बाड़मेर में कोर्ट का फरार स्थाई वारंटी दानाराम गिरफ्तार: 5 हजार रुपये का इनाम घोषित था, पूछताछ जारी
बाड़मेर जिले की सेड़वा पुलिस ने एरिया डोमिनेशन अभियान के दौरान लंबे समय से कोर्ट से फरार चल रहे स्थाई वारंटी दानाराम को गिरफ्तार किया। आरोपी पर 5 हजार रुपये का इनाम घोषित था। वह बार-बार पेशी से बच रहा था। फिलहाल पूछताछ जारी है।
बाड़मेर, 1 दिसंबर 2025: राजस्थान के बाड़मेर जिले में सेड़वा पुलिस ने एक लंबे समय से कोर्ट के फरार चल रहे आरोपी को एरिया डोमिनेशन अभियान के दौरान गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी का नाम दानाराम है, जो स्थाई वारंट का सामना कर रहा था। आरोपी पर कोर्ट ने 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, और वह लगातार पेशी पर गैरहाजिर रहने के कारण कानूनी कार्रवाई की जद में था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से गहन पूछताछ शुरू कर दी है, जिसमें उसके आपराधिक इतिहास और अन्य संभावित गतिविधियों का पता लगाया जा रहा है।
घटना का पृष्ठभूमि और आरोपी का इतिहास दानाराम निवासी बाड़मेर जिले के सेड़वा क्षेत्र का रहने वाला है। उसके खिलाफ स्थानीय अदालत में एक गंभीर मामला दर्ज है, जो संभवतः धोखाधड़ी, संपत्ति विवाद या अन्य आपराधिक गतिविधि से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है। सटीक विवरण के अनुसार, आरोपी को कई बार समन जारी किए गए थे, लेकिन वह बार-बार पेशी पर हाजिर नहीं हुआ। इस कारण कोर्ट ने उसके खिलाफ स्थाई वारंट जारी कर दिया था, जो एक गंभीर कानूनी कदम है। स्थाई वारंट के तहत आरोपी को कहीं भी गिरफ्तार करने और हिरासत में लेने का आदेश होता है।आरोपी के फरार होने की अवधि कम से कम एक वर्ष से अधिक बताई जा रही है। इस दौरान वह क्षेत्र में छिपा-छिपी करता रहा और पुलिस की नजरों से बचने के लिए अलग-अलग ठिकानों पर डेरा डालता रहा। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, दानाराम का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से ही विवादास्पद रहा है, जिसमें छोटे-मोटे अपराधों से लेकर कोर्ट के आदेशों की अवहेलना तक के मामले शामिल हैं। कोर्ट ने उसके फरार होने पर 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जो स्थानीय पुलिसकर्मियों और मुखबिरों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रोत्साहन था। यह इनाम राशि आरोपी को पकड़ने वाले व्यक्ति को दी जाती, जिससे पुलिस की तत्परता बढ़ी।
पुलिस की कार्रवाई: एरिया डोमिनेशन अभियान का सफल परिणाम बाड़मेर जिले में अपराध नियंत्रण और फरार अपराधियों को पकड़ने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान 'एरिया डोमिनेशन' के तहत सेड़वा थाना पुलिस ने यह सफल कार्रवाई की। यह अभियान जिले के संवेदनशील इलाकों में नियमित गश्त, मुखबिरों की मदद और खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य फरार वारंटियों को चिन्हित करना और उन्हें न्याय के कटघरे में लाना है, ताकि कानून का राज कायम रहे।गिरफ्तारी की कार्रवाई सोमवार देर रात या मंगलवार सुबह के आसपास हुई, जब पुलिस टीम ने आरोपी के संभावित ठिकाने पर छापा मारा। मुखबिरों की टिप्स के आधार पर सेड़वा पुलिस ने आरोपी को उसके छिपने के स्थान से धर दबोचा। आरोपी के पास से कोई हथियार या संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई, लेकिन उसकी तलाशी ली गई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। थाना प्रभारी ने बताया कि यह अभियान जिले भर में जारी रहेगा, और अन्य फरार अपराधियों को भी जल्द पकड़ा जाएगा।
कोर्ट की भूमिका और इनाम की घोषणा बाड़मेर की स्थानीय अदालत ने आरोपी के खिलाफ स्थाई वारंट जारी करते हुए साफ निर्देश दिए थे कि उसे तुरंत हिरासत में लिया जाए। कोर्ट के आदेश में उल्लेख किया गया था कि आरोपी की गैरहाजिरी से मुकदमे में देरी हो रही है, जो पीड़ित पक्ष के हित में नहीं है। इनाम की घोषणा भी इसी उद्देश्य से की गई थी, ताकि सामान्य नागरिक और पुलिसकर्मी सक्रिय रूप से आरोपी की तलाश में भाग लें। 5 हजार रुपये की यह राशि जिला पुलिस के फंड से जारी की गई थी, जो फरार अपराधियों को पकड़ने के लिए प्रोत्साहन के रूप में काम आती है।गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा, जहां स्थाई वारंट के तहत आगे की कार्रवाई होगी। संभवतः उसे न्यायिक हिरासत में भेजा जा सकता है, और मुकदमे की सुनवाई तेजी से आगे बढ़ाई जाएगी।
वर्तमान स्थिति: पूछताछ जारी, अन्य खुलासे की उम्मीद वर्तमान में सेड़वा थाने में आरोपी दानाराम से पूछताछ जारी है। पुलिस अधिकारी बता रहे हैं कि पूछताछ के दौरान आरोपी के अन्य संभावित अपराधों या सहयोगियों के बारे में जानकारी इकट्ठा की जा रही है। यह जांच महत्वपूर्ण है, क्योंकि फरार आरोपी अक्सर अन्य आपराधिक गतिविधियों में लिप्त पाए जाते हैं। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया है, लेकिन विस्तृत बयान अभी दर्ज नहीं हुआ है।पुलिस का कहना है कि यह गिरफ्तारी न केवल एक व्यक्तिगत मामले का समाधान है, बल्कि पूरे जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत करने का संदेश भी है। बाड़मेर जैसे सीमावर्ती जिले में अपराध नियंत्रण एक बड़ी चुनौती है, और ऐसी कार्रवाइयां अपराधियों में भय पैदा करती हैं।