बाड़मेर में जलदाय विभाग के कर्मचारी के साथ मारपीट: आरोपी को 15 दिन बाद गिरफ्तार, पुलिस कर रही पूछताछ
बाड़मेर जिले के धनाऊ थाना क्षेत्र में जलदाय विभाग के पंप चालक किशनाराम के साथ 8 दिसंबर को मारपीट करने और राजकीय कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोपी संतोष कुमार को पुलिस ने 15 दिन बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने वाटर बॉक्स में घुसकर कर्मचारी को ड्यूटी करने से रोका था। पुलिस पूछताछ में मारपीट की वजह का पता लगा रही है।
राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक सरकारी कर्मचारी के साथ मारपीट और राजकार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना जलदाय विभाग के एक पंप चालक के साथ हुई, जिसमें आरोपी ने वाटर बॉक्स में जबरदस्ती घुसकर कर्मचारी को ड्यूटी करने से रोका और मारपीट की। पुलिस ने तकनीकी जांच और सूचनाओं के आधार पर 15 दिन बाद आरोपी को पकड़ा। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है, ताकि मारपीट के पीछे की असली वजह का पता लगाया जा सके।
घटना का विवरण घटना 8 दिसंबर 2025 की है। जलदाय विभाग में पंप चालक के रूप में कार्यरत किशनाराम पुत्र बांकाराम (निवासी अदरीम का तला गांव, हाल बुरहान का तला) ने धनाऊ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में किशनाराम ने बताया कि आरोपी संतोष कुमार पुत्र भंवराराम (निवासी बुरहान का तला, धनाऊ) ने बुरहान का तला स्थित वाटर बॉक्स में जबरदस्ती घुसकर उनसे मारपीट की। इससे न केवल उन्हें चोटें आईं, बल्कि राजकीय कार्य (पंप संचालन और पानी की आपूर्ति संबंधी ड्यूटी) में भी बाधा पहुंची।शिकायत मिलते ही धनाऊ पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। मामला दर्ज कर जांच-पड़ताल की गई और पीड़ित कर्मचारी किशनाराम का मेडिकल परीक्षण भी करवाया गया। पुलिस ने आरोपी की तलाश में तकनीकी सहायता और स्थानीय सूचनाओं का सहारा लिया, जिसके बाद 15 दिन की मशक्कत के बाद संतोष कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस की कार्रवाई और बयान बाड़मेर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) नरेंद्र सिंह मीना ने मामले पर बयान देते हुए कहा कि आरोपी संतोष कुमार से वर्तमान में पूछताछ की जा रही है। मारपीट की घटना के पीछे क्या कारण थे, इसकी गहन जांच हो रही है। एसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि राजकार्य में बाधा और सरकारी कर्मचारी के साथ दुर्व्यवहार जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।गिरफ्तारी अभियान में धनाऊ थानाधिकारी दीपसिंह के नेतृत्व में टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल, पूनमचंद, कॉन्स्टेबल जबराराम और महिला कॉन्स्टेबल सीमा कंवर शामिल रहे। पुलिस की यह त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा और राजकीय कार्यों की निर्बाधता सुनिश्चित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।
संभावित कारण और आगे की जांच हालांकि पुलिस ने अभी मारपीट के पीछे की वजह का खुलासा नहीं किया है, लेकिन ऐसे मामलों में अक्सर स्थानीय विवाद, पानी की आपूर्ति से जुड़े मतभेद या व्यक्तिगत रंजिश सामने आते हैं। पूछताछ पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं (मारपीट, राजकार्य में बाधा आदि) के तहत चार्जशीट दाखिल की जाएगी।