नागौर के गोटन में 9 वर्षीय छात्रा दिव्या की हार्ट अटैक से दर्दनाक मौत: स्कूल ग्राउंड में खेलते समय अचानक गिरी, बड़े भाई की भी चार महीने पहले इसी तरह गई थी जान
राजस्थान के नागौर जिले के गोटन कस्बे के गोटन इंटरनेशनल स्कूल में 23 फरवरी 2026 की सुबह 9 वर्षीय छात्रा दिव्या बापेडिया खेलते समय अचानक बेहोश होकर गिर गईं। स्कूल स्टाफ ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने कार्डियक अरेस्ट से मौत घोषित कर दी। महज चार महीने पहले उनके बड़े भाई अभिषेक की भी घर पर खेलते समय इसी तरह हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। परिवार ने पोस्टमॉर्टम नहीं कराया। यह दोहरी त्रासदी पूरे क्षेत्र में शोक की लहर ला दी है और बच्चों में बढ़ते हृदय जोखिमों पर सवाल उठा रही है।
राजस्थान के नागौर जिले के गोटन कस्बे में एक बेहद हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। यहां गोटन इंटरनेशनल स्कूल की 9 साल की छात्रा दिव्या बापेडिया की कार्डियक अरेस्ट (हार्ट अटैक) से मौत हो गई। यह घटना 23 फरवरी 2026 की सुबह करीब 7:48 बजे हुई, जब बच्ची स्कूल के ग्राउंड में अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। अचानक वह बेहोश होकर गिर पड़ी। स्कूल स्टाफ ने तुरंत उसे संभाला और गोटन के राजकीय अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दिव्या तालनपुर गांव निवासी राजेंद्र बापेडिया की बेटी थी और पांचवीं कक्षा में पढ़ रही थी। स्कूल डायरेक्टर रामकुंवार ओला के अनुसार, उस दिन भी दिव्या रोजाना की तरह स्कूल आई थी। प्रार्थना सभा (प्रेयर) शुरू होने में अभी समय था और बच्चे आ रहे थे। कुछ बच्चे ग्राउंड में खेल रहे थे, जिसमें दिव्या भी शामिल थी। खेलते-खेलते ही वह लड़खड़ाकर गिर गई। स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। स्टाफ ने परिवार को सूचना दी और बिना देर किए बच्ची को अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।
डॉक्टरों की प्राथमिक जांच में शरीर पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं मिले। मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया है। परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद शव परिवार को सौंप दिया गया।
यह दुखद घटना इसलिए और भी पीड़ादायक है क्योंकि महज चार महीने पहले दिव्या के बड़े भाई अभिषेक की भी इसी तरह अचानक मौत हुई थी। 9 सितंबर 2025 को घर पर खेलते समय अभिषेक बेहोश हो गया था। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उस समय भी मौत का कारण हार्ट अटैक ही बताया गया था। इस तरह एक परिवार ने मात्र चार महीनों के अंदर अपनी दोनों संतानों को खो दिया है। परिजन गम में डूबे हुए हैं और गांव में शोक का माहौल है।