बाड़मेर के किसान हरजीराम का खेत क्रूड ऑयल से तबाह: कंपनी ने घोषित किया रेड जोन, 50 साल तक फसल उगाना मुश्किल, तीन मकान पहले ही बदले

बाड़मेर जिले के काउखेड़ा गांव में किसान हरजीराम खोथ के 6 बीघा खेत में 23 फरवरी 2026 से केयर्न वेदांता के ऐश्वर्या वेलपैड-8 के पास क्रूड ऑयल का अनियंत्रित रिसाव हो रहा है। कंपनी ने खेत को रेड जोन घोषित कर सील कर दिया है, अब तक 50-60 से अधिक टैंकर तेल निकाला जा चुका है। 4 बीघा जमीन पूरी तरह बर्बाद हो गई, किसान का दावा है कि 50 साल तक यहां फसल नहीं उग सकती। कंपनी के ऑपरेशंस से पहले ही वे 3 मकान बदल चुके हैं, अब मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रशासन और कंपनी सर्वे कर मुआवजा देने का आश्वासन दे रही है, लेकिन लीकेज का स्रोत अभी पूरी तरह पता नहीं चला।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
February 27, 2026 • 10:43 AM  717
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राजस्थान
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बाड़मेर के किसान हरजीराम का खेत क्रूड ऑयल से तबाह: कंपनी ने घोषित किया रेड जोन, 50 साल तक फसल उगाना मुश्किल, तीन मकान पहले ही बदले
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27 Feb 2026
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बाड़मेर के किसान हरजीराम का खेत क्रूड ऑयल से तबाह: कंपनी ने घोषित किया रेड जोन, 50 साल तक फसल उगाना मुश्किल, तीन मकान पहले ही बदले

बाड़मेर, राजस्थान: बाड़मेर जिले के कवास क्षेत्र स्थित काउखेड़ा गांव में एक चौंकाने वाली घटना ने स्थानीय किसान हरजीराम खोथ की जिंदगी को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। उनके खेत से पिछले पांच दिनों से अनियंत्रित रूप से क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) का रिसाव हो रहा है। कंपनी केयर्न वेदांता (Cairn Vedanta) ने इस खेत को रेड जोन घोषित कर दिया है, जिसके कारण किसान को अपने ही खेत में प्रवेश करने की मनाही है। अब तक 60 से अधिक टैंकर भरकर क्रूड ऑयल को अन्यत्र शिफ्ट किया जा चुका है, लेकिन रिसाव पूरी तरह रुक नहीं पाया है।

घटना कैसे शुरू हुई?

हरजीराम हर साल अपने खेत में बाजरे की फसल लगाते हैं। 23 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 12 बजे केयर्न वेदांता के सिक्योरिटी गार्ड ने उन्हें सूचना दी कि उनके खेत से क्रूड ऑयल निकल रहा है। मौके पर पहुंचकर उन्होंने देखा तो 2 से 3 बीघा क्षेत्र में काला तेल फैला हुआ था। जल्द ही कंपनी के इंजीनियर और अधिकारी पहुंचे। उन्होंने बताया कि तेल का प्रेशर ज्यादा है और अगर तुरंत कदम नहीं उठाए तो यह सड़क तक फैल सकता है।

किसान की सहमति से जेसीबी मशीन से गड्ढा खोदा गया और वैक्यूम पंप की मदद से टैंकरों में तेल भरा जाने लगा। कंपनी ने खेत में रेत डालकर तेल को दबाने की कोशिश की, लेकिन तेल अभी भी रेत से बाहर निकल रहा है। जमीन जगह-जगह धंस रही है, जिससे स्थिति और खतरनाक हो गई है। कंपनी ने दो सिक्योरिटी गार्ड तैनात कर खेत को सील कर दिया है और किसी भी व्यक्ति की आवाजाही पर रोक लगा दी है।

किसान की जमीन और आजीविका पर असर

हरजीराम की कुल 6 बीघा जमीन है, जिसमें से लगभग 4 बीघा क्रूड ऑयल से पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है। उनका कहना है कि पूरा खेत अब खेती के लायक नहीं रहा। तेल के रिसाव से मिट्टी इतनी प्रदूषित हो गई है कि अगले 50 साल तक यहां कोई फसल नहीं उग सकती। जमीन को दोबारा उपजाऊ बनाने के लिए नई मिट्टी डालनी होगी या भारी मात्रा में खाद इस्तेमाल करनी होगी, लेकिन यह खर्चा वे वहन नहीं कर सकते।पिछले साल इसी खेत से उन्होंने 50 बोरी बाजरा प्राप्त किया था, लेकिन अब सब कुछ बर्बाद हो गया है।

कंपनी के कारण पहले ही तीन मकान बदले

हरजीराम का आरोप है कि केयर्न वेदांता के ऑयल फील्ड (ऐश्वर्या वेलपैड) के कारण वे पहले ही तीन बार मकान बदल चुके हैं और यह उनका चौथा मकान है। आसपास 6 चिमनियां लगी हैं, जहां ब्लास्टिंग से घरों में कंपन होता है और दीवारों में दरारें आ जाती हैं। परिवार की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें बार-बार स्थान बदलना पड़ा।

मुआवजे को लेकर क्या स्थिति?

किसान का कहना है कि कंपनी से अब तक मुआवजे पर कोई ठोस बात नहीं हुई। अधिकारियों ने कहा है कि लैंड सर्वे टीम भेजी जाएगी, सर्वे के बाद मुआवजा दिया जाएगा। तहसीलदार और पटवारी मौके पर पहुंचे और मध्यस्थता करते हुए आश्वासन दिया कि कंपनी को दो दिन का समय दें, रिसाव रुकने के बाद मीटिंग कर मुआवजा दिलाया जाएगा।कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि खेत रेड जोन में है, इसलिए इसे कंट्रोल में लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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