बाड़मेर में फूड इंस्पेक्टर का सख्त कार्रवाई: घी-तेल के सैंपल लिए, 43 किलो अवधिपार खाद्य पदार्थों को मौके पर नष्ट किया

बाड़मेर में फूड इंस्पेक्टर ने घी, तेल और कन्फेक्शनरी के सैंपल लिए, 43 किलो अवधिपार खाद्य पदार्थ मौके पर नष्ट किए; लैब जांच के बाद कार्रवाई होगी, सीएमएचओ ने दुकानदारों को सख्त हिदायत दी।

Nov 10, 2025 - 10:54
बाड़मेर में फूड इंस्पेक्टर का सख्त कार्रवाई: घी-तेल के सैंपल लिए, 43 किलो अवधिपार खाद्य पदार्थों को मौके पर नष्ट किया

राजस्थान के बाड़मेर जिले में शुद्ध आहार और मिलावट विरोधी अभियान के तहत फूड इंस्पेक्टर ने बाजारों में छापेमारी की। इस दौरान विभिन्न दुकानों से घी, रिफाइंड मूंगफली तेल और शुगर बॉयल्ड कन्फेक्शनरी (चीनी-आधारित मिठाइयों) के सैंपल लिए गए। साथ ही, 43 किलो अवधिपार (एक्सपायरी डेट गुजर चुके) खाद्य पदार्थों को जप्त कर मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। लैबोरेटरी जांच के बाद दोषी दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. विष्णु राम विश्नोई ने दुकानदारों को सख्त हिदायत दी है कि वे अपनी दुकानों पर अवधिपार खाद्य सामग्री न रखें, अन्यथा कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

अभियान का विवरण;  बाड़मेर जिले में खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में यह अभियान लगातार चलाया जा रहा है। फूड इंस्पेक्टर की टीम ने जिले के विभिन्न बाजार क्षेत्रों जैसे सदर बाजार, बालोतरा रोड और अन्य प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में निरीक्षण किया। इस दौरान कुल 15 से अधिक दुकानों का चेकअप किया गया, जहां से निम्नलिखित सैंपल संग्रहित किए गए:

घी के सैंपल: 2 दुकानों से शुद्ध देशी घी और पैकेज्ड घी के नमूने लिए गए। इनकी जांच मिलावट के लिए की जाएगी। 

रिफाइंड मूंगफली तेल के सैंपल: 1 दुकान से रिफाइंड तेल के पैकेट लिए गए, जिनकी क्वालिटी और लेबलिंग की जांच होगी।

शुगर बॉयल्ड कन्फेक्शनरी के सैंपल: मिठाई दुकानों से चीनी-आधारित कैंडी, टॉफी और अन्य कन्फेक्शनरी आइटम्स के 4 सैंपल एकत्रित किए गए, जो अक्सर मिलावटी चीनी या रसायनों से प्रभावित पाए जाते हैं।

ये सैंपल अब सरकारी लैबोरेटरी में भेजे गए हैं, जहां उनकी रासायनिक जांच के बाद रिपोर्ट आने पर दोषी दुकानदारों के खिलाफ एफएसएसएआई एक्ट के तहत जुर्माना या लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई की जाएगी।इसके अलावा, निरीक्षण के दौरान कई दुकानों पर अवधिपार खाद्य पदार्थों का स्टॉक पाया गया। टीम ने कुल 43 किलो ऐसे सामान को जप्त किया, जिसमें मुख्य रूप से पुराने पैकेटेड स्नैक्स, बिस्किट, नमकीन और अन्य प्रोसेस्ड फूड आइटम्स शामिल थे। इन सभी को दुकान के बाहर ही नष्ट कर दिया गया, ताकि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को कोई खतरा न पहुंचे। फूड इंस्पेक्टर ने बताया कि अवधिपार सामान बेचना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह उपभोक्ताओं में फूड पॉइजनिंग, एलर्जी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।

अधिकारियों की चेतावनी और भविष्य की योजना;  सीएमएचओ डॉ. विष्णु राम विश्नोई ने इस कार्रवाई के बाद सभी दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा, "बाड़मेर जैसे रेगिस्तानी जिले में जहां पोषण की कमी पहले से ही एक चुनौती है, वहां मिलावटी या अवधिपार खाद्य पदार्थों का प्रसार अस्वीकार्य है। दुकानदारों को सलाह दी जाती है कि वे स्टॉक की वैलिडिटी डेट नियमित रूप से चेक करें और एक्सपायरी सामान तुरंत नष्ट करें। यदि ऐसा पाया गया, तो 2 लाख रुपये तक का जुर्माना और लाइसेंस निलंबन जैसी सख्त कार्रवाई होगी।"यह अभियान जिले भर में मासिक आधार पर जारी रहेगा, जिसमें स्कूल कैंटीन, होटल और बड़े सुपरमार्केट्स को भी कवर किया जाएगा। पिछले एक माह में इसी अभियान के तहत 200 किलो से अधिक अवधिपार सामान नष्ट किया जा चुका है, और 20 से अधिक सैंपल लैब में भेजे गए हैं।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.