राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रचंड हेलिकॉप्टर में उड़ान भरकर रचा इतिहास: देश की पहली राष्ट्रपति बनीं को-पायलट, सैनिकों को दिया भावुक संदेश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 27 फरवरी 2026 को राजस्थान के जैसलमेर एयर फोर्स स्टेशन से स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर 'प्रचंड' में को-पायलट के रूप में उड़ान भरी, जो देश की पहली राष्ट्रपति बनकर इतिहास रच दिया। 25 मिनट की इस उड़ान में उन्होंने सोनार दुर्ग और सीमावर्ती क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया तथा रेडियो पर देश को संदेश दिया- "प्रचंड आत्मनिर्भरता का प्रतीक है, वीर सैनिकों को धन्यवाद। जय हिंद, जय भारत।" शाम को वे पोकरण में 'वायु शक्ति-2026' युद्धाभ्यास की साक्षी बनीं।

Feb 27, 2026 - 11:14
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रचंड हेलिकॉप्टर में उड़ान भरकर रचा इतिहास: देश की पहली राष्ट्रपति बनीं को-पायलट, सैनिकों को दिया भावुक संदेश

नई दिल्ली/जैसलमेर, 27 फरवरी 2026: भारत की राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू ने आज राजस्थान के जैसलमेर एयर फोर्स स्टेशन से स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (LCH) 'प्रचंड' में उड़ान भरकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। वे इस स्वदेशी लड़ाकू हेलिकॉप्टर में को-पायलट की भूमिका निभाने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बनीं। इससे पहले उन्होंने सुखोई-30 एमकेआई और राफेल जैसे लड़ाकू विमानों में भी उड़ान भरी थी, लेकिन प्रचंड में यह उनकी पहली सैर थी।

राष्ट्रपति मुर्मू शुक्रवार सुबह करीब 9:15 बजे जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पहुंचीं। यहां एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया और हेलिकॉप्टर की तकनीकी विशेषताओं तथा क्षमताओं की विस्तृत ब्रीफिंग दी। इसके बाद सुबह लगभग 10:15 बजे ग्रुप कैप्टन एन.एस. बहुआ के साथ वे प्रचंड के कॉकपिट में सवार हुईं। उड़ान लगभग 25 मिनट तक चली, जिसमें राष्ट्रपति ने सीमावर्ती क्षेत्रों, जैसलमेर के प्रसिद्ध सोनार दुर्ग (सोनार किले) के ऊपर से गुजरते हुए और पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज का हवाई सर्वेक्षण किया।

उड़ान के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने हेलिकॉप्टर के रेडियो माध्यम से पूरे देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा, "मैं आज प्रचंड हेलिकॉप्टर में उड़ान भर रही हूं। प्रचंड हेलिकॉप्टर आत्मनिर्भरता का प्रबल प्रतीक है। मैं इस समय जैसलमेर के प्रसिद्ध किले के ऊपर से उड़ान भर रही हूं। मैं देश के वीर सैनिकों को गर्व के साथ धन्यवाद देती हूं। मेरा सभी को प्यार भरा नमस्कार। जय हिंद, जय भारत।" इस संदेश ने सीमा पर तैनात सैनिकों के बीच जोश और उत्साह भर दिया। उन्होंने हेलिकॉप्टर से सैल्यूट भी किया, जो उनकी सैन्य सम्मान की भावना को दर्शाता है।

प्रचंड हेलिकॉप्टर भारत का पहला स्वदेशी हल्का लड़ाकू हेलिकॉप्टर है, जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने विकसित किया है। यह उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में प्रभावी ऑपरेशन के लिए डिजाइन किया गया है और आधुनिक हथियारों से लैस है। तीन साल पहले नवरात्रि के अष्टमी पर राजस्थान की धरती से ही इसे वायुसेना में शामिल किया गया था, जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इसमें उड़ान भरी थी। उन्होंने तब इसे "भारत का विजय रथ" बताया था और कहा था कि यह दुश्मनों को आसानी से चकमा दे सकता है।

उड़ान के बाद राष्ट्रपति शाम करीब 5 बजे पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज पहुंचीं, जहां भारतीय वायुसेना का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास 'वायु शक्ति-2026' आयोजित हुआ। इस अभ्यास में वायुसेना के विभिन्न लड़ाकू विमान जैसे राफेल, मिराज, मिग-29 आदि ने अपनी मारक क्षमता और सटीक लक्ष्य भेदन का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद रहे।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.