बाड़मेर में दिसंबर से तेज होगी सर्दी: तापमान 15 डिग्री तक गिरा, रबी फसलों को मिलेगा फायदा
बाड़मेर में पिछले तीन दिनों में तापमान में 3 डिग्री की गिरावट आई है। न्यूनतम तापमान 15 डिग्री तक पहुँच गया है। दिसंबर में सर्दी और तेज होगी। ठंड का यह असर रबी फसलों, खासकर गेहूं, चना और सरसों के लिए फायदेमंद रहेगा। किसानों में खुशी का माहौल है।
बाड़मेर, 24 नवंबर 2025: राजस्थान के बाड़मेर जिले में सर्दी ने अब पूरी तरह से दस्तक दे दी है। पिछले तीन दिनों में दिन के तापमान में करीब तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे अब दोपहर के समय भी ठंड का एहसास होने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री नीचे 25 डिग्री के आसपास घूम रहा है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि दिसंबर माह में सर्दी और तेज हो जाएगी, जिससे तापमान में और गिरावट आएगी। यह बदलाव न केवल स्थानीय लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण होगा, बल्कि रबी फसलों के लिए वरदान साबित हो सकता है।
तापमान में लगातार गिरावट: दिन-रात दोनों समय ठंड बढ़ी बाड़मेर में नवंबर के अंतिम सप्ताह में मौसम ने करवट ले ली है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 14 से 16 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। उदाहरण के लिए, बाड़मेर शहर में सोमवार को न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो पिछले हफ्ते के औसत से दो डिग्री कम है। अधिकतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस पर अटक गया, जिससे दोपहर में भी लोग गर्म कपड़ों का सहारा लेने लगे हैं।मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, यह गिरावट पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हो रही है। उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण ठंडी हवा का प्रवाह तेज हो गया है, जो जिले को और ठंडा कर रहा है। पिछले 72 घंटों में औसतन प्रतिदिन 1 डिग्री की गिरावट देखी गई है। ग्रामीण इलाकों जैसे बायतु, सेड़वा और धोरिमना में स्थिति और भी कठिन है, जहां न्यूनतम तापमान 13 डिग्री तक लुढ़क चुका है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि सुबह-शाम कोहरे की चादर छाने लगी है, जिससे दृश्यता प्रभावित हो रही है।
दिसंबर में सर्दी का प्रकोप: तापमान 10 डिग्री तक नीचे संभव मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, दिसंबर के पहले सप्ताह से ही सर्दी का असर और गहरा हो जाएगा। अनुमानित पूर्वानुमान में न्यूनतम तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना जताई गई है, जबकि अधिकतम तापमान 20 डिग्री के आसपास रहेगा। यदि पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव बना रहा, तो जिले के उत्तरी हिस्सों में हल्की बर्फबारी या ओलावृष्टि भी हो सकती है। यह सर्दी का दौर जनवरी तक जारी रहने का अनुमान है, जब तापमान शून्य के नजदीक पहुंच सकता है। विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे गर्म कपड़े, ऊनी सामान और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतें। खासकर बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाने के लिए घरों में हीटर या अंगीठी का उपयोग करने की सिफारिश की गई है। यातायात के लिहाज से भी चेतावनी जारी की गई है, क्योंकि कोहरा सड़क हादसों का कारण बन सकता है।
रबी फसलों के लिए सकारात्मक संकेत: उपज में वृद्धि की उम्मीद सर्दी की इस तेजी से बाड़मेर के किसानों को बड़ी राहत मिली है। जिले में रबी मौसम की प्रमुख फसलें जैसे गेहूं, सरसों, चना और जौ की बुआई नवंबर-दिसंबर में की जाती है। ठंडा मौसम इन फसलों के लिए आदर्श होता है, क्योंकि कम तापमान पौधों की जड़ों को मजबूत बनाता है और कीटों-पतंगों से बचाव करता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यदि दिसंबर में तापमान 10-15 डिग्री के बीच स्थिर रहा, तो फसल की उपज में 15-20 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है।बाड़मेर जिले में करीब 2.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में रबी फसलों की बुआई का लक्ष्य रखा गया है। सरसों की फसल, जो तिल्हन का प्रमुख स्रोत है, को विशेष लाभ मिलेगा। किसान संगठनों ने बताया कि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार बुआई बेहतर हुई है, और सर्दी का समय पर आना किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला रहा है। हालांकि, सिंचाई की कमी एक चुनौती बनी हुई है, इसलिए जल संरक्षण पर जोर दिया जा रहा है। कृषि विभाग ने मिट्टी परीक्षण शिविर लगाने और उर्वरकों के वितरण को तेज करने की योजना बनाई है।