र 10 मिनट के अंदर पूरा ऑटो जलकर राख हो गया। ऑटो के अंदर रखा गैस सिलेंडर होने के बावजूद गनीमत रही कि घटना के समय वाहन में कोई सवार नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। ऑटो मालिक मुनीम गुर्जर और उनकी छोटी बेटी घटना स्थल पर पहुंचकर रोते-बिलखते रहे, लेकिन कुछ नहीं कर पाए। ग्रामीणों ने आग बुझाने की भरसक कोशिश की, मगर तेजी से फैलती लपटों के आगे सब बेबस हो गए।

घटना का विवरण: शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई आग ऑटो मालिक मुनीम गुर्जर (उम्र करीब 40 वर्ष), जो कानावर गांव (थाना बयाना) के निवासी हैं, ने बताया कि शनिवार देर शाम वह अपने ऑटो को चलाकर घर लौट रहे थे। रास्ते में गांव के पास एक जगह पर ऑटो रोककर वे कुछ देर के लिए रुके। तभी अचानक वाहन में शॉर्ट सर्किट हो गया। देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगीं और पूरा ऑटो धधक उठा। मुनीम ने बताया, "मैं ऑटो चलाकर थक गया था, इसलिए गांव के पास रुक गया। अचानक धुआं निकलने लगा और फिर आग लग गई। मैंने चिल्लाकर आसपास के लोगों को बुलाया, लेकिन तब तक आग बहुत फैल चुकी थी।" उनके अनुसार, ऑटो में एक छोटा गैस सिलेंडर रखा हुआ था, जो घरेलू उपयोग के लिए था। सिलेंडर फटने की आशंका से सभी डर गए, लेकिन खुशकिस्मती से विस्फोट नहीं हुआ।ग्रामीणों की कोशिश और बेबसीघटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण और मुनीम के परिजन मौके पर पहुंच गए। लोगों ने बाल्टियों से पानी डालकर, मिट्टी फेंककर और कपड़ों से आग दबाने की कोशिश की, लेकिन आग की रफ्तार इतनी तेज थी कि 10 मिनट में ही ऑटो पूरी तरह जलकर खाक हो गया। एक प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीण ने कहा, "हमने बहुत कोशिश की, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया। सिलेंडर की वजह से सभी दूर खड़े हो गए, डर था कि कहीं धमाका न हो जाए।"मुनीम की छोटी बेटी (उम्र करीब 8-10 वर्ष) भी घटना स्थल पर पहुंची और पिता के साथ रोने लगी। ऑटो उनकी रोजी-रोटी का सहारा था, जिसके जलने से परिवार पर आर्थिक संकट आ गया है। मुनीम ने बताया कि यह ऑटो उनकी जिंदगी की कमाई थी, अब सब कुछ खत्म हो गया।

पुलिस और फायर ब्रिगेड की भूमिका;  बयाना थाना पुलिस को सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आग बुझ चुकी थी। पुलिस ने घटना स्थल का मुआयना किया और शॉर्ट सर्किट को प्रारंभिक कारण माना। फायर ब्रिगेड को बुलाया गया, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण देरी से पहुंची। थाना प्रभारी ने बताया, "हमने मामले की जांच शुरू कर दी है। ऑटो में रखा सिलेंडर अवैध नहीं था, लेकिन वाहनों में गैस सिलेंडर रखना जोखिम भरा होता है। मालिक से पूछताछ की जा रही है।"

विशेषज्ञों के अनुसार, पुराने ऑटो रिक्शा में वायरिंग खराब होने से शॉर्ट सर्किट आम समस्या है, खासकर गर्मियों या लंबे सफर के बाद। ऑटो में गैस सिलेंडर रखना भी खतरनाक साबित हो सकता है, जैसा कि इस घटना में देखने को मिला। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि ऐसे वाहनों की नियमित जांच जरूरी है।यह घटना भरतपुर जिले में वाहन सुरक्षा को लेकर एक चेतावनी है। मुनीम गुर्जर जैसे कई ड्राइवरों के लिए ऑटो ही परिवार का पालन-पोषण करता है, लेकिन एक पल की लापरवाही सब कुछ छीन लेती है। पुलिस ने मालिक को बीमा क्लेम की सलाह दी है, अगर ऑटो इंश्योर्ड था तो।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.