अजमेर में पुजारी का अदम्य साहस: चोर पर सरिए से हमला होने के बावजूद नहीं छोड़ा, मंदिर से चुराई नकदी के साथ रंगे हाथों पकड़ा
अजमेर के बलदेव नगर स्थित अंबिकेश्वर महादेव मंदिर में रात करीब 2 बजे तीन चोरों ने दान पात्र तोड़कर नकदी चुराई। पुजारी तेजबहादुर उर्फ चंद्रप्रकाश ने एक चोर को पकड़ लिया। चोर ने सरिए से हमला किया, पुजारी घायल हुए लेकिन नहीं छोड़ा। स्थानीय लोगों की मदद से चोर को पुलिस के हवाले किया गया। दो साथी फरार, पुलिस जांच जारी।
अजमेर शहर के बलदेव नगर इलाके में स्थित अंबिकेश्वर महादेव मंदिर में बुधवार रात एक बड़ी चोरी की घटना हुई, जिसमें पुजारी के साहस और हिम्मत ने एक चोर को रंगे हाथों पकड़ लिया। तीन चोरों ने मंदिर का दान पात्र तोड़कर नकदी चुराई, लेकिन पुजारी तेजबहादुर उर्फ चंद्रप्रकाश ने एक आरोपी को नहीं छोड़ा, भले ही उसने सरिए से उन पर हमला कर दिया हो।
घटना की पूरी जानकारी इस प्रकार है:
रात करीब 2 बजे पुजारी शौचालय के लिए उठे तो उन्हें मंदिर का गेट खुला दिखा। उन्होंने देखा कि तीन युवक भाग रहे थे। पुजारी ने तुरंत पीछा किया और दो युवक तो फरार हो गए, लेकिन एक को उन्होंने सफलतापूर्वक पकड़ लिया।
पकड़े गए चोर ने भागने के लिए पास पड़ा सरिया उठाया और पुजारी पर हमला कर दिया। इस हमले में पुजारी के हाथ में चोट आई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और चोर को दबोचे रखा। पुजारी के जोर-जोर से चिल्लाने पर आस-पास के स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने मिलकर चोर को काबू में किया और उसकी तलाशी ली। तलाशी में उसकी जेब से चुराई गई नकदी बरामद हुई।
इसके बाद चोर को कृष्णगंज थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। स्थानीय पार्षद रमेश चेलानी ने भी घटना की पुष्टि की और बताया कि आरोपी को पुलिस सुपुर्द कर दिया गया है।
पुलिस ने मामले की शिकायत पर तुरंत जांच शुरू कर दी है। पकड़े गए आरोपी से पूछताछ की जा रही है, ताकि चोरी के अन्य पहलुओं का खुलासा हो सके। पुलिस ने स्थानीय लोगों को भरोसा दिलाया है कि फरार दोनों साथियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुजारी तेजबहादुर ने बताया कि मंदिर बलदेव नगर की गली नंबर 3 में स्थित है। चोरों ने दान पात्र को तोड़कर उपलब्ध नकदी चुराई थी। पुजारी का यह साहसिक कार्य क्षेत्र में सराहा जा रहा है, क्योंकि आमतौर पर ऐसी घटनाओं में लोग डर के मारे चुप रह जाते हैं, लेकिन यहां पुजारी ने न केवल अपनी जान जोखिम में डाली, बल्कि धर्म स्थल की रक्षा भी की।